मंगलवार, 22 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-19----नरेंद्र मोदी : स्त्री अंकों की बाधा

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला की अंतिम कड़ी के रूप में भाग-19| इस भाग में हम बात करते हैं भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| यह बात हमारे द्वारा प्रकाशित होने वाले अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित देश के एकमात्र अख़बार ‘अंक प्रभा’ के फरवरी, 2013 के अंक में और हमारे ब्लॉगों पर दिनांक 15 जनवरी, 2013 को कुछ इसी रूप में प्रकाशित हो चुकी है|        
             
  जन्म-दिनांक:-17-09-1950
मूलांक:-8                भाग्यांक:-5                आयु अंक:-1 (64 वाँ वर्ष)                 नामांक:-9 (नरेंद्र दामोदरदास मोदी)           नामांक:-5 (नरेंद्र मोदी)                 जन्म का चलित अंक:-5 (-)                 चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)

                गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरा नाम ‘नरेन्द्र दामोदरदास मोदी’ है| हमने यहाँ गणना में इसी नाम को काम लिया है| सबसे पहले तो हम इन्हें यही राय देंगे कि ये अपना नाम 'नरेंद्र मोदी' कि बजाय 'नरेंद्र दामोदरदास मोदी' लिखें| 'नरेंद्र मोदी' का मूलांक बनता है-5| इसका वृहदंक है-41| यहाँ पितृदोष युति बनी है और वह भी अस्थिरताकारी| यह तो वही बात हुई कि 'करेला और नीम चढ़ा'| इसी के कारण मोदी के अपने/पार्टी के पितृ पुरुषों के साथ पंगे होते हैं| 'नरेंद्र दामोदरदास मोदी' का मूलांक बनता है-9| इसका वृहदंक है-72| यहाँ अंक 9 बनना और वह भी स्त्री अंकों से| इसे कहेंगे 'चुपड़ी और दो-दो'| ये दोनों ही बातें मोदी के लिए बहुत शुभ हैं| यह 'नरेंद्र मोदी' नाम के अंकों का ठीक विपरीत है| ऐसा करने से मोदी के स्त्री अंकों वाली बाधा भी नियंत्रित हो जाएगी| अब मोदी को इसके अलावा और क्या चाहिए? तो अब लगे हाथों मोदी के यहाँ इस स्त्री बाधा की चर्चा भी कर लेते हैं| स्त्री अंकों की बाधा का मतलब चार प्रकार से है| (1) सशरीर स्त्री बाधा, मतलब कोई स्त्री ही प्रधानमंत्री बन जाए या कोई स्त्री मोदी को प्रधानमंत्री न बनाए जाने को लेकर अड़ कर बैठ जाए या कोई स्त्री अपने दल समर्थन देने की शर्त मोदी को प्रधानमंत्री न बनाया जाना रख दे (2) साथ आने के लिए अन्य दल मोदी को प्रधानमंत्री न बनाये जाने की शर्त रख दे (3) अपने ही दल के साथी मोदी को प्रधानमंत्री न बनाये जाने के लिए अड़ जाएँ (4) स्त्री अंकों वाले पुरुष अपनी भूमिका में मोदी के विमुख हो जाएँ| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता वाले दो वाले लोगों पर विशेष ध्यान देना होगा| पहले तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख श्री मोहन भगवत (मूलांक 2 व भाग्यांक 8) और दूसरे श्री लालकृष्ण अडवाणी (मूलांक 8 व भाग्यांक 2)| इनके मूलांक-भाग्यांक मिल कर एक शृंखला बनाते हैं| अतः चुनावी-परिणाम आने के बाद देश का अगला प्रधानमंत्री बनाये जाने के मामले में इन दोनों की बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका रह सकती है|                 
                   मोदी का जन्म का मूलांक 8 बना है 17 से| यहाँ नेतृत्व और सत्ता के प्रतिनिधि पुरुष अंक 1 के साथ स्त्री अंक 7 की युति बन रही है| यह युति अच्छी नहीं होती है| यह स्त्री अंक खराब कर देती है| नरेन्द्र मोदी के यहाँ भी यही हुआ है| इस युति के कारण इनके स्त्री अंक भ्रष्ट हो गये| इसका तात्पर्य यह होता है कि ऐसे जातक को लक्ष्य-प्राप्ति में अपने ही दल के साथी लोगों/साथी दलों के लोगों या स्त्री से बाधा आती है| इसी लिए जब भाजपा के सहयोगी दल के नीतीश कुमार नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री पद के लिए विरोध करते हैं तो यह हमारे लिए तनिक भी आश्चर्य का विषय नहीं है| साथ ही यदि मोदी की पार्टी के ही कुछ लोग भी उनका (प्रत्यक्ष या प्रच्छन्न) विरोध करें तो यह भी हमारे लिए कोई अजूबा नहीं है| यहाँ एक ख़ास बात और| मोदी का मूलांक 8 अंक 6 से मित्रता रखता है| भ्रष्ट अंक 6 से अंक 8 की यह मित्रता और भी गहरी होती है| अतः ऐसे लोग जिनका अंक 6 प्रबल है या जिनका अंक 6 भ्रष्ट है, वे मोदी की प्रधानमंत्री पद की यात्रा में इनके अनपेक्षित रूप से सहयोगी बन सकते हैं| वे मोदी के साथ आ सकते हैं, भले ही एन डी ए के अन्दर आ कर साथ दें या फिर बाहर से| इस परिभाषा के दायरे में जयललिता, चंद्रबाबू नायडू, ओम प्रकाश चौटाला, राज ठाकरे, नवीन पटनायक, जगन मोहन रेड्डी व चन्द्र शेखर राव (तेलंगाना राष्ट्र समिति) आते हैं|
                   अब बात करते हैं नरेन्द्र मोदी के यहाँ के ‘शत्रु हन्ता’ योग की| यदि यह कहें कि मोदी के जीवन का सब कुछ यही है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी| मोदी के जन्म का मूलांक 8, इसके वृहदंक 17 का अंक 1 पितृ द्रोह रूप में ‘शत्रु योग’ बना रहा है| इनके जन्म का मासांक 9 की इन अंकों के साथ युति इस योग को ‘शत्रु हन्ता योग’ में परिवर्तित देती है| इस योग का फलितार्थ यह है कि जो व्यक्ति मोदी से आमने-सामने की टक्कर लेगा, वह ‘निपट’ जाएगा| यदि उसके यहाँ अंक बलिष्ठ हैं तो वह कम नष्ट होगा या धीरे-धीरे नष्ट होगा| यदि उस व्यक्ति के अंक दुर्बल हैं तो वह जल्दी नष्ट होगा और यदि उस व्यक्ति के अंक निर्बल हैं तो वह हाथोंहाथ निपट जाएगा| इस बात को मोदी के निजी जीवन से लेकर राजनीतिक जीवन तक, हर जगह आसानी से देखा और समझा जा सकता है| हमने नरेन्द्र मोदी के जीवन का पहली बार अध्ययन गुजरात विधानसभा के चुनाव (वर्ष 2007) में किया था| उस आधार पर हमने जो-जो बातें कही थीं, तक़रीबन वे सभी सही ठहरी थीं| इसी ‘शत्रु हन्ता योग’ के कारण मोदी का विरोध करने वाले एक-एक कर निपट गये| इसी सिलसिले में एक-आध बात और देखिए| जो लालकृष्ण अडवाणी मोदी के GODFATHER माने जाते हैं, जब उन्होंने मोदी से मुँह फेर कर नीतीश की तरफ रुख़ किया तो कई चक्करों में घिर गये| अंततः सार्वजनिक रूप से उन्होंने मोदी की स्वीकार्यता को स्वीकारा| यही हाल नीतीश कुमार का हो रहा है| जब से उन्होंने मोदी के ख़िलाफ़ बोलना शुरू किया है, तब से वे मुसीबतों में घिरते जा रहे हैं| प्रचंड बहुमत के बाद भी अपने ही राज्य में नीतीश यात्रा तक सफलतापूर्वक नहीं कर पा रहे हैं, क्या यह घोर आश्चर्यजनक नहीं है? आपके लिए हो सकता है, हमारे लिए नहीं| हमने अपने ब्लॉगों पर यह भविष्यवाणी करते हुए नीतीश कुमार को यह सलाह चेतावनी के रूप में दी भी थी कि अंक 8 में शपथ लेने वाले वे (नीतीश) अंक 8 वाले नरेन्द्र मोदी से टक्कर ना लें, वरना उनके लिए संकट बढ़ जाएँगे| अब सब कुछ वही हो रहा है| एक बात हम यहाँ लगे हाथों और कहा दें| भाजपा में ऐसा ‘शत्रु हन्ता योग’ दो और लोगों के यहाँ है; वसुंधरा राजे सिंधिया के यहाँ मोदी से ‘बहुत थोडा-सा कम’ और येद्दियुरप्पा के यहाँ कुछ कम| इसलिए वसुंधरा राजे के यहाँ भी मोदी वाला मामला ही है| येद्दियुरप्पा भी अपने इसी योग के कारण फिर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे; भले ही चाहे विधानसभा चुनाव से पहले बनें या फिर बाद में; भले ही चाहे उन्हें फिर से मुख्यमंत्री भाजपा बनाए या फिर कोई और| चूँकि येद्दियुरप्पा के यहाँ यह ‘शत्रु हन्ता योग’ कुछ कम है, इस लिए अब तक वे खुद मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, हालाँकि इसी योग के कारण येद्दि के पद-त्याग के बाद कर्नाटक में मुख्यमंत्री उन्हीं की पसंद के ही बने|
                  यहाँ मोदी के स्त्री अंकों के बारे में यह बात कहना भी बहुत ज़रूरी है कि इन्हीं भ्रष्ट स्त्री अंकों के कारण ही मोदी का दाम्पत्य नहीं है| इन अंकों की यह अवस्था शादी नहीं होने देती| यदि कुछ सहयोगी अंकों के कारण हो जाए तो कामयाब नहीं होने देती| नरेन्द्र मोदी के साथ यही हुआ| जसोदाबेन से शादी होने के बाद भी ये दोनों तलाकनुमा जीवन जी रहे हैं यानि दाम्पत्य का सुख मोदी को नहीं मिल रहा है| स्त्री अंकों की यह अवस्था जहाँ निजी जीवन में दाम्पत्य-सुख नहीं लेने देती, वहीं दूसरी ओर करियर में कुछ ऊँच-नीच के बाद लाभ देती है| इन्हीं स्त्री अंकों से सम्बन्धित एक अद्भुत बात का यहाँ उल्लेख करना भी प्रासंगिक रहेगा| नरेन्द्र मोदी के नामांक 9 का वृहदंक 27 इन्हीं स्त्री अंकों से बना है| मोदी के मुख्यमंत्री बनने में इन स्त्री अंकों की हमेशा महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है| मोदी पहली बार मुख्यमंत्री बने 07-10-2001 में| यहाँ मूलांक 7 व भाग्यांक 2 था| आयु अंक भी 7 था| मोदी दूसरी बार मुखमंत्री बने 22-12-2002 को| यहाँ मूलांक 4 व भाग्यांक 2 तथा राज्य का आयु अंक 7 था| मोदी के तीसरी बार बनने की दिनांक थी 25-12-2007| यहाँ मूलांक 7| आप ख़ुद ही देख लीजिए कि करियर के मामले में मोदी पर इन स्त्री अंकों की किस क़दर कृपा रही है| मोदी अंक पहली बार मुख्यमंत्री बने तब इनका आयु अंक 7 (52 वाँ वर्ष) व राज्य का आयु अंक 6 (42 वाँ वर्ष) था| इनके दूसरी बार मुख्यमंत्री बनते समय इनका आयु अंक 8 (53 वाँ वर्ष) व राज्य का आयु अंक 7 (43 वाँ वर्ष) था| इसी प्रकार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते समय इनका आयु अंक 4 (58 वाँ वर्ष) और राज्य का आयु अंक 3 (48 वाँ वर्ष) था| इस प्रकार यह स्पष्ट है कि स्त्री अंक 7 ने मोदी के करियर में तो फ़ायदा ही दिया| वर्ष 2015 से गुजरात को अंक 7 की दशा आरम्भ होगी, जो कि वर्ष 2021 तक चलेगी| यह राज्य के मूलांक-भाग्यांक के साथ विपरीत युति बनाती है| दूसरी बात यह कि जिस प्रकार स्त्री अंक 7 की विशिष्ट भूमिका में ही मोदी का स्थान बदला और वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने; ठीक उसी प्रकार इसी स्त्री अंक 7 की पुनः विशेष भूमिका में मोदी का फिर स्थान बदलेगा|
                  यहाँ एक रोचक चर्चा अपने लिए स्थान मांगती है| मनमोहन सिंह और नरेन्द्र मोदी के मूलांक-भाग्यांक में 8-5 की अद्भुत समानता है| इसी अतिशय समानता के कारण मोदी मनमोहन सिंह को रिप्लेस करने में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे| यहाँ इनके मार्ग में इनसे पहले कोई अन्य व्यक्ति प्रधानमंत्री के रूप में सामने आ सकता है| यह व्यक्ति अंक 5, अंक 6 व अंक 8 की प्रधानता वाला होगा| मोदी के मार्ग में ‘स्त्री-बाधा’ का अर्थ शरीर से स्त्री भी संभव है| पहले इस ‘सशरीरी अवस्था’ की ही बात कर लेते हैं| इस दायरे में दो महिलाएँ आती हैं| पहली तो ममता बनर्जी और दूसरी सुषमा स्वराज| ममता बनर्जी के यहाँ मूलांक-भाग्यांक में अंक 5 व अंक 8 है तथा इनका जन्म अंक 8 के समय में हुआ है, किन्तु यह अंक 5 उनकी बॉडी लैंग्वेज में मृत अवस्था में होने के कारण अर्द्ध प्रभावी हो गया| एक और बात है| ममता बनर्जी के यहाँ अंक 6 की कोई भूमिका नहीं है| इसी कारण इनका शरीर सूखी हुई अवस्था में है| अतः ममता बनर्जी स्वयं 'प्रधानमंत्री बनने' के रूप में मोदी के मार्ग में बाधा नहीं बन पाएँगी, किन्तु समर्थन देने के मुद्दे पर मोदी की राह में अड़ंगा लगा सकती हैं| अब रही बात सुषमा स्वराज की; तो इनके यहाँ मूलांक-भाग्यांक में अंक 5-6 है तथा इनका जन्म अंक 8 के समय में हुआ है| इनकी बॉडी लैंग्वेज में भी अंक 5 व अंक 6 प्रभावी अवस्था में है| अतः नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री पद के बीच में सुषमा स्वराज आ जाएँ तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए| श्रीमती स्वराज का कार्यकाल 14-15 से 26 महीनों का रह सकता है|हाँ, यदि सुषमा स्वराज अपने आपको पीछे कर लें या उन्हें पीछे कर दिया जाएतो नरेन्द्र मोदी सीधे-सीधे प्रधानमन्त्री बन सकते हैं | नरेन्द्र मोदी के लिए कैलेण्डर वर्ष 2015-2016 बहुत ख़ास भूमिका निभा सकते हैं| तब इन्हें उम्र का 65-66-67 वाँ वर्ष चल रहा होगा यानि इनका तब इनका आयु अंक 2-3-4 चल रहा होगा| यह अवधि मोदी को गुजरात से दिल्ली भेज कर प्रधानमंत्री पद पर बिठा सकती है|  नरेन्द्र मोदी और उनके समर्थकों को यह सुप्रसिद्ध कहावत हमेशा याद रखनी चाहिए कि ‘रमजान में बचेंगे तो ईद मनाएँगे’| तात्पर्य यह है कि मोदी को अपनी प्राण-रक्षा की तरफ़ पर्याप्त ध्यान देना चाहिए| वे सशरीर सुरक्षित रहेंगे, तभी तो प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हो पाएँगे| 17 जून, 2013 से वर्ष 17 सितम्बर, 2021 तक की अवधि में इनके प्राणों को ख़तरा है|
                 मित्रो, यह चर्चा बहुत लम्बी हो गयी है| अब इसे यहीं विराम देते हैं| वास्तव में कौन प्रधानमंत्री बनेगा, यह तो 16 मई से आने वाले चुनाव-परिणाम पर निर्भर करेगा| हमने अपने ज्योतिषीय कर्म का निर्वहन करते हुए देखेंगे राष्ट और समाज के हित में इस बारे में एक अंक ज्योतिषीय आकलन प्रस्तुत किया है और इसे इसी रूप में लीजिएगा, यही निवेदन है| हमने पूरी सत्यनिष्ठा से इसे व्यक्ति/दल-निरपेक्ष रखा है| यह भविष्यवाणी यदि किसी दल/व्यक्ति के पक्ष/विपक्ष में जाती है तो यह ज्योतिषीय संयोगमात्र है| आज बस इतना ही| ......... आज के आनंद की जय| ............ जय श्री राम|
 

