मंगलवार, 22 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-17—राजनाथ सिंह : 'प्रधानमंत्री' बनने की दौड़ में आ सकते हैं

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-17| इस भाग में हम बात करते हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| यह बात हमारे द्वारा प्रकाशित होने वाले अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित देश के एकमात्र अख़बार 'अंक प्रभा' के फरवरी, 2013 के अंक में और हमारे ब्लॉगों पर दिनांक 15 जनवरी, 2013 को बहुत कुछ इसी रूप में प्रकाशित हो चुकी है|
         
    जन्म-दिनांक:-13-02-1950           मूलांक:-4             भाग्यांक:-3            आयु अंक:-2 (65 वाँ वर्ष)             नामांक:-9              जन्म का चलित अंक:-8 (-)              चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)
                       राजनाथ सिंह की सूर्य राशि कुम्भ है| इनके मूलांक के वृहदंक 13 में पितृदोष-ग्रस्त पुरुष व मित्र अंक है| शनि (अंक 8) में जन्म होने के कारण पितृ पुरुष के रूप में पार्टी के लिए घातक हैं| अंक 8 के सौम्य समय में जन्म के कारण यह नुकसान अन्दर ही अन्दर व तगड़ा होता है| इसी कारण इनके उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी बराबर नीचे जाना शुरू हुई, जो अब तक नहीं रुकी है| राजनाथ उ.प्र. भाजपाध्यक्ष बने थे 25-03-1997 को| यहाँ मूलांक 7 व भाग्यांक 9 की युति थी| तब चलित वर्ष 8 (1997), भाजपा का चलित अंक 8 (17 वाँ वर्ष) व इनका आयु अंक 3 (48 वाँ वर्ष) था| इनका अपना आयु अंक (3) पक्ष का होने के कारण इन्हें तो व्यक्तिगत लाभ हो गया (प्रदेशाध्यक्ष) बन गए; किन्तु पार्टी का कबाड़ा होना शुरू हो गया| यही अंकीय कारण रहे कि जब राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री बने तो उसके बाद भाजपा कभी सत्ता में नहीं आयी| ये मुख्यमंत्री बने 28-10-2000 को| यहाँ मूलांक 1 व भाग्यांक 4 थे| इन अंकों में वही पितृ दोष है, जिसकी हम राजनाथ सिंह के यहाँ बार-बार चर्चा कर रहे हैं| तब एक बार फिर राजनाथ के व्यक्तिगत अंक पक्ष के थे (आयु अंक 6), किन्तु भाजपा को तो ये अंक ले डूबे| इन्हीं अंकों का परिणाम यह हुआ कि भाजपा उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने को तरस रही है और अभी तो जब तक इसका तोड़ नहीं करवाया जाएगा, तब तक तो तरसना पड़ेगा| राजनाथ सिंह के अंकों का यह पितृ दोष का अभिशाप यहीं समाप्त नहीं होता है, बल्कि इसका चरम होता है वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में| इन्हीं पितृ दोष वाले अंकों के ही कारण राजनाथ सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते भाजपा वर्ष 2009 का लोकसभा चुनाव हार गयी, जब कि वह एडवांटेज की स्थिति में थी| राजनाथ सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाला 31-12-2005 को| यहाँ मूलांक 4 व भाग्यांक 5 की युति थी| यह युति भ्रम और धुंध की अवस्था बनती है| इसी के कारण भाजपा को यह भ्रम बना रहा कि वह सत्ता में आ रही है| भाजपा को ही नहीं, बल्कि ओपिनियन पोल और सर्वे वालों को भी यह भ्रम रहा| तब चलित अंक 8 (+) था| यह स्थिति को और भी विस्फोटक बनाता है| यदि राजनाथ सिंह वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले ही पद से विदा हो जाते तो पिक्चर शायद कुछ और हो जाती; मगर यही तो भाग्य है|
               राजनाथ का नामांक 9 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| चुनावी लड़ाई में पक्ष में निर्णय के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| साथ ही देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 इनके नामांक 9 के साथ मित्र युति बना रहा है| इन दोनों युतियों का सम्मिश्रित फल राजनाथ सिंह को लाभ दे रही हैं| इनका यही नामांक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 और ख़ुद इनकी चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 6 सुख का है| अतः इस बार के चुनावों के बाद इनके सुख-योग में बाधा के योग हैं| राजनाथ का चलित दशा का अंक 6 इनके मूलांक 4 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति ‘सुख भंग’ की है| 
