रविवार, 13 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-7 : बहुजन समाज पार्टी---दिल्ली दूर ही रहेगी

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-7| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-7 में बहुजन समाज पार्टी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 27 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
स्थापना-दिनांक:-14-04-1984
मूलांक:-5            भाग्यांक:-4           आयु अंक:-4 (31 वाँ वर्ष)            नामांक:-2              स्थापना का चलित अंक:-9 (+)               चलित दशा:-अंक 4 (वर्ष 2012 से वर्ष 2015 तक)

बहुजन समाज पार्टी का मूलांक 5 वृहदंक 14 से बना है| अंक 1 व अंक 4 में परस्पर पितृ दोष है| इनके साथ इस वृहदंक के मूलांक 5 की युति अस्थिरताकारक है| अंक 1, अंक 4 व अंक 5 का यह त्रिकोण बहुत विचित्र है| इस कारण इस पार्टी का कोई भरोसा नहीं कि कब किसके साथ आ जाए या कब किससे अलग हो जाए| यही कारण है कि यह पार्टी जब-जब भी किसी पार्टी के साथ सत्ता की 'ड्राइविंग सीट' पर रहेगी, तब तक तो ठीक है; किन्तु जैसे ही सीट बदलनी होगी तो यह अस्थिरता वाली बात हावी हो जाएगी और वह साथ छूट जाएगा| यह मूलांक 5 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति विचलनकारी है| इसी कारण यह पार्टी देश की सत्ता के लिए भले ही चाहे कितनी दौड़ लगाए, किन्तु यह विचलन उसे वहाँ तक पहुँचने में सफल नहीं होने देगा| '08-08-08' के विशेष अवसर पर दिनांक 08 अगस्त, 2008 को B TV NEWS (जयपुर) से प्रसारित हमने अपने साक्षात्कार में यह साफ़-साफ़ कहा है कि इस पार्टी की प्रमुख मायावती देश की प्रधानमंत्री नहीं बन पाएँगी| इस पार्टी के मूलांक 5, आयु अंक 4 और देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4, इसके भाग्यांक 4 व चलित दशा के अंक 4 में मित्र युति है| यह चलित के कुछ प्रतिशत इसके पक्ष में होना बताती है| इसका मूलांक 5 इसके नामांक 2 व चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| स्त्री अंक 2 व 7 की अनुकूलता मनोवांछा पूर्ति में सहायक होती है| बसपा के नामांक 2 व चुनावी वर्षांक 7 में परस्पर विरोधी युति है| इस कारण अंक 2, अंक 5 व अंक 7 की युति यहाँ आंशिक सहयोगकारी रूप में है| इसका तात्पर्य यह है कि बसपा की बड़ी मनोवांछा यानि अपना प्रधानमंत्री बनवाना तो पूरी नहीं होगी; किन्तु छोटी मनोवांछा यानि लोकसभा में अपनी सीटें बढ़ाना, यह पूरी हो जाए|
                  बसपा की स्थापना का चलित अंक 9 व इसके भाग्यांक और देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बनता है| चुनावी लड़ाई के दृष्टिकोण से यह युति कोई अच्छी नहीं कही जा सकती|  यह अंक 9 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनता है, इस कारण कुछ लाभ सम्भव है| बसपा का भाग्यांक 4, आयु अंक 4 व चलित दशा का अंक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी है| साथ ही यह देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| इस कारण अभी तो बसपा के लिए समय पक्षकारी नहीं है| इसका आयु अंक 4 व भाग्यांक 4, दोनों ही वृहदंक 31 से बनाते हैं| अंक 1 नेतृत्व व अंक 3 मित्रता व निर्णय का है| इसकी प्रबलता के कारण यहाँ अनुकूलता की स्थिति बन रही है| अंक 1, अंक 3 व अंक 4 का त्रिकोण यह बताता है कि इस पार्टी को इन चुनावों में अपेक्षाकृत अनुकूलता सम्भव है; किन्तु पितृ दोष के कारण यह अनुकूलता नष्टप्रायः हो जाती है| यहाँ इस पार्टी के नामांक २ की युति भी जाँची जाए तो निष्कर्ष यह निकलता है कि यह पार्टी जब-जब भी किसी पार्टी के साथ मित्रतापूर्ण सम्बन्ध/गठबंधन बनेगी, तब-तब वह मित्रतापूर्ण सम्बन्ध/गठबंधन बेमौत मरेगा यानि पूरा नहीं होगा|

                   बसपा का भाग्यांक 4, चलित दशा का अंक 4 व आयु अंक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह बात बसपा के लिए शुभ है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 रक्त-सम्बन्ध/अति विश्वसनीयता का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि इस पार्टी को मायावती के रक्त-सम्बन्धियों और अति निकट के लोगों के कारण परेशानी/अपयश/पराजय/प्रतिकूलता का सामना करना पड़ सकता है| यहाँ बसपा के नामांक 2 के समीकरण भी संलग्न कर लिए जाएँ तो मामला विचित्र हो जाता है| अंक 2 स्त्री अंक है| ऐसे में स्त्री प्रधानता वाली इस पार्टी में चुनावों के दौरान या चुनावों के बाद विचित्र स्थिति बन सकती है; या इसकी मुखिया मायावती समर्थन देने या लेने के मामले में कोई ऐसा क़दम उठा सकती हैं कि जो नितांत अनपेक्षित हो| कुल मिलाकर स्थिति यह बन रही है कि इन लोकसभा चुनावों के बाद बसपा दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ नहीं हो पाएगी| इसके लिए अभी 'दिल्ली दूर' रहेगी| 
                    अगले अंक में बात करेंगे बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती की| ............ जय श्री राम|