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-18—सुषमा स्वराज : बन सकती हैं ‘प्रधानमंत्री’

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-18| इस भाग में हम बात करते हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| यह बात हमारे द्वारा प्रकाशित होने वाले अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित देश के एकमात्र अख़बार 'अंक प्रभा' के फरवरी, 2013 के अंक में और हमारे ब्लॉगों पर दिनांक 15 जनवरी, 2013 को कुछ इसी रूप में प्रकाशित हो चुकी है|
       
जन्म-दिनांक:-14-02-1952       मूलांक:-5       भाग्यांक:-6       आयु अंक:-9 (63 वाँ वर्ष) नामांक:-9      जन्म का चलित अंक:-8 (-)       चलित दशा:-8 (वर्ष 2014 तक)
        इनकी सूर्य राशि कुम्भ है| इनका मूलांक 5 बना है वृहदंक 14 से| यहाँ पितृ अंकों की युति बन रही है| यह युति शनि-प्रधान है क्योंकि इनका जन्म का चलित अंक 8| इसी कारण इनके पितृ पुरुष के रूप में अंक 8 की प्रधानता वाले लालकृष्ण अडवाणी हैं| चूँकि इनका जन्म शनि के सौम्य अंक में हुआ है, इस कारण इनके जीवन में जो भी परिवर्तन या फेर-बदल आते हैं, वे बड़ा भूचाल नहीं पैदा करते| यह अंक 5 इनकी बॉडी लैंग्वेज में भी प्रबल अवस्था में है| इनकी अंक 8 की दशा वर्ष 2014 तक चलेगी| यही इनकी उम्र के 62 वें और 63 वें वर्ष का विस्तार-काल है| इसी कारण सुषमा स्वराज के लिए वर्ष 2014 बहुत ख़ास रहने वाला है| अंक 5 की अंक 8 की प्रधान अवस्था के साथ युति के कारण इस बार स्वराज का स्थान बदल सकता है|
         सुषमा स्वराज
भाग्यांक 6 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह मुखिया /प्रमुख की भूमिका पाने में जूझने को इंगित करती है| साथ ही यह अंक 6 व चलित दशा का अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह शुभ है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति व देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 4 व अंक 6 की युति पितृ अवस्था का सुख भंग करती है| अंक 3 व अंक 6 की युति सुखकारी निर्णय में बाधा डालती है| इन दोनों युतियों का तात्पर्य यह है कि लोकसभा चुनावों के बाद सुषमा स्वराज के पक्ष में निर्णय होने/किये/लिए जाने में इनकी पार्टी का पितृ पक्ष यानि अध्यक्ष (या अन्य प्रमुख लोग) बाधा बन सकते हैं| 

                सुषमा स्वराज का मूलांक 5 इनके जन्म के चलित अंक 8 व चलित दशा के अंक 8 का विरोधी है| देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी यही समीकरण होने के कारण इस युति का परिमाण बढ़ जाता है| इनकी युति भ्रम की अवस्था बनाए रखती है| यह आयु अंक 5 देश के नामांक 3 के साथ विरोधी युति बनता है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता उत्पन्न करती है| इसके कारण इनकी भावी स्थिति/भूमिका को लेकर बहुत भ्रम बना हुआ है| चूँकि इनके यहाँ नामांक और आयु अंक, दोनों अंक 9 होने के कारण मंगल की प्रधानता हो गयी है| उपर्युक्त युतियों में इसे संलग्न कर दिया जाए तो इसी चक्कर में इनके विरोधी इन्हें काम आँकने की ग़लती कर बैठते हैं| देश का नामांक 3 इनके जन्म के चलित अंक 8 व चलित दशा के अंक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति सुषमा स्वराज के लिए लाभकारी है| देश की स्वाधीनता का आयु अंक 4 इनके आयु अंक 5 के साथ प्रबल युति बनाता है| यह युति इनके लिए अत्यंत लाभकारी है| इनके मूलांक 5 और देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 में मित्र युति है| यह चलित के कुछ और प्रतिशत इनके पक्ष में होना बताती है| इनका मूलांक 5 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| स्त्री अंक 2 व 7 की अनुकूलता मनोवांछा पूर्ति में सहायक होती है| लिंग से भी स्त्री होने के कारण यह बात इनके पक्ष में जाती है| यही बात नरेंद्र मोदी के बाधा के रूप में है|
               सुषमा स्वराज का आयु अंक 9 व नामांक 9 इनके मूलांक 5 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय और अंक 5 भ्रम का है| अतः इस चुनावी परिदृश्य में सुषमा स्वराज की भूमिका को लेकर बराबर भ्रम बना रहेगा| इनका यही आयु अंक 9 व नामांक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 6 सुख का है| अतः इस बार की चुनावी लड़ाई सुषमा स्वराज के लिए खींचातानी/उठापटक के रूप में सुख-भंगकारी सिद्ध हो सकती है| देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इनका मूलांक 5 मित्र युति बनाता है| यह स्थिति इनके लिए अच्छी है| अंक 4 पितृ अवस्था का है| अंक 5 अपनी नपुंसकावस्था के कारण उसकी संगत में उसी के फल में वृद्धि कर रहा है| इस कारण इनकी पितृ भूमिका और बड़ी हो सकती है| देश की स्वाधीनता का भाग्यांक 8 इनकी चलित दशा के अंक 8 के साथ घर्षण उत्पन्न करता है| इन्हें अंक 8 की दशा वर्ष 2014 तक चलेगी|
                  सुषमा स्वराज का मूलांक 5 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति अस्थिरताकारी होने के साथ विचलन उत्पन्न करती है| यह युति स्वराज के लिए 'पावर' के दृष्टिकोण से विचलनकारी सिद्ध हो सकती है| साथ ही इनका यह मूलांक 5 देश के नामांक 3 के साथ भी प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 3 निर्णय/चुनाव/चयन का है| अतः जिन लोगों के यहाँ अंक 3 विचित्र अवस्था या विखंडित/भ्रष्ट है, वे लोग इनके पक्ष में महत्त्वपूर्ण निर्णय होने में बाधा पैदा कर सकते हैं| फिलहाल भाजपा के सांगठनिक ढाँचे में इस परिभाषा के दायरे में तीन नाम प्रमुखता से सामने हैं| ये हैं नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली| सुषमा स्वराज का आयु अंक 9 व नामांक 9 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| चुनावी लड़ाई में पक्ष में निर्णय के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| साथ ही देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 इनके आयु अंक 9 व नामांक 9 के साथ मित्र युति बना रहा है| इन दोनों युतियों का मिला-जुला फल यह है कि ये लोकसभा चुनाव सुषमा स्वराज के लिए अद्भुत रहने वाले हैं| ये उन्हें अब तक का सबसे बड़ा पद दिलवा सकते हैं| यदि प्रधानमंत्री पद की बात करें तो सुषमा स्वराज के सन्दर्भ में यह बात सिर्फ़ यहीं से पूरी नहीं की जा सकती| इसके लिए हमें नरेन्द्र मोदी के अंकों को भी साथ लेना पड़ेगा| नरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री पद पाने में सबसे बड़ी बाधा के रूप में इन्हीं स्त्री अंकों की सबसे बड़ी बाधा है| इस स्त्री अंकों की बाधा का एक सशरीरी स्वरूप है सुषमा स्वराज| इसलिए यह कहा जा सकता है कि नरेन्द्र मोदी से पहले सुषमा स्वराज प्रधानमन्त्री बन सकती हैं| इनकी यह अवाधि 14-15 महीनों से लेकर 26 महीने रह सकती है| हाँ, यदि सुषमा स्वराज ख़ुद पीछे हो जाएँ या इन्हें पीछे कर दिया जाए तो नरेंद्र मोदी या राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री बन सकते हैं| अपने 'प्रधानमंत्री पद योग' को बलिष्ठ करने के लिए इन्हें माँ बगलामुखी की शरण में जाना चाहिए, उनका हवन अनुष्ठान करवाना चाहिए| 
                   इस शृंखला के अंतिम भाग में बात करेंगे नरेंद्र मोदी की| ............. जय श्री राम|
 

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-17—राजनाथ सिंह : 'प्रधानमंत्री' बनने की दौड़ में आ सकते हैं

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-17| इस भाग में हम बात करते हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| यह बात हमारे द्वारा प्रकाशित होने वाले अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित देश के एकमात्र अख़बार 'अंक प्रभा' के फरवरी, 2013 के अंक में और हमारे ब्लॉगों पर दिनांक 15 जनवरी, 2013 को बहुत कुछ इसी रूप में प्रकाशित हो चुकी है|
         