              राजनाथ का मूलांक 4 चुनावी वर्षांक 7 का प्रबल मित्र है| यह देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इसका प्रतिशत बढ़ा देता है| यह राजनाथ के लिए अनुकूलता वाली बात है| अंक 4 पितृ दोष व वरिष्ठता तथा अंक 7 अंतरंगता/अत्यंत निकट होने का प्रतिनिधित्व करता है| अंक 4 के साथ इसकी युति बताती है कि राजनाथ को निकट के/अंतरंग/महत्त्वपूर्ण लोगों की खींचातानी झेलनी पड़ सकती है| यहाँ राजनाथ का आयु अंक 2 के समीकरण भी संलग्न कर लिए जाएँ तो मामला विचित्र हो जाता है| अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा का प्रतिनिधि है| यहाँ राजनाथ के जन्म के चलित अंक 8 की युति का विश्लेषण करने पर 'गुप्त भाव' दिखायी देता है| अंक 8 अंक 2 के साथ मनोवांछा-पूर्ति में बाधा और किसी गोपनीय योजना बताता है| आशय यह है कि यह हो सकता है कि एन डी ए को पूर्ण बहुमत जुटाने के लिए यदि नरेंद्र मोदी के नाम पर सहमति नहीं बन पायी तो 'प्लान 2' के रूप में राजनाथ सिंह अपना नाम आगे करवा सकते हैं| यहाँ यह भी याद रखना होगा कि अंक 2 परिवार/पार्टी/साथ/सहयोग/गठबंधन/स्त्री/मनोवांछा का प्रतिनिधि है| अतः राजनाथ की प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने की महत्त्वाकांक्षा के मार्ग में कोई स्त्री राजनेता/स्त्री अंकों वाला पुरुष राजनेता तगड़ी बाधा बन जाए तो अचम्भा नहीं होना चाहिए| इनका चलित दशा का अंक 6 व जन्म की चलित दशा का अंक 8 है| अंक 6 सुख/आनंद/अनुकूलता व अंक 8 तत्सम्बन्धी अवस्था को भंग करता है| अंक 2, अंक 6 व अंक 8 का त्रिकोण यह बताता है कि राजनाथ सिंह को चुनावों के बाद पार्टी में असंतोष/खींचातानी/गुस्सा झेलना पड़ सकता है| राजनाथ के जन्म की चलित दशा का अंक 8 देश के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह युति पितृ अवस्था भंग करती है| इस में देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के समीकरण संलग्न कर दें तो यह फलित मिलता है कि चुनावों के बाद 'मुखिया' के रूप में राजनाथ सिंह की भूमिका बदल सकती है| इनका मूलांक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 4 देश के मूलांक 6 का विरोधी है| साथ ही यह देश के भाग्यांक 8 का प्रबल विरोधी है| इस कारण अभी तो 22 जनवरी, 2015 तक का समय पार्टी प्रमुख के रूप में राजनाथ के लिए प्रतिकूल रह सकता है| इन्हें  इस अवधि में पार्टी प्रमुख पद छोड़ना पड़ सकता है|  
             राजनाथ सिंह का मूलांक 4 देश के आयु अंक 4 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति मुखिया के रूप में पक्ष मज़बूत करती है| इनका भाग्यांक 3 देश के नामांक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति मित्रों व चुनाव/चयन सम्बन्धी मोर्चे पर शुभ है| यह भाग्यांक 3 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति चुनाव/चयन में मित्रता सम्बन्धी अनुकूलता बताती है| यह अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| अंक 8 लोकतंत्र का है| अंक 3 के साथ इसकी यह युति बताती है कि इन्हें इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में अनुकूलता रह सकती है| इन्हीं अंकों की कृपा से राजनाथ के साथ बड़ी संख्या में अन्य दल आ जुड़े हैं| इन्हीं की प्रमुख भूमिका के कारण राजनाथ प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में आ सकते हैं| इनकी चलित दशा का अंक 8 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनाता है| यह प्रधान/प्रमुख के रूप में आकांक्षा पूरा होने में बाधक है| इसके कारण राजनाथ का प्रधानमंत्री बनना बिलकुल अंतिम समय में खटाई में भी पड़ सकता है| 
                अगले भाग में बात करेंगे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज की| ............. जय श्री राम|