    जन्म-दिनांक:-13-02-1950           मूलांक:-4             भाग्यांक:-3            आयु अंक:-2 (65 वाँ वर्ष)             नामांक:-9              जन्म का चलित अंक:-8 (-)              चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)
                       राजनाथ सिंह की सूर्य राशि कुम्भ है| इनके मूलांक के वृहदंक 13 में पितृदोष-ग्रस्त पुरुष व मित्र अंक है| शनि (अंक 8) में जन्म होने के कारण पितृ पुरुष के रूप में पार्टी के लिए घातक हैं| अंक 8 के सौम्य समय में जन्म के कारण यह नुकसान अन्दर ही अन्दर व तगड़ा होता है| इसी कारण इनके उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी बराबर नीचे जाना शुरू हुई, जो अब तक नहीं रुकी है| राजनाथ उ.प्र. भाजपाध्यक्ष बने थे 25-03-1997 को| यहाँ मूलांक 7 व भाग्यांक 9 की युति थी| तब चलित वर्ष 8 (1997), भाजपा का चलित अंक 8 (17 वाँ वर्ष) व इनका आयु अंक 3 (48 वाँ वर्ष) था| इनका अपना आयु अंक (3) पक्ष का होने के कारण इन्हें तो व्यक्तिगत लाभ हो गया (प्रदेशाध्यक्ष) बन गए; किन्तु पार्टी का कबाड़ा होना शुरू हो गया| यही अंकीय कारण रहे कि जब राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री बने तो उसके बाद भाजपा कभी सत्ता में नहीं आयी| ये मुख्यमंत्री बने 28-10-2000 को| यहाँ मूलांक 1 व भाग्यांक 4 थे| इन अंकों में वही पितृ दोष है, जिसकी हम राजनाथ सिंह के यहाँ बार-बार चर्चा कर रहे हैं| तब एक बार फिर राजनाथ के व्यक्तिगत अंक पक्ष के थे (आयु अंक 6), किन्तु भाजपा को तो ये अंक ले डूबे| इन्हीं अंकों का परिणाम यह हुआ कि भाजपा उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने को तरस रही है और अभी तो जब तक इसका तोड़ नहीं करवाया जाएगा, तब तक तो तरसना पड़ेगा| राजनाथ सिंह के अंकों का यह पितृ दोष का अभिशाप यहीं समाप्त नहीं होता है, बल्कि इसका चरम होता है वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में| इन्हीं पितृ दोष वाले अंकों के ही कारण राजनाथ सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते भाजपा वर्ष 2009 का लोकसभा चुनाव हार गयी, जब कि वह एडवांटेज की स्थिति में थी| राजनाथ सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाला 31-12-2005 को| यहाँ मूलांक 4 व भाग्यांक 5 की युति थी| यह युति भ्रम और धुंध की अवस्था बनती है| इसी के कारण भाजपा को यह भ्रम बना रहा कि वह सत्ता में आ रही है| भाजपा को ही नहीं, बल्कि ओपिनियन पोल और सर्वे वालों को भी यह भ्रम रहा| तब चलित अंक 8 (+) था| यह स्थिति को और भी विस्फोटक बनाता है| यदि राजनाथ सिंह वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले ही पद से विदा हो जाते तो पिक्चर शायद कुछ और हो जाती; मगर यही तो भाग्य है|
               राजनाथ का नामांक 9 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| चुनावी लड़ाई में पक्ष में निर्णय के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| साथ ही देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 इनके नामांक 9 के साथ मित्र युति बना रहा है| इन दोनों युतियों का सम्मिश्रित फल राजनाथ सिंह को लाभ दे रही हैं| इनका यही नामांक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 और ख़ुद इनकी चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 6 सुख का है| अतः इस बार के चुनावों के बाद इनके सुख-योग में बाधा के योग हैं| राजनाथ का चलित दशा का अंक 6 इनके मूलांक 4 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति ‘सुख भंग’ की है| 
              राजनाथ का मूलांक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह राजनाथ के लिए अनुकूलता वाली बात है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 अंतरंगता/अत्यंत निकट होने का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि राजनाथ को निकट के/अंतरंग/महत्त्वपूर्ण लोगों की खींचातानी झेलनी पड़ सकती है| यहाँ राजनाथ का आयु अंक 2 के समीकरण भी संलग्न कर लिए जाएँ तो मामला विचित्र हो जाता है| अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा का प्रतिनिधि है| यहाँ राजनाथ के जन्म के चलित अंक 8 की युति का विश्लेषण करने पर 'गुप्त भाव' दिखायी देता है| अंक 8 अंक 2 के साथ मनोवांछा-पूर्ति में बाधा और किसी गोपनीय योजना बताता है| आशय यह है कि यह हो सकता है कि एन डी ए को पूर्ण बहुमत जुटाने के लिए यदि नरेंद्र मोदी के नाम पर सहमति नहीं बन पायी तो 'प्लान 2' के रूप में राजनाथ सिंह अपना नाम आगे करवा सकते हैं| यहाँ यह भी याद रखना होगा कि अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा का प्रतिनिधि है| अतः राजनाथ की प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने की महत्त्वाकांक्षा के मार्ग में कोई स्त्री राजनेता/स्त्री अंकों वाला पुरुष राजनेता तगड़ी बाधा बन जाए तो अचम्भा नहीं होना चाहिए| इनका चलित दशा का अंक 6 व जन्म की चलित दशा का अंक 8 है| अंक 6 सुख/आनंद/अनुकूलता व अंक 8 तत्सम्बन्धी अवस्था को भंग करता है| अंक 2, अंक 6 व अंक 8 का त्रिकोण यह बताता है कि राजनाथ सिंह को चुनावों के बाद पार्टी में असंतोष/खींचातानी/गुस्सा झेलना पड़ सकता है| राजनाथ के जन्म की चलित दशा का अंक 8 देश के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति पितृ अवस्था भंग करती है| इस में देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के समीकरण संलग्न कर दें तो यह फलित मिलता है कि चुनावों के बाद 'मुखिया' के रूप में राजनाथ सिंह की भूमिका बदल सकती है| इनका मूलांक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी है| साथ ही यह देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| इस कारण अभी तो 22 जनवरी, 2015 तक का समय पार्टी प्रमुख के रूप में राजनाथ के लिए प्रतिकूल रह सकता है| इन्हें  इस अवधि में पार्टी प्रमुख पद छोड़ना पड़ सकता है|  
             राजनाथ सिंह का मूलांक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति मुखिया के रूप में पक्ष मज़बूत करती है| इनका भाग्यांक 3 देश के नामांक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति मित्रों व चुनाव/चयन सम्बन्धी मोर्चे पर शुभ है| यह भाग्यांक 3 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति चुनाव/चयन में मित्रता सम्बन्धी अनुकूलता बताती है| यह अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| अंक 8 लोकतंत्र का है| अंक 3 के साथ इसकी यह युति बताती है कि इन्हें इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में अनुकूलता रह सकती है| इन्हीं अंकों की कृपा से राजनाथ के साथ बड़ी संख्या में अन्य दल आ जुड़े हैं| इन्हीं की प्रमुख भूमिका के कारण राजनाथ प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में आ सकते हैं| इनकी चलित दशा का अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह प्रधान/प्रमुख के रूप में आकांक्षा पूरा होने में बाधक है| इसके कारण राजनाथ का प्रधानमंत्री बनना बिलकुल अंतिम समय में खटाई में भी पड़ सकता है| 
                अगले भाग में बात करेंगे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज की| ............. जय श्री राम|





               

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-16—लालकृष्ण अडवाणी : प्रभावी/महत्त्वपूर्ण/निर्णायक तो रहेंगे

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-16| इस भाग में हम बात करते हैं ‘भाजपा के भीष्म पितामह’ लालकृष्ण अडवाणी की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| 
                     
जन्म-दिनांक:-08-11-1927             मूलांक:-8            भाग्यांक:-2          आयु अंक:-6 (87 वाँ वर्ष)           नामांक:-8 (वृहदंक 88)          चलित दशा:-अंक 4 (वर्ष 2012 से वर्ष 2015 तक)

               अडवाणी का आयु अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह शुभ है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 व ख़ुद अडवाणी की चलित दशा के अंक ४ के साथ विरोधी युति व देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 4 व अंक 6 की युति पितृ अवस्था का सुख भंग करती है| अंक 3 व अंक 6 की युति सुखकारी निर्णय में बाधा डालती है| ये दोनों युतियाँ इनके प्रधानमंत्री पद पाने में सबसे बड़ी बाधक सिद्ध होंगी| इनका मूलांक 8 व नामांक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 व अपनी चलित दशा के अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति इनके लिए मनोवांछा-पूर्ति यानि प्रधानमंत्री बनने के मार्ग में ‘काँटे बिछाने वाली’ है| देश का नामांक 3 इनके मूलांक 8 व नामांक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति अडवाणी के लिए लाभकारी है| अतः अडवाणी इन लोकसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री के चयन/चुनाव के मामले में महत्त्वपूर्ण/निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं|ये युतियाँ प्रधानमंत्री पद को लेकर अडवाणी की बनी योजना में भी फेरबदल करवा सकती हैं|  
                  अडवाणी का भाग्यांक 2 इनके ख़ुद के आयु अंक 6 व देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 के साथ मित्र युति बना रहा है| अंक 2 परिवार/पार्टी/स्त्री/साझेदारी/गठबंधन व अंक 6 सुख का है| अडवाणी का यह भाग्यांक 2 इनके नामांक 8 व देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ जो युति बना रहा है, उसका अंक 2 व अंक 6 वाली पिछली युति के साथ समन्वय-विश्लेषण किया जाए तो यह निष्कर्ष मिलता है कि अडवाणी अपने परिवार (पार्टी) में सरकार के सर्वोच्च नेतृत्व यानि प्रधानमंत्री को लेकर किसी स्त्री राजनेता को लेकर या स्त्री राजनेता के माध्यम से बड़ा उलटफेर करवा सकते हैं| अडवाणी का भाग्यांक 2 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| अंक 2 साझेदार/स्त्री/गठबंधन व अंक 4 पितृ अंक है| इस युति से भी स्त्री राजनेता के पक्ष में अडवाणी के लामबंद होने की हमारी उपर्युक्त बात ही बलिष्ठ हो रही है| यही बात स्त्री अंकों से पीड़ित नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के मार्ग में निर्णायक सिद्ध हो जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए|
               देश का नामांक 3 अडवाणी के मूलांक 8 व नामांक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति अडवाणी के लिए लाभकारी है| चुनावी वर्षांक 7 इसके भाग्यांक 1 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इसका आयु अंक 8 चुनावी वर्षांक 7 के साथ मित्र युति बना रहा है| अतः यह कहा जा सकता है कि अडवाणी के बारे में जैसा सोचा जा रहा है कि इन लोकसभा चुनावों के बाद वे 'ठिकाने लग जाएँगे' या उनका 'अध्याय समाप्त' हो जाएगा; ऐसा होता नहीं दिख रहा है| वे देश के अगले प्रधानमंत्री के चयन के मामले में प्रभावी/महत्त्वपूर्ण/निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं| हाँ, जहाँ तक उनके ख़ुद के प्रधानमंत्री बनने का सवाल है, तो यह होता नहीं दिख रहा है| 'उपप्रधानमंत्री' के रूप में वे 'इस मामले में' अपने जीवन का चरम ले चुके हैं|
              अगले भाग में बात करेंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की| ………… जयश्री राम|

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-15—भारतीय जनता पार्टी : सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-15| इस भाग में हम बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी की|  यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 21-22-23 दिसंबर, 2012 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 23 दिसंबर; 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन २8 जुलाई तथा 'ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन' की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित '70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन' के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| 
              स्थापना-दिनांक:-06-04-1980           मूलांक:-6           भाग्यांक:-1         आयु अंक:-8 (35 वाँ वर्ष)            नामांक:-2 (वृहदंक-47)

  
               भाजपा का मूलांक 6 व चलित दशा का अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह शुभ है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति व देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 4 व अंक 6 की युति पितृ अवस्था का सुख भंग करती है| अंक 3 व अंक 6 की युति सुखकारी निर्णय में बाधा डालती है| ये युतियाँ भाजपा के सत्ता-सुख में 'रंग में भांग' डाल सकती हैं| मतलब यह हुआ कि उसे पूर्ण बहुमत से दूर रख सकती हैं| उसे तो क्या, उसके नेतृत्व वाले एन डी ए को भी पूर्ण बहुमत से वंचित रख सकती हैं| साथ ही ये युतियाँ प्रधानमंत्री पद को लेकर बनी योजना में भी फेरबदल करवा दे तो अचम्भा नहीं होना चाहिए| भाजपा का भाग्यांक 1 इसके अपने मूलांक 6 और देश के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 1 नेतृत्व व नेता और अंक 6 सुख का है| यह विपरीत युति भी नेता के रूप में सुख-भोग नहीं करने नहीं देती है| यह नेतृत्व की अवस्था भंग कर देती है| इसका भाग्यांक 1 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह की अवस्था निर्मित कर रहा है| यह युति मुखिया के रूप में परेशानियाँ बताती है| इसका भाग्यांक 1 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ पितृ दोष व ग्रहण योग बना रहा है| बोलचाल की भाषा में इसे ‘नेतृत्व पर ग्रहण लगना’ कहते हैं| ये योग भाजपा के नेतृत्वकारी पक्ष को लेकर विचित्र अवस्था खड़ी कर सकती हैं| यहाँ फिर इस बात के संकेत मिलते हैं कि भाजपा को चुनावों के बाद नेतृत्व सम्बन्धी अपनी वर्तमान योजना में परिवर्तन करना पड़ जाए तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए| इस दल का भाग्यांक 1 अपने ही आयु अंक 8 और देश के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह युति बनाता है| यह युति नेतृत्व को लेकर अनपेक्षित उठापटक करवा सकती है| 
                   इतनी विपरीत युतियों की बात पढ़कर तो भाजपा वालों के होश फ़ाख़्ता हो रहे होंगे| आइए, अब वे बातें कर लेते हैं, जो कि भाजपा के पक्ष में जा रही हैं| इस दल का नामांक इसके अपने मूलांक 6 व देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 के साथ मित्र युति बना रहा है| अंक 2 साझेदारी/गठबंधन व अंक ६ सुख का है| यह युति बताती है कि भाजपा को बहुमत कम पड़ने की स्थिति में नए गठबंधन/साझेदार मिल सकते हैं और उनके माध्यम से पर्याप्त बहुमत मिल सकता है| भाजपा का यह नामांक 2 इसके आयु अंक 8 व देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ जो युति बना रहा है, उसका अंक 2 व अंक 6 वाली पिछली युति के साथ समन्वय-विश्लेषण किया जाए तो यह निष्कर्ष मिलता है कि भाजपा को बहुमत की कमी-पूर्ति के लिए जो नए साझेदार मिलेंगे, वे उठापटक करवा सकते हैं यानि वे नए साझेदार भाजपा की नेतृत्व (प्रधानमंत्री) सम्बन्धी बनी-बनायी योजना में उठापटक/फेरबदल करवा सकते हैं| भाजपा का नामांक 2 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| अंक 2 साझेदार/स्त्री/गठबंधन व अंक 4 पितृ अंक है| अतः भाजपा को अपना समर्थन देने के बदले में कोई स्त्री राजनेता/स्त्री प्रधानता वाला दल प्रमुख भूमिका में रह सकता है| यह भूमिका निर्णायक भी हो सकती है| यही बात स्त्री अंकों से पीड़ित नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के मार्ग में निर्णायक सिद्ध हो जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए|     
                 देश का नामांक 3 भाजपा के आयु अंक अंक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति भाजपा के लिए लाभकारी है| चुनावी वर्षांक 7 इसके भाग्यांक 1 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इसका आयु अंक 8 चुनावी वर्षांक 7 के साथ मित्र युति बना रहा है| ये युतियाँ इस बार भाजपा को अच्छा लाभ दे सकती हैं| अतः इन लोकसभा चुनावों में भाजपा की सीटें बहुत अच्छी संख्या में बढ़ सकती हैं| यहाँ यह बात ख़ास ध्यान दिए जाने लायक है कि इस बार भाजपा के सत्ता पर काबिज़ होने के खेल में स्त्री अंकों वाले राजनेता या स्त्री राजनेता की प्रभावी/महत्त्वपूर्ण/निर्णायक भूमिका रह सकती है| 
                 अगले भाग में बात करेंगे 'भाजपा के भीष्म पितामह' लालकृष्ण अडवाणी की| ............ जय श्री राम|

सोमवार, 14 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-14---शरद पवार : झटकों भरे रहेंगे ये चुनाव

जय श्री राम ............ आदरणीय मित्रो, अब प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-14| इसमें बात करते हैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार की| यह आलेख जनवरी, 2014 का है|
जन्म-दिनांक:-12-12-1940
मूलांक:-3           भाग्यांक:-2 (20)          आयु अंक:-2 (74 वाँ वर्ष)            नामांक:-7 (वृहदंक 34)          जन्म का चलित अंक:-3 (-)                 चलित दशा:-अंक 4 (वर्ष 2012 से वर्ष 2015)

                   हमने अपनी पिछली बात में जैसा कहा था कि शरद पवार ने महाराष्ट्र का सबसे कम आयु में मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान बनाया था| इन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल को मुद्दा बना कर कांग्रेस तोड़ी और फिर महाराष्ट्र व केंद्र में उसी कांग्रेस के साथ सरकार भी बनायी| इन्हें घटा कर महाराष्ट्र की राजनीति में तो वर्तमान में चर्चा भी नहीं की जा सकती| इनका नामांक 7 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता हो गयी है, जो कि इस पार्टी पर परिवारवाद के हावी होने को बताती है| यह बात इस पार्टी पर सौ फ़ीसदी लागू भी होती है| अब तक का यह  पारिवारिक आधिपत्य अब स्त्री प्रधानता में बदल जाएगा यानि अब इस पार्टी में पवार के परिवार की स्त्री यानि उनकी बेटी सुप्रिया सुले का दबदबा बढ़ेगा| साथ ही स्त्री अंकों की यह प्रधानता यह भी बताती है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन इस बार इनके लिए घोर अलाभकारी रहेगा क्योंकि वह पार्टी स्त्री (सोनिया गांधी) प्रमुखता वाली है, जबकि शरद पवार व एन सी पी के स्त्री अंक अभी ख़राब हैं| इनका यह मूलांक 7 जन्म के चलित अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इस अंक 7 की देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति पवार के लिए राहत की बात है| यह अंक 7 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| यह युति रक्त-सम्बन्धों में या इनके कारण उठापटक बताती है| इस कारण इन चुनावों में पवार को अपने रक्त-सम्बन्धियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है| इनका नामांक 7 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| स्त्री अंक ख़राब होने के कारण यह युति इस पार्टी के विपरीत जाती है| यह युति पार्टी के नेतृत्व के लिए पारिवारिक सदस्यों/निकट के लोगों के कारण परेशानी बताती है| इस युति के यहाँ दुबारा बनने के कारण इसका प्रभाव भी दोहरा हो गया है|
                    पवार का भाग्यांक 2 व आयु अंक 2  देश की स्वाधीनता के मूलांक 8, देश की स्वाधीनता के मूलांक 6, देश के नामांक 3 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| वैसे तो ये युतियाँ शुभ होती हैं, किन्तु स्त्री अंक ख़राब होने के कारण ये विपरीत बैठती हैं| अंक 2 व अंक 8 की युति लोकतान्त्रिक लड़ाई में साथ/सहयोग/गठबंधन में हानि बताती है| इनका यह भाग्यांक 2 व आयु अंक 2 चुनावी वर्षांक 7 के साथ विरोधी युति बनाता है| दो स्त्री अंकों की यह पारस्परिक विरोधी युति पवार के लिए हानिकारक सिद्ध होंगी और वे भी दोहरे रूप में| एक तो पार्टीगत रूप में और दूसरे स्त्री प्रधानता वाले दल कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव लड़ने में| पवार का मूलांक 3 व जन्म का चलित अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति निर्णयगत उठापटक बताती है| अंक 3 संतान का है और अंक 8 उठापटक का| अतः पवार की संतान यानि बेटी सुप्रिया सुले व संतान-सम भतीजे अजित पवार के कारण इनके लिए उठापटक या परेशानी सम्भव है| अंक 3 मित्रता व अंक 8 लोकतंत्र का भी है| संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति पवार के लिए विपरीत फलदायी बन गयी है| अतः चुनावों के बाद पवार को पता चलेगा की कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव लड़ना इनके लिए कितना हानिकारक सिद्ध हुआ| यह भी सम्भव है कि पवार चुनावों के बाद कांग्रेस और यू पी ए को छोड़कर किसी और गठबंधन का हिस्सा बन जाएँ| इनका भाग्यांक 3 व जन्म का चलित अंक 3 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति सुख भंग करती है| अतः पवार के लिए इन चुनावों में परेशानी तो रहेगी| 
             पवार की चलित दशा का अंक
4 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| नेतृत्व के लिए यह सुख भंगकारी युति है| इसका मतलब यह हुआ कि पार्टी के नेतृत्व को ऐसी बातों का सामना करना पड़ सकता है कि जो परेशान करेंगी| यह भाग्यांक देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह इसके लिए सबसे ज्यादा कष्टकारी बात है| यह युति पार्टी में टूट या विद्रोह भी करवा सकती है| यहाँ हम अपनी उस बात को वैसी की वैसी फिर रख रहे हैं कि जो हमने एन सी पी के सन्दर्भ में कही थी---" हालाँकि पितृ दोष वाले अजित पवार पितृ दोष वाले अपने चाचा शरद पवार से एक न एक दिन तो विद्रोह अवश्य करेंगे और उनकी यह पार्टी तोड़ या छोड़ कर अलग हो जाएँगे, किन्तु इन लोकसभा चुनावों में भी अजित पार्टी आलाकमान के लिए परेशानी खड़ी कर दें तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए|"
                इनकी चलित दशा का अंक 4 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति पवार के लिए शुभ नहीं है| यह इनकी पार्टी में टूट-फूट व विरोध-विद्रोह करवा सकती है| इनकी चलित दशा का अंक 4 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| अन्य अंकीय समीकरणों के प्रतिकूल होने के कारण यह युति पवार के लिए सुख भंगकारी सिद्ध हो सकती है| यह सुख भंगकारी युति दोहरे रूप में है| चलित दशा का अंक 4 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ इसी फलित रूप में बैठा है| यही अवस्था इस भाग्यांक 4 व चुनावी वर्षांक 7 की युति की है| यह प्रबल मित्र युति संगत अंकीय समीकरणों की विपरीतता के कारण हानिकारक बन गयी है| अंक 4 पितृ अवस्था व अंक 7 रक्त-सम्बन्ध का है| अतः इस पार्टी में पितृ अवस्था यानि नेतृत्वगत वर्चस्व को लेकर रक्त-सम्बन्धियों में तगड़ी खींचातानी देखने को मिल सकती है| यह खींचातानी पवार की बेटी सुप्रिया सुले व भतीजे अजित पवार के बीच या इनके कारण हो जाए तो अचम्भा नहीं होना चाहिए| बहुत सम्भव है कि शरद पवार इस बार लोकसभा चुनाव ही न लड़ें| इस बार इनका कोई प्रमुख नेता या कुछ प्रमुख नेता चुनाव हार सकते हैं| पार्टी के मुखिया के रूप में पवार को झटका इस तरह भी झेला पड़ सकता है कि कोई प्रमुख नेता पार्टी छोड़ कर जा सकता है| 
               इसके अगले भाग में एक अन्य बात के साथ उपस्थित होंगे| वह कौनसी बात होगी, इस रहस्य पर से पर्दा तभी उठेगा| तब तक के लिए आज्ञा दीजिए| ......... आज के आनंद की जय| ............ जय श्री राम|
                     

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-13---राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी : बुरे सिद्ध होंगे इस बार के चुनाव

जय श्री राम ............ आदरणीय मित्रो, यह है इस शृंखला का भाग-13| इस में प्रस्तुत है 'राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी' का अंकीय विश्लेषण| यह आलेख जनवरी, 2014 का है|
जन्म-दिनांक:-25-05-1999
मूलांक:-7           भाग्यांक:-4 (वृहदंक 40)          आयु अंक:-6 (15 वाँ वर्ष)            नामांक:-1 (वृहदंक 82)          जन्म का चलित अंक:-5 (+)                 चलित दशा:-अंक 8 (वर्ष 2007 से वर्ष 2014)

                महाराष्ट्र का सबसे कम आयु में मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान बनाने वाले मराठा क्षत्रप और सोनिया गांधी के विदेशी मूल को मुद्दा बना कर कांग्रेस तोड़ने और फिर महाराष्ट्र व केंद्र में उसी कांग्रेस के साथ सरकार बनाने वाले शरद पवार की पार्टी की चर्चा इस बार के चुनावों के सन्दर्भ में कुछ विचित्र प्रकार से की जानी चाहिए| हमने ऐसा क्यों कहा, इस विश्लेषण के अंत में आपके सामने यह स्पष्ट हो जाएगा| इस का मूलांक 7 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता हो गयी है, जो कि इस पार्टी पर परिवारवाद के हावी होने को बताती है| यह बात इस पार्टी पर सौ फ़ीसदी लागू भी होती है| अब तक का यह  पारिवारिक आधिपत्य अब स्त्री प्रधानता में बदल जाएगा यानि अब इस पार्टी में पवार के परिवार की स्त्री यानि उनकी बेटी सुप्रिया सुले का दबदबा बढ़ेगा| साथ ही स्त्री अंकों की यह प्रधानता यह भी बताती है कि स्त्री-प्रधानता वाले दल कांग्रेस के साथ गठबंधन इस बार इनके लिए घाटे का सौदा सिद्ध होगा| इनका यह मूलांक 7 जन्म के चलित अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इस अंक 7 की देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति इस पार्टी के लिए राहत की बात है| यह अंक 7 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| यह युति रक्त-सम्बन्धों में या इनके कारण उठापटक बताती है| इस कारण इन चुनावों में पवार को अपने रक्त-सम्बन्धियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है| इसका मूलांक 7 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| स्त्री अंक ख़राब होने के कारण यह युति इस पार्टी के विपरीत जाती है| यह युति पार्टी के नेतृत्व के लिए पारिवारिक सदस्यों/निकट के लोगों के कारण परेशानी बताती है| इसकी चर्चा में हम कर ही चुके हैं| यहाँ इस युति के कारण इसका परिमाण दोहरा हो गया है|
            इस पार्टी का भाग्यांक 4 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| नेतृत्व के लिए यह सुख भंगकारी युति है| इसका मतलब यह हुआ कि पार्टी के नेतृत्व को ऐसी बातों का सामना करना पड़ सकता है कि जो परेशान करेंगी| यह भाग्यांक देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह इसके लिए सबसे ज्यादा कष्टकारी बात है| यह युति पार्टी में टूट या विद्रोह भी करवा सकती है| हालाँकि पितृ दोष वाले अजित पवार पितृ दोष वाले अपने चाचा शरद पवार से एक न एक दिन तो विद्रोह अवश्य करेंगे और उनकी यह पार्टी तोड़ या छोड़ कर अलग हो जाएँगे, किन्तु इन लोकसभा चुनावों में भी अजित पार्टी आलाकमान के लिए परेशानी खड़ी कर दें तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए| इस पार्टी का आयु अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह इसके लिए राहत की बात है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ सुख भंगकारी युति बनाता है| यह युति इस पार्टी के अंकों में पूर्व भी बनी थी| यहाँ दुबारा बनने से इसके प्रभाव का रूप दोहरा हो गया है| यह इस पार्टी के आलाकमान के लिए चिंता का विषय सिद्ध हो सकता है| इसका आयु अंक 6 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति ऐसे निर्णय करवाती है कि जो सुख भंग करते हैं|    
        एन सी पी की चलित दशा का अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| इस युति की बात हम पूर्व में कर चुके हैं| यहाँ इसके पुनः आने से इसका प्रभाव दोहरा हो गया है| यह देश के नामांक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| यह इस पार्टी के लिए राहत की बात है| इस पार्टी की स्थापना का चलित अंक 5 देश के नामांक प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता बनाये रखती है| यह देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति एन सी पी के लिए धुंध वाली स्थिति पैदा करती है| इसका मतलब यह है कि इसे अपने प्रदर्शन को लेकर सही हालत का अंदाज़ा न हो| इसका नामांक 1 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ जो युति बनाता है, वह पार्टी आलाकमान के लिए दुखदायी होती है| अतः एन सी पी आलाकमान को परेशानी झेलनी पड़ सकती है| यह नामांक 1 देश के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह युति बनाता है| यह युति पार्टी के मुखिया को झटके देती है| इस पार्टी का नामांक 1 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ पितृ दोष व ग्रहण योग बनाता है| ये दोनों बातें पार्टी आलाकमान के लिए परेशानी की सबब सिध्द हो सकती हैं| अतः इस  पार्टी में विरोध/विद्रोह हो सकता है| इस युति के प्रभाव के चलते यह पार्टी टूट या विद्रोह का सामना कर सकती है| इसका कोई बड़ा नेता पार्टी छोड़ सकता है| कुल मिलकर इस बार के लोकसभा चुनाव एन सी पी के लिए बुरे सिद्ध होने वाले हैं| यह पार्टी यू पी ए के साथ रहते हुए न सिर्फ़ केंद्र की सत्ता से बाहर हो जाएगी, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता से भी बेदखल हो जाएगी| शरद पवार समेत इसके कुछ बड़े नेता चुनाव लड़ने से मना कर सकते हैं| लड़ने की सूरत में इस पार्टी के बड़े और प्रमुख नेता चुनाव हार भी जाएँ तो कैसा आश्चर्य? 
                 अगले भाग में बात करेंगे इस पार्टी के मुखिया शरद पवार की| ............ जय श्री राम|
               

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-12---एम. करुणानिधि : समय झटके लगने का है

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-12| इसमें द्रमुक के मुखिया करुणानिधि का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 03 मार्च, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
न्म-दिनांक:-03-06-1924
मूलांक:-3           भाग्यांक:-7 (25)          आयु अंक:-9 (90 वाँ वर्ष)            नामांक:-1 (वृहदंक 37)          जन्म का चलित अंक:-5 (+)                 चलित दशा:-अंक 5 (वर्ष 2013 से वर्ष 2017)

                तमिलनाडू की राजनीति की बात करें और करुणानिधि की चर्चा न की जाए, वह समय अभी नहीं आया है| अपने समय के इस 'सुपर स्टार पटकथा लेखक' के राजनीतिक जीवन में क्या होने वाला है? इनके लिए भाग्य की पटकथा में क्या लिखा है? तमिल राजनीति का यह महारथी फ़िलहाल सबसे कट कर अलग-थलग पड़ा है| इनका मूलांक 3 इनके जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| इनके जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 की देश के नामांक 3 के साथ भी यही युति बनती है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता बताती है| यह अस्थिरता करुणानिधि के यहाँ साफ़ देखी जा सकती है| यह युति दोहरे रूप में होने के कारण इसका प्रभाव भी दोहरा है| इनका मूलांक 3 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ भी प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति ऐसे निर्णय करवाती है कि जिनसे सुख भंग होता है| यह मूलांक 3 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यही युति इनके भाग्यांक 7 और देश के नामांक 3 में बनती है| यह युति रक्त-संबंधों/निकटता के मामलों में अनुकूलता करती है, किन्तु यहाँ संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति विपरीत फलदायी हो गयी है| यह मूलांक 3 देश के नामांक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह करुणानिधि के लिए शुभ है| यह अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनाता है| संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति इनके विरुद्ध जाती है| यह युति इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में विपरीत निर्णय करवाएगी|
                इनका भाग्यांक 7 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता यह बताती है कि इस बार इनके परिवार का बाहुल्य या हावी होना रहेगा| साथ ही यह युति यह भी बताती है स्त्री (जयललिता) के साथ चुनावी लड़ाई में इन्हें हानि होगी| इनका यह भाग्यांक 7 एक ओर जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है, वहीँ दूसरी ओर इनके ही आयु अंक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय का है| इसकी विपरीतता के कारण इस चुनावी लड़ाई में इनकी जीत खटाई में पड़ जाएगी| इनके भाग्यांक 7 की देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति इनके लिए राहत की बात है| यह अंक 7 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| यह युति रक्त-सम्बन्धों में या इनके कारण उठापटक बताती है| इस कारण इन चुनावों में करुणानिधि के रक्त-सम्बन्धियों के कारण उठापटक या विवाद सम्भव है| इनका आयु अंक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति चुनावी लड़ाई को सुखद नहीं रहने देती है| इस आयु अंक 9 की देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ युति चुनावी लड़ाई में उठापटक बताती है| अतः इस बार चुनावी समर में करुणानिधि के लिए कठिनाइयाँ परीक्षा लेने वाले रूप में होंगी|
              करुणानिधि को अभी अंक 5 की दशा चल रही है| यह वर्ष 2013 में आरम्भ हुई है, जो कि वर्ष 2017 तक चलेगी| अंक 5 इनके मूलांक 3 का परम विरोधी है| यह दशा इन पर बहुत भारी पड़ेगी| यह इनके जीवन को पूर्ण विराम दे सकती है| चलित दशा का यह अंक 5 इनके आयु अंक 9 का भी परम विरोधी है| इस कारण झटके तो इन्हें इस आयु अंक में भी तगड़े लग रहे हैं और शेष अवधि में भी लगते रहेंगे| अब अंक 9 वाले वर्ष 2016 में जब इन्हें आयु अंक 2 वाला वर्ष 83 वाँ वर्ष चल रहा होगा तो वह समयावधि इनके जीवन के लिए निर्णायक सिध्द हो सकती है| इनका नामांक 1 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ जो युति बनाता है, वह नेता के रूप में सुख भंग करती है| अतः करुणानिधि को पार्टी के नेता के रूप में भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है| यह नामांक देश के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह युति बनाता है| यह युति पार्टी के मुखिया के रूप में झटके देती है| इनका नामांक 1 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ पितृ दोष व ग्रहण योग बनाता है| ये दोनों बातें पार्टी के मुखिया के रूप में करुणानिधि के लिए झटके देने वाली हैं| अतः करुणानिधि के विरुद्ध पार्टी में विरोध/विद्रोह हो सकता है| इस युति के प्रभाव के चलते इनकी पार्टी टूट जाए या टूट के कगार पर आ जाए तो भी अचम्भा नहीं होना चाहिए| यह कहा जा सकता है कि इन लोकसभा चुनावों में करुणानिधि को तगड़ा झटका लगने जा रहा है| जहाँ एक तरफ पार्टी प्रमुख के रूप में इनके लिए मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं, वहीँ सीटों के मामले में भी झटका लग सकता है| यदि इस बार इनकी पार्टी दो अंकों में भी नहीं पहुँच पाए तो कोई बड़ी बात नहीं है|  
             अगले भाग में बात करेंगे दस सालों से यू पी ए में कांग्रेस पार्टी की हमसफ़र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की| ............ जय श्री राम|  
               

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-11---द्रविड़ मुनेत्र कझगम : हाल बहुत बुरा होगा

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-11| इसमें द्रविड़ मुनेत्र कझगम का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है|
स्थापना-दिनांक:-17-09-1949
मूलांक:-8           भाग्यांक:-4 (40)          आयु अंक:-2 (65 वाँ वर्ष)            नामांक:-3 (वृहदंक 75)          स्थापना का चलित अंक:-5 (-)                 चलित दशा:-अंक 4 (वर्ष 2012 से वर्ष 2015)

                अब बात करते हैं तमिलनाडू के दूसरे प्रमुख दल द्रविड़ मुनेत्र कझगम यानि द्रमुक की| पिछले विधानसभा चुनावों में द्रमुक का हाल बहुत बुरा हुआ था| वह सत्ता से सिर्फ़ बाहर ही नहीं हुई, बल्कि बहुत बुरी तरह बार हुई|  अब यह देखें कि इन लोकसभा चुनावों में द्रमुक का क्या हाल होने वाला है? द्रमुक का मूलांक 8 वृहदंक 17 से बना है| अंक 1 नेता/नेतृत्व व अंक 7 रक्त-सम्बन्ध/अंतरंगता का है| अंक 8 इसका विखंडन करता है| इस पार्टी पर यह पूर्ण प्रभावी है| इस पार्टी पर यह 'अंतरंग/निकट के लोगों में विखंडन' वाली बात बिलकुल सही ठहरती है| इस पार्टी के टूटने से ही इसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टी अन्नाद्रमुक का जन्म हुआ था| और भी कुछ अवसरों पर यह पार्टी टूटी है|
                इस पार्टी का भाग्यांक 4 व चलित दशा का अंक 4 इसके मूलांक 8 व देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति इस पार्टी के लिए अशुभ है| यह इसमें झगड़े-टंटे और टूट-विद्रोह करवाएगी| करूणानिधि द्वारा अपने बड़े बेटे अझागिरी को पार्टी से निलम्बित करने की हमारी भविष्यवाणी सही साबित हो चुकी है| ऐसे ही कुछ बातें और हो सकती हैं| यह भाग्यांक 4 व चलित दशा का अंक 4 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| अन्य अंकीय समीकरणों के प्रतिकूल होने के कारण यह युति इस पार्टी के नेतृत्व के लिए सुख भंगकारी सिद्ध हो सकती है| यह सुख भंगकारी युति एक और जगह भी बनती है| यह भाग्यांक 4 व चलित दशा का अंक 4 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ इसी फलित रूप में बैठा है| यही अवस्था इस भाग्यांक 4 व चुनावी वर्षांक 7 की युति की है| यह प्रबल मित्र युति संगत अंकीय समीकरणों की विपरीतता के कारण हानिकारक बन गयी है| अंक 4 पितृ अवस्था व अंक 7 रक्त-सम्बन्ध का है| अतः इस पार्टी में पितृ अवस्था यानि नेतृत्वगत वर्चस्व को लेकर रक्त-सम्बन्धियों में तगड़ी खींचातानी देखने को मिल सकती है| पितृ अवस्था की इस विपरीतता का अर्थ यह है कि पार्टी के वर्तमान पितृ पुरुष करुणानिधि का अस्तित्व मिट सकता है; उनका जीवन पूर्ण विराम ले सकता है|
                इसका आयु अंक 2 देश की स्वाधीनता के मूलांक 8, देश की स्वाधीनता के मूलांक 6, देश के नामांक 3 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| वैसे तो ये युतियाँ शुभ होती हैं, किन्तु जयललिता के साथ चुनावी लड़ाई में ये विपरीत बैठती हैं क्योंकि 2 स्त्री अंक है| इसका यह आयु अंक 2 चुनावी वर्षांक 7 के साथ विरोधी युति बनाता है| दो स्त्री अंकों की यह पारस्परिक विरोधी युति इस पार्टी के लिए हानिकारक सिद्ध होंगी और वे भी दोहरे रूप में| एक तो पार्टीगत रूप में और दूसरे स्त्री (जयललिता) के साथ चुनावी लड़ाई में| इस पार्टी का मूलांक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति इसमें हमारी टूट वाली बात को प्रबल करती है| यह मूलांक 8 देश के नामांक 3 के साथ व इस पार्टी का नामांक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति निर्णयगत उठापटक बताती है| अंक 3 संतान का है और अंक 8 उठापटक का| अतः इस पार्टी में करुणानिधि का संतान पक्ष बड़ी उठापटक करवा सकता है| अंक 3 मित्रता व अंक 8 लोकतंत्र का भी है| संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति द्रमुक के लिए विपरीत फलदायी बन गयी है| अतः लोकसभा चुनावों के बाद द्रमुक के लिए मित्र खोजना/बनाना कठिन हो जाएगा| यदि यह किसी गठबंधन का हिस्सा बनेगी भी तो समझौता कर बनना पड़ेगा और कम/बहुत कम में संतोष करना पड़ सकता है| इस बार लोकसभा चुनावों में इस पार्टी की सीटें दो अंकों तक भी न पहुँचे तो भी अचम्भे की बात नहीं मानी जानी चाहिए|      
                   अगले भाग में बात करेंगे द्रमुक के प्रमुख करुणानिधि की| ............ जय श्री राम|
                     

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-10---जे. जयललिता : 'किंग' भी सम्भव और 'किंग मेकर' भी

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-10| यह बात हम दिसंबर, 2013 में 'अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच' की ओर से जालंधर (पंजाब) में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| इसमें अन्नाद्रमुक की  मुखिया और तमिलनाडू की मुख्यमंत्री सुश्री जे. जयललिता का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 02 मार्च, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
जन्म-दिनांक:-24-02-1948
मूलांक:-6           भाग्यांक:-3 (30)          आयु अंक:-4 (67 वाँ वर्ष)            नामांक:-6 (वृहदंक 24)          जन्म का चलित अंक:-3 (+)                 चलित दशा:-अंक 8 (वर्ष 2007 से वर्ष 2014)

                अब बात करते हैं अन्नाद्रमुक की मुखिया और 'अम्मा' के नाम से प्रसिद्ध तमिलनाडू की मुख्यमंत्री 'चेन्नई एक्सप्रेस' जे. जयललिता की| नरेंद्र मोदी की ओर पींगें बढ़ाते हुए अचानक कम्यूनिस्टों के साथ चुनाव-पूर्व समझौता कर इन्होंने जिस प्रकार देश की राजनीति को चौंकाया है, उससे इनके 'प्रधानमंत्री बनने' के इरादे बिलकुल साफ़ प्रकट हो चुके हैं| इनका मूलांक 6 वृहदंक 24 से बना है| अंक 2 परिवार/पार्टी का है; अंक 4 मुखिया का है और अंक 6 सुख का है| अंक 2, अंक 4 व अंक 6 का यह त्रिकोण पारिवारिक सुख-भंग बताता है| जयललिता ने विवाह नहीं किया, अतः इनका पारिवारिक सुख तो भंग हो ही गया| साथ ही अंक 2 को पार्टी के रूप में रख कर देखें तो अद्भुत अंकीय विश्लेषण मिलता है| एम. जी. आर. के देहांत के बाद पार्टी पर वर्चस्व के लिए एम. जी. आर. की पत्नी के साथ जयललिता की लड़ाई  चली| इनका मूलांक 6 व नामांक 6 की भाग्यांक 3 के साथ पारस्परिक विरोध की युति है| 
                इनका आयु अंक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति मुखिया के रूप में पक्ष मज़बूत करती है| इनका भाग्यांक 3 देश के नामांक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति मित्रों व चुनाव/चयन सम्बन्धी मोर्चे पर शुभ है| यह भाग्यांक 3 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति चुनाव/चयन में मित्रता सम्बन्धी अनुकूलता बताती है| यह अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| अंक 8 लोकतंत्र का है| अंक 3 के साथ इसकी यह युति यह बताती है कि इन्हें इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में अनुकूलता रह सकती है| इनकी चलित दशा का अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह प्रधान/प्रमुख के रूप में आकांक्षा पूरा होने में बाधक है| इससे यह प्रकट होता है कि जयललिता की 'दिल्ली फ़तह' की उम्मीदें कहीं मुरझा न जाए|
                इनका मूलांक 6 व नामांक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह मुखिया /प्रमुख के रूप में सुख भंग करती है| इनका आयु अंक 4 ठीक यही युति देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा की साथ बनता है| ये दोनों युतियाँ जयललिता के लिए ठीक नहीं है| इनका आयु अंक 4 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह प्रभुत्व वृद्धि में बाधक होती है| यह अंक 4 चुनवी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति जयललिता के लिए शुभ है| इसके कारण इन्हें गठबंधन सम्बन्धी सुविधा रहेगी| चुनावों के बाद इन्हें प्रधानमंत्री बनाने के मामले में विभिन्न दलों/व्यक्तियों का सहयोग मिल सकता है| इसके अलावा ये कोई नवीन गठबंधन भी कर सकती हैं| इस रूप में ये एन. डी. ए. की सरकार बनने की दशा में उसके साथ आ सकती हैं| इनकी चलित दशा का अंक 8 चुनावी वर्षांक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| अंक 8 लोकतंत्र का होता है और अंक 7 मनोवांछा का| यह युति बताती है कि जयललिता अपनी मनोवांछा पूरी करने के मामले में भाग्यशाली सिद्ध हो सकती है| इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि इन लोकसभा चुनावों में जयललिता (क्रिकेट की भाषा में) छक्का मारने जा रही हैं| ग़ैर भाजपाई प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में ये सबसे आगे रह सकती हैं| इनके नाम पर कुछ और दल जुट सकते हैं| अंकों की विचित्र अवस्था के कारण यह भी सम्भव है कि अपनी इच्छा-पूर्ति में बाधा देख कर एवं एन डी ए की सरकार बनने की सम्भावनाओं के प्रकाश में जयललिता कम्यूनिस्टों से नाता तोड़ कर एन डी ए के साथ भी चली जाए तो किसी प्रकार का आश्चर्य नहीं होना चाहिए| स्थिति चाहे इनके ख़ुद के प्रधानमंत्री बनने की हो या सत्ता वाले गठबंधन के साथ आने की; मगर इस बार देश की सत्ता और सरकार में जयललिता बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही हैं, इस में कोई शक़ नहीं होना चाहिए| 
                      अगले भाग में बात करेंगे द्रमुक की| ............ जय श्री राम|

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-9---अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम : बहुत अच्छा प्रदर्शन सम्भव

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-9| इसमें अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह आलेख जनवरी, 2014 का है|

स्थापना-दिनांक:-17-10-1972
मूलांक:-8           भाग्यांक:-1 (28)          आयु अंक:-6 (42 वाँ वर्ष)            नामांक:-7 (वृहदंक 106)          स्थापना का चलित अंक:-6 (-)                 चलित दशा:-अंक 8 (वर्ष 2007 से वर्ष 2014)

                तमिलनाडू में दो ही दलों का वर्चस्व रहता आया है-द्रविड़ मुनेत्र कझगम यानि द्रमुक और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम यानि अन्नाद्रमुक का| विगत विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक ने द्रमुक का सूपड़ा साफ़ करते हुए सत्ता पर कब्ज़ा किया था| अब यह देखते हैं कि इन आम चुनावों में अन्नाद्रमुक का प्रदर्शन कैसा रह सकता है? अन्नाद्रमुक का मूलांक 8 वृहदंक 17 से बना है| अंक 1 नेता/नेतृत्व व अंक 7 रक्त-सम्बन्ध/अंतरंगता का है| अंक 8 इसका विखंडन करता है| इस पार्टी पर यह पूर्ण प्रभावी है| यह अंतरंग/निकट के लोगों में विखंडन से ही जन्मी है| इस पार्टी का भाग्यांक 1 वृहदंक 28 से बना है| अंक 2 साथ/पार्टी/परिवार व अंक 1 नेता/नेतृत्व का है| अंक 8 विखंडन का है| यह समीकरण भी इस पार्टी पर पूर्ण प्रभावी है| यह पार्टी द्रमुक पार्टी के साथियों में विखंडन से ही बनी है| यहाँ मूलांक 8 व भाग्यांक 1 में पितृ द्रोह युति बनती है| यह युति भी इस पार्टी पर पूर्ण प्रभावी है| यह पार्टी अपनी पैतृक पार्टी द्रमुक में विद्रोह करने से ही बनी है| द्रमुक के तब के प्रभावी नेता और अभिनेता एम. जी. रामचंद्रन (एम. जी. आर.) ने मुखिया करुणानिधि के विरुद्ध विद्रोह कर यह पार्टी बनायी थी|
                इसका भाग्यांक 1 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनता है| यह युति एक ओर जहाँ पितृ दोष बनाती है, वहाँ दूसरी ओर ग्रहण योग भी बनाती है| इसका अर्थ यह हुआ कि मुखिया/प्रधान के रूप में इस पार्टी के लिए मामला कठिन है| इसका भाग्यांक 1 अपने आयु अंक 6 व अपनी स्थापना के चलित अंक 6 और देश के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति सुख भंग की है| इस पार्टी का आयु अंक 6 व स्थापना का चलित अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह मुखिया/प्रमुख के रूप में सुख भंग करती है| इसका मूलांक 8 व चलित दशा का अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह प्रधान/प्रमुख के रूप में आकंक्षा को अपूर्ण रख देती है| यह बात बताती है कि दिल्ली की गद्दी पर कब्ज़ा करने की अन्नाद्रमुक की परम इच्छा ख़तरे में पड़ सकती है| अब इसकी इच्छा-पूर्ति जानने के लिए इसकी अन्य अंकीय युतियाँ व इसकी प्रमुख जयललिता के अंकीय समीकरण देखने पड़ेंगे| इसका आयु अंक 6 व स्थापना का चलित दशा का अंक 6 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक ३ निर्णय/चुनाव/चयन का है| यह युति इस पार्टी के पक्ष में पूर्णतः निर्णय करवाने में अवरोध उत्पन्न कर सकती है| 
                इस पार्टी का भाग्यांक 1 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति प्रधान के रूप में पक्षकारी है| साथ ही इसका नामांक 7 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह इस पार्टी की इच्छा-पूर्ति में सहायक बन सकती है| इसका मूलांक 8 व चलित दशा का अंक 8 भी चुनावी वर्षांक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| अंक 8 लोकतंत्र का होता है और अंक 7 मनोवांछा का| यह युति बताती है कि यह पार्टी अपनी मनोवांछा पूरी करने के मार्ग पर बहुत आगे तक जा सकती है| इसका मूलांक 3, नामांक 7 व चलित दशा का अंक 8 देश के नामांक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| अंक 3 निर्णय/चुनावव/चयन  व अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति बताती है कि इस बार की लोकतान्त्रिक लड़ाई इसके लिए बहुत अच्छी रहने वाली है| बहुत सम्भव है कि यह पार्टी इस बार अपना सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन कर दिखाए| इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि इन लोकसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक बहुत अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है| यह भी सम्भव है कि इस बार देश की सत्ता की चाबी यह पार्टी अपने हाथ में ले ले| एन डी ए की सरकार बनने की सम्भावनाओं के प्रकाश में यह पार्टी कम्यूनिस्टों से अपना नवीन गठबंधन तोड़ कर एन डी ए के साथ भी चली जाए तो किसी प्रकार का आश्चर्य नहीं होना चाहिए|       

                   अगले भाग में बात करेंगे अन्नाद्रमुक की मुखिया जयललिता की| ............ जय श्री राम|
                 
 

रविवार, 13 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-8 : मायावती---अभी तो प्रधानमंत्री नहीं

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-8| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-8 में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 27 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
जन्म-दिनांक:-15-01-1956
मूलांक:-6          भाग्यांक:-1           आयु अंक:-5 (59 वाँ वर्ष)             नामांक:-1             जन्म का चलित अंक:-8 (-)              चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)

                लोकसभा चुनावों के सिलसिले में सब तरफ़ 'तीन देवियों' के चर्चे हैं| ये तीन देवियाँ हैं-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती| तीनों में दो प्रमुख समानताएँ यह हैं कि एक तो ये अपने-अपने दलों की प्रमुख हैं और वह भी ऐसे-वैसे वाले नहीं, बल्कि सर्वेसर्वा वाले रूप में; और दूसरी यह कि तीनों ही 'सुश्री' हैं| इनमें से पहली दो की चर्चा हम आगे के अंकों में करेंगे, आज हम चर्चा करते हैं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की|        
                मायावती का मूलांक 6 व चलित दशा का अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह शुभ है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति व देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 4 व अंक 6 की युति पितृ अवस्था का सुख भंग करती है| अंक 3 व अंक 6 की युति सुखकारी निर्णय में बाधा डालती है| इन दोनों युतियों का तात्पर्य यह है कि लोकसभा चुनावों के बाद मायावती के पक्ष में किसी भी गठबंधन या मोर्चे की मुखिया बनाए जाने का निर्णय नहीं हो पाएगा| ये दोनों युतियाँ इनके प्रधानमंत्री पद पाने में सबसे बड़ी बाधक सिद्ध होंगी| इनका भाग्यांक 1 व नामांक 1 इनके अपने मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 और देश के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 1 नेतृत्व व नेता और अंक 6 सुख का है| यह विपरीत युति भी नेता के रूप में सुख-भोग नहीं करने नहीं देती है| यह नेतृत्व की अवस्था भंग कर देती है| इनका भाग्यांक 1 व नामांक 1 इनके जन्म के चलित अंक 8 व देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह की अवस्था निर्मित कर रहा है| यह युति मुखिया के रूप में मायावती के लिए परेशानियों की ओर संकेत कर रही है| इसके कारण मायावती को अपनी पार्टी के मामलों में भी परेशानी पेश आ सकती है| इनका भाग्यांक 1 व नामांक 1 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ पितृ दोष व ग्रहण योग बना रहा है| ये दोनों ही मायावती के नेता या मुखिया रूप के लिए बहुत हानिकारक हैं| बोलचाल की भाषा में इसे 'नेतृत्व पर ग्रहण लगना' कहते हैं|  इस कारण इनके नेतृत्व या इनके फ़ैसलों पर सवाल खड़े किये जा सकते हैं| इतना ही नहीं, बल्कि इन्हें अपने नेतृत्व के सम्बन्ध में झटके झेलने पड़ सकते हैं| पार्टी के अंदर या बाहर इनके नेतृत्व को चुनौती दी जा सकती है| इनके काम या शैली को लेकर पार्टी में विद्रोह के सुर बुलंद हो सकते हैं| इनका कोई प्रमुख नेता पार्टी छोड़ कर भी जा सकता है|
                    मायवती का आयु अंक 5 इनके जन्म के चलित अंक 8 का विरोधी है| देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी यही समीकरण होने के कारण इस युति का परिमाण बढ़ जाता है| इनकी युति भ्रम की अवस्था बनाए रखती है| यह आयु अंक 5 देश के नामांक 3 के साथ विरोधी युति बनता है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता उत्पन्न करती है| इसके कारण यह भ्रम बना रहता है कि अब सफल हुए कि तब सफल हुए; मगर सफल नहीं हो पाते हैं| इनकी चलित दशा और देश की स्वाधीनता की चलित दशा समान है|    इनके जन्म का चलित अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह इनके लिए मनोवांछा-पूर्ति यानि प्रधानमंत्री बनने के मार्ग में 'काँटे बिछाने वाली' है| देश का नामांक 3 इनके जन्म के चलित अंक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति मायावती के लिए लाभकारी है| देश की स्वाधीनता का आयु अंक 4 इनके आयु अंक 5 के साथ प्रबल युति बनाता है| यह युति इनके लिए अत्यंत लाभकारी है| साथ ही चुनावी वर्षांक 7 इनके भाग्यांक 1 व नामांक 1 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति दोहरे रूप में प्रभावी है| ये युतियाँ इन्हें इस बार अच्छा लाभ दे सकती हैं| अतः इन लोकसभा चुनावों में मायावती की सीटें बढ़ सकती हैं; किन्तु अनुकूल की तुलना में प्रतिकूल अंकीय समीकरणों की अधिकता के कारण ये अभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएँगी|  
                अब अगली बात करेंगे कल| तब तक के लिए आज्ञा दीजिए| ......... आज के आनंद की जय| ............ जय श्री राम|
   
              



लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-7 : बहुजन समाज पार्टी---दिल्ली दूर ही रहेगी

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-7| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-7 में बहुजन समाज पार्टी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 27 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
स्थापना-दिनांक:-14-04-1984
मूलांक:-5            भाग्यांक:-4           आयु अंक:-4 (31 वाँ वर्ष)            नामांक:-2              स्थापना का चलित अंक:-9 (+)               चलित दशा:-अंक 4 (वर्ष 2012 से वर्ष 2015 तक)

बहुजन समाज पार्टी का मूलांक 5 वृहदंक 14 से बना है| अंक 1 व अंक 4 में परस्पर पितृ दोष है| इनके साथ इस वृहदंक के मूलांक 5 की युति अस्थिरताकारक है| अंक 1, अंक 4 व अंक 5 का यह त्रिकोण बहुत विचित्र है| इस कारण इस पार्टी का कोई भरोसा नहीं कि कब किसके साथ आ जाए या कब किससे अलग हो जाए| यही कारण है कि यह पार्टी जब-जब भी किसी पार्टी के साथ सत्ता की 'ड्राइविंग सीट' पर रहेगी, तब तक तो ठीक है; किन्तु जैसे ही सीट बदलनी होगी तो यह अस्थिरता वाली बात हावी हो जाएगी और वह साथ छूट जाएगा| यह मूलांक 5 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति विचलनकारी है| इसी कारण यह पार्टी देश की सत्ता के लिए भले ही चाहे कितनी दौड़ लगाए, किन्तु यह विचलन उसे वहाँ तक पहुँचने में सफल नहीं होने देगा| '08-08-08' के विशेष अवसर पर दिनांक 08 अगस्त, 2008 को B TV NEWS (जयपुर) से प्रसारित हमने अपने साक्षात्कार में यह साफ़-साफ़ कहा है कि इस पार्टी की प्रमुख मायावती देश की प्रधानमंत्री नहीं बन पाएँगी| इस पार्टी के मूलांक 5, आयु अंक 4 और देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4, इसके भाग्यांक 4 व चलित दशा के अंक 4 में मित्र युति है| यह चलित के कुछ प्रतिशत इसके पक्ष में होना बताती है| इसका मूलांक 5 इसके नामांक 2 व चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| स्त्री अंक 2 व 7 की अनुकूलता मनोवांछा पूर्ति में सहायक होती है| बसपा के नामांक 2 व चुनावी वर्षांक 7 में परस्पर विरोधी युति है| इस कारण अंक 2, अंक 5 व अंक 7 की युति यहाँ आंशिक सहयोगकारी रूप में है| इसका तात्पर्य यह है कि बसपा की बड़ी मनोवांछा यानि अपना प्रधानमंत्री बनवाना तो पूरी नहीं होगी; किन्तु छोटी मनोवांछा यानि लोकसभा में अपनी सीटें बढ़ाना, यह पूरी हो जाए|
                  बसपा की स्थापना का चलित अंक 9 व इसके भाग्यांक और देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बनता है| चुनावी लड़ाई के दृष्टिकोण से यह युति कोई अच्छी नहीं कही जा सकती|  यह अंक 9 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनता है, इस कारण कुछ लाभ सम्भव है| बसपा का भाग्यांक 4, आयु अंक 4 व चलित दशा का अंक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी है| साथ ही यह देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| इस कारण अभी तो बसपा के लिए समय पक्षकारी नहीं है| इसका आयु अंक 4 व भाग्यांक 4, दोनों ही वृहदंक 31 से बनाते हैं| अंक 1 नेतृत्व व अंक 3 मित्रता व निर्णय का है| इसकी प्रबलता के कारण यहाँ अनुकूलता की स्थिति बन रही है| अंक 1, अंक 3 व अंक 4 का त्रिकोण यह बताता है कि इस पार्टी को इन चुनावों में अपेक्षाकृत अनुकूलता सम्भव है; किन्तु पितृ दोष के कारण यह अनुकूलता नष्टप्रायः हो जाती है| यहाँ इस पार्टी के नामांक २ की युति भी जाँची जाए तो निष्कर्ष यह निकलता है कि यह पार्टी जब-जब भी किसी पार्टी के साथ मित्रतापूर्ण सम्बन्ध/गठबंधन बनेगी, तब-तब वह मित्रतापूर्ण सम्बन्ध/गठबंधन बेमौत मरेगा यानि पूरा नहीं होगा|

                   बसपा का भाग्यांक 4, चलित दशा का अंक 4 व आयु अंक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह बात बसपा के लिए शुभ है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 रक्त-सम्बन्ध/अति विश्वसनीयता का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि इस पार्टी को मायावती के रक्त-सम्बन्धियों और अति निकट के लोगों के कारण परेशानी/अपयश/पराजय/प्रतिकूलता का सामना करना पड़ सकता है| यहाँ बसपा के नामांक 2 के समीकरण भी संलग्न कर लिए जाएँ तो मामला विचित्र हो जाता है| अंक 2 स्त्री अंक है| ऐसे में स्त्री प्रधानता वाली इस पार्टी में चुनावों के दौरान या चुनावों के बाद विचित्र स्थिति बन सकती है; या इसकी मुखिया मायावती समर्थन देने या लेने के मामले में कोई ऐसा क़दम उठा सकती हैं कि जो नितांत अनपेक्षित हो| कुल मिलाकर स्थिति यह बन रही है कि इन लोकसभा चुनावों के बाद बसपा दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ नहीं हो पाएगी| इसके लिए अभी 'दिल्ली दूर' रहेगी| 
                    अगले अंक में बात करेंगे बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती की| ............ जय श्री राम|

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-6 : मुलायम सिंह यादव---नहीं बन पाएँगे प्रधानमंत्री

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-6| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-6 में समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 25 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|

जन्म-दिनांक:-22-11-1939
मूलांक:-4          भाग्यांक:-1           आयु अंक:-3 (75 वाँ वर्ष)             नामांक:-5             जन्म का चलित अंक:-3 (-)              चलित दशा:-अंक 5 (वर्ष 2013 से वर्ष 2017 तक)


 आज बात करते हैं समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की| प्रत्यक्ष और परोक्ष में उन्होंने इस बार अपना सारा दमखम लगा रखा है| इस बार वे 'अभी नहीं, तो कभी नहीं' वाली अवस्था में हैं| इनके मूलांक 4 व भाग्यांक 1 में पितृ दोष व ग्रहण योग है| ये योग एक पितृ पुरुष के रूप में मुलायम के विपरीत जाते हैं| इनके लिए यह बात कुछ सांत्वनादायक रह सकती है कि चुनावी वर्षांक 7 इनके मूलांक 4 व भाग्यांक 1 के साथ-साथ इनके आयु अंक 3 (75 वाँ वर्ष) का प्रबल मित्र है| यही अंक 3 इनके जन्म का चलित भी है| यहाँ यह बात फिर इनके विरुद्ध जाती है कि इनका आयु अंक 3 व जन्म का चलित अंक 3 इन्हीं की चलित दशा के अंक 5, इनके ही नामांक 5 व देश की चलित दशा के अंक 6 का प्रबल विरोधी है| अतः स्वयं इनकी व देश की चलित की दशाएँ इनके पक्ष में नहीं ही हैं; अपितु ये तो प्रबल विरोधी हैं| इनका मूलांक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी होने के साथ-साथ देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| अंक 4 व अंक 8 में विखंडन युति बनती है| यह युति पितृ अवस्था भंग करती है| इस कारण 22 नवम्बर, 2014 तक का समय मुलायम के लिए परीक्षा का है| इनका मूलांक 4 वृहदंक 22 से बनता है| अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा व अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता का है| अंक 22 व इसके मूलांक 4 का त्रिकोण यह बताता है कि मुलायम को अपनी पार्टी और परिवार को एकजुट बनाये रखने और चुनावी लड़ाई के लिए साथ रखने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है| न सिर्फ पार्टी, बल्कि परिवार के भी वरिष्ठ सदस्यों की आपसी टकराहट इसके लिए बड़ी परेशानी साबित हो सकती है| मुलायम सिंह के परिवार के सदस्य इनकी मुश्किलें बढ़ा सकते हैं| इसके साथ ही चुनावों के बाद दूसरे दलों के साथ जाने या उन्हें साथ लेने के मामले में मुलायम को परेशानी पेश आ सकती है| मुलायम के लिए आगामी आयु अंक 6 से आयु अंक 8 की अवधि यानि उम्र के 78 वें से 80 वें वर्ष का समय बहुत भारी सिद्ध होगा| इस अवधि में इनकी पार्टी मृत अथवा मृतप्रायः हो जाएगी| इस अवधि में ये अपनी पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार से हाथ धो बैठेंगे| यही अवधि इनके जीवन पर भी भारी पड़ सकती है यानि इस अवधि में मुलायम सिंह का जीवन पूर्णविराम ले ले तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए| इनका नामांक 5 व इनकी चलित दशा का अंक 5 देश के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति भ्रम की अवस्था बनाये रखती है, किन्तु भ्रम के समाप्त होने पर बुरी तरह पटखनी देती है| इस प्रकार इन लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी के प्रदर्शन और अपनी अवस्था को लेकर मुलायम बहुत भ्रम में रहेंगे, किन्तु परिणाम आने पर बहुत निराश होना पड़ेगा|                 

            मुलायम का मूलांक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह मुलायम को कुछ सुकून दे सकती है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 रक्त-सम्बन्ध का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि ये अपने परिवार के लोगों के कारण परेशानी में घिरते रहेंगे| अपने परिवार के लोगों के रूठने-मनाने और खींचातानी भरे रुख़ के कारण इनकी मुश्किलें बढ़ने के ही आसरा हैं, कम होने के नहीं| इनका भाग्यांक देश के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बना रहा है| यह नेतृत्व में 'सुख भंग' की युति है| इसका मतलब यह है कि मुलायम को 'नेता होने या नेतृत्व करने का सुख' नहीं मिल पाएगा यानि ये किसी तीसरे/चौथे मोर्चे का नेता बन कर देश का नेतृत्व नहीं कर पाएँगे| इनका यह भाग्यांक 1 देश के भाग्यांक 8 के साथ सीधे-सीधे पितृ द्रोह उत्पन्न करता है| यह युति भी 'नेतृत्व का सुख' नहीं लेने देती है| अतः इस बार मुलायम न तो 'किंग' बनते दिख रहे हैं और न ही 'किंगमेकर'; बल्कि इन्हें तो अपना पिछले लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन बरक़रार रखने में भी ज़ोर आ सकता है| कहीं ऐसा न हो जाए कि मुलायम 'आगे का पाने के चक्कर' में पिछला प्रदर्शन भी खो बैठें| 
              अगले भाग में बात करेंगे बहुजन समाज पार्टी की| ............ जय श्री राम|

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-5 समाजवादी पार्टी---नहीं बनवा पाएगी अपना प्रधानमंत्री

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-5| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-5 में समाजवादी पार्टी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 22 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
 स्थापना-दिनांक:-02-10-1992
मूलांक:-4            भाग्यांक:-8           आयु अंक:-4 (22 वाँ वर्ष)            नामांक:-2              स्थापना का चलित अंक:-6 (-)               चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)

             राजनीतिक दृष्टिकोण से देश के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश की सता पर काबिज़ समाजवादी पार्टी के लिए ये लोकसभा चुनाव बहुत अहम हैं| कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता की सड़क उत्तर प्रदेश से जाती है| सपा का मूलांक 4 व आयु अंक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी है| साथ ही यह देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| इस कारण 04 अक्टूबर, 2014 तक तो सपा के लिए बहुत बुरा समय है| इसका आयु अंक 4 वृहदंक 22 से बनता है| अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबधन/स्त्री/मनोवांछा व अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता का है| अंक 22 व इसके मूलांक 4 का त्रिकोण यह बताता है कि इस अवधि में सपा को अपना कुनबा सम्भाले रखने में भी बहुत ज़ोर आएगा| वरिष्ठ सदस्यों की आपसी टकराहट इसके लिए बड़ी परेशानी साबित हो सकती है| इस उलझन को बढ़ाने में पारिवारिक सपाइयों का बड़ा हाथ हो सकता है| इसका तात्पर्य यह है कि मुलायम सिंह के परिवार के सदस्यों की पारस्परिक खींचातानी पार्टी के लिए उलझनें बढ़ा सकती है| साथ ही चुनाव पश्चात् साथी दलों या गठबंधन के मामले में भी सपा को बहुत दुविधा का सामना करना पड़ सकता है| इस पार्टी के लिए वर्तमान आयु अंक 4 से आयु अंक 8 यानि स्थापना के 22 वें वर्ष से 26 वें वर्ष तक की अवधि बहुत भारी पड़ेगी| इस अवधि में यह पार्टी समाप्त या समाप्त-सी हो जाएगी| सपा की स्थापना का चलित अंक 6 व इसकी चलित दशा का अंक 6 इसी के मूलांक 4, आयु अंक 4 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति 'सुख भंग' की है| तात्पर्य यह है कि इस बार के लोकसभा चुनावों में सपा की अवस्था सुखद नहीं रहने वाली है|                
            सपा का मूलांक 4 व आयु अंक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह सपा के लिए अनुकूलता वाली बात है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 रक्त-सम्बन्ध का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि रक्त-सम्बन्धों की दृष्टि से वरिष्ठ लोगों की खींचातानी के कारण पार्टी को परेशानी सम्भव है| यहाँ सपा के नामांक 2 के समीकरण भी संलग्न कर लिए जाएँ तो मामला विचित्र हो जाता है| अंक 2 परिवार व स्त्री का होता है| ऐसे में सपा की स्त्री (विशेषकर परिवार की स्त्री) उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ सकता है| इसलिए यदि इस बार डिम्पल यादव या मुलायम के परिवार की किसी अन्य स्त्री उम्मीदवार को चुनावी समर में पराजय मिले तो अचम्भा नहीं होना चाहिए| सपा का भाग्यांक 8 बना है वृहदंक 26 से| हम पूर्व में उल्लेख कर ही चुके हैं कि अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा है| अंक 6 सुख/आनंद/अनुकूलता व अंक 8 तत्सम्बन्धी अवस्था को भंग करता है| अंक 2, अंक 6 व अंक 8 का त्रिकोण यह बताता है कि सपा को इस बार इन मोर्चों पर 'भंग अवस्था' के कारण प्रतिकूलता झेलनी पड़ सकती है| सपा का भाग्यांक 8 देश के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति पितृ अवस्था भंग करती है| इस में सपा के आयु अंक 4 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के समीकरण संलग्न कर दें तो यह फलित मिलता है कि सपा का आगामी केंद्र सरकार पर कोई नियंत्रण नहीं होगा| यह पार्टी उस सरकार की 'पितृ अवस्था' में नहीं आ पाएगी| तब यह पार्टी 'पंच'/'सरपंच' की भूमिका में नहीं रह पाएगी| सपा का यह भाग्यांक 8 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ प्रतिरूप युति बना रहा है, जो कि विस्फोटक है| अंक 8 लोकतंत्र का है| अतः इस बार की इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में समाजवादी पार्टी की मनोवांछा पूरी होने के कोई आसार नज़र नहीं आते| इस बार के लोकसभा चुनावों में सपा का प्रदर्शन पिछली बार से बेहतर न रह पाये तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए| 
                      अगले भाग में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की बात करेंगे| ............ जय श्री राम|

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-4 : सोनिया गांधी---समय मेहरबान नहीं

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-4| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| आज इसके भाग-4 में सोनिया गांधी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 21 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|                                                            
जन्म-दिनांक:-09-12-1946
मूलांक:-9         भाग्यांक:-5 (वृहदंक 32)          आयु अंक:-5 (68 वाँ वर्ष)             नामांक:-9 (वृहदंक 36)             जन्म का चलित अंक:-3 (-)              चलित दशा:-अंक 8 (वर्ष 2007 से वर्ष 2014 तक)
                     
                 इस बार के लोकसभा चुनावों में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजगद्दी पर विगत दस वर्षों से नियंत्रण रखने वाली सोनिया गांधी की ओर सब की नज़रें टिकी हुई हैं| सब को यह जिज्ञासा है कि क्या इनका यह नियंत्रण 'हैट ट्रिक' रूप ले पाएगा? सोनिया का मूलांक 9 व नामांक 9 इनके भाग्यांक 5 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय और अंक 5 भ्रम का है| अतः इन चुनावों में सोनिया गांधी को अपने यानि अपनी पार्टी/पक्ष/गठबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति रहेगी; वास्तविकता से दूरी रहेगी| इनका यही मूलांक 9 व नामांक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 6 सुख का है| अतः इस बार की चुनावी लड़ाई सोनिया के लिए सुख-भंगकारी सिद्ध होगी| देश की स्वाधीनता का भाग्यांक 8 इनकी चलित दशा के अंक 8 के साथ घर्षण उत्पन्न करता है| इन्हें अंक 8 की दशा वर्ष 2014 तक चलेगी| यह इनके लिए कष्टकारी व प्रभुत्वहीनता वाली सिद्ध हो सकती है| इस अवधि में इन्हें न सिर्फ़ केंद्र, बल्कि कुछ राज्यों की सत्ता से भी हाथ धोना पड़ सकता है| इनके भाग्यांक 5 की इसके साथ युति इस फल के प्रतिशत में वृद्धि कर देती है| यहं लगे हाथों एक बात और भी कर लेते हैं| सोनिया को अगली दशा होगी अंक 7 की| यह शुरू होगी वर्ष 2015 में और चलेगी वर्ष 2021 तक| यह अवधि इन पर बहुत भारी पड़ेगी, इस में भी विशेषकर इसकी पहली अर्द्धली यानि जनवरी, 2015 से जून, 2018 तक| यह अवधि इनके जीवन के लिए निर्णायक सिद्ध हो सकती है|
                 इनका आयु अंक 5 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति अस्थिरताकारी होने के साथ विचलन उत्पन्न करती है| यह युति सोनिया के लिए सत्ता से विचलनकारी सिद्ध हो सकती है| साथ ही इनका यह भाग्यांक 5 देश के नामांक 3 के साथ भी प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 3 निर्णय/चुनाव/चयन का है| अंक 5 के बारे में हम पूर्व में कह ही चुके हैं| इनकी युति सोनिया के पक्ष में निर्णय की अवस्था भंग करती है| अतः यह कहा जा सकता है कि इस बार चुनावी लड़ाई का निर्णय सोनिया के पक्ष में नहीं जा रहा है| इनका मूलांक 9 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| चुनावी लड़ाई में पक्ष में निर्णय के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| साथ ही देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 इनके मूलांक 9 के साथ मित्र युति बना रहा है| इन दोनों युतियों का सम्मिश्रित फल यह है कि सोनिया के लिए यह चुनावी लड़ाई भले ही 'विजेता' वाली न रहे, किन्तु इनके पक्ष का प्रदर्शन इज्जत बचाने वाला रह सकता है| यदि अन्य अंकीय युतियाँ पक्षकारी रहती तो ये युतियाँ सोनिया को धाकड़ जीत भी दिलवा देतीं|  देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इनका भाग्यांक 5 व आयु अंक 5 मित्र युति बनाता है| यह स्थिति इनके लिए अच्छी है| अंक 4 पितृ अवस्था का है| अंक 5 अपनी नपुंसकावस्था के कारण उसकी संगत में उसी के फल में वृद्धि कर रहा है| यह अवस्था बताती है कि सोनिया भले ही सत्ता से बाहर हो जाएँ, किन्तु बिलकुल मटियामेट हो जाएँ, ऐसा नहीं लगता| जैसा कि हमने कांग्रेस के बारे में पिछले आलेख कही थी, वही बात यहाँ सोनिया गांधी के कही जा सकती है कि ये 'किंग मेकर' भले ही न बन पाएँ, 'गेम चेंजर' कि भूमिका में नज़र आ सकती हैं| हाँ, इतना अवश्य है कि यह समय सोनिया गांधी के लिए अनुकूल नहीं है| अब इस समय की मेहरबानी इन पर नहीं रहेगी| इन्हें यानि इनके दल/गठबंधन/पक्ष को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा|      
             अगले भाग में बात करते हैं समाजवादी पार्टी की| .......... जय श्री राम|