रविवार, 13 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव-2014 : भाग-3 : कांग्रेस---बहुत बुरे प्रदर्शन की ओर

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-3| वैसे तो 21-22-23 दिसंबर, 2012 को जालंधर में ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मलेन में अपने व्याख्यान में यह कह चुके हैं| साथ ही दिनांक 15 जनवरी, 2013 को अपने ब्लॉगों पर यहीं आपकी सेवा में भी सात भागों की शृंखला में यह बात रख चुके हैं| आज इसके भाग-3 में 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' यानि 'कांग्रेस' का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 17 फरवरी, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
स्थापना-दिनांक:-02-01-1978
मूलांक:-2         भाग्यांक:-1           आयु अंक:-1 (37 वाँ वर्ष)             नामांक:-3 (75)             स्थापना का चलित अंक:-8 (+)              चलित दशा:-अंक 5 (वर्ष 2013 से वर्ष 2017 तक)

                      हम यहाँ बात तो 'यू पी ए' यानि 'संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन' की करना चाहते हैं, किन्तु इसकी स्थापना की कोई दिनांक नहीं है, सिर्फ़ वर्ष है 2004| इतने मात्र से हमारा काम नहीं चलता| इसलिए हम यहाँ इस गठबंधन का नेतृत्व कर रही
कांग्रेस की चर्चा कर रहे हैं| 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' को 'कांग्रेस' के प्रचलित नाम से जाना जाता है| हम भी आगे की यात्रा में इस पार्टी को 'कांग्रेस' ही सम्बोधित करेंगे| इस पार्टी की कई स्थापना तिथियाँ हैं| कोई 28-01-1885 काम लेता है तो कोई 13-03-1969, तो कोई कुछ और| इस पार्टी का नाम बदलता रहा है और उसी के साथ ही 'उस रूप' की तारीख़ें भी| तब ऐसे में 'उस नाम' के ही अनुसार वाली स्थापना-दिनांक काम लेनी होगी| कांग्रेस के वर्तमान नाम वाले रूप की स्थापना-दिनांक 02-01-1978 है| इसलिए हम इस दिनांक को ही काम लेंगे| कांग्रेस का मूलांक 2 इसके भाग्यांक 1 व नामांक 1 का मित्र है| अंक 2 स्त्री अंक है व अंक 1 नेतृत्व व नेता का है| चुनावी वर्षं 7 अंक 2 का विरोधी है, किन्तु अंक 1 का मित्र है| अतः यह पार्टी स्त्री नेतृत्व में रहे, इसके लिए यही श्रेष्ठ रहेगा| कांग्रेस को चाहिए कि वह 'पुरुष' की अपेक्षा किसी 'स्त्री' को अपना 'प्रधानमंत्री-पद का उम्मीदवार' बनाए| पुरुष उम्मीदवार घोषित किये जाने की स्थिति में कांग्रेस को इस बार मात खानी पड़ेगी| इसका नामांक 3 इसके मूलांक 2 व चुनावी वर्षांक 7 के साथ मित्र युति बना रहा है| अंक 3 निर्णय का भी है| यह अंक 3 पार्टी के आयु अंक 1 व भाग्यांक 1 के साथ समभाव युति में है| इन अंकों के साथ इस पार्टी की चलित दशा (अंक 5) की संगत अवस्था अस्थिरता उत्पन्न करती है| अंक 3 व अंक 5 परस्पर द्वैत भाव है| इसका तात्पर्य यह है कि अंक 5 तो अंक 3 के साथ विरोधी भाव रखता है, किन्तु अंक 3 अंक 5 के साथ मित्र भाव रखता है| अतः चुनावों के बाद कांग्रेस की अवस्था 'बुरी' होने के बाद भी 'किसी और रूप में' कोई 'बहुत बुरी' नहीं रहेगी| सीटों की संख्या अपेक्षित या संतोषजनक नहीं होने के बाद भी यह पार्टी 'खेल' से पूरी तरह से बाहर नहीं होगी, बल्कि कहीं न कहीं से स्थिति को 'प्रभावित' या 'नियंत्रित' करने की अवस्था में रह सकती है|     
                       अब बात करें कि
कांग्रेस के अंक देश के अंकों के साथ क्या सम्बन्ध बना रहे हैं? इस पार्टी का भाग्यांक 1 व आयु अंक 1 देश के मूलांक 6 के साथ विरोधी युति बना रहा है| इसे 'सुख-भंग युति' कहते है| यही भाग्यांक व नामांक 1 देश के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल विरोधी 'पितृ द्रोह युति' बना रहा है| यह युति नेतृत्व व सत्ता से दूर ले जाती है| इसका मूलांक 2 चुनावी वर्षांक 7 के साथ विरोधी युति बना रहा है| ये दोनों ही स्त्री अंक हैं| स्त्री अंक स्त्री, साझेदारी, गठबंधन, सहयोग, परिवार व साथ के प्रतीक हैं| स्त्री अंकों (अंक 2 व 7) की यह पारस्परिक विरोधी युति इस 'स्त्री-मुखिया और परिवार-प्रधानता वाली' पार्टी के लिए सत्ता के दृष्टिकोण से शुभ नहीं है| इस पार्टी के अभी के कुछ साथी व्यक्ति/दल इसका साथ छोड़ सकते हैं| इनमे भी प्रमुखता उन दलों की रह सकती है, जो कि परिवार-संचालित या पारिवारिक आधिपत्य वाले है या फिर स्त्री मुखिया वाले हैं| चुनावों से पहले कांग्रेस को अपना यू पी ए का कुनबा समेटे रखने में ज़ोर आ सकता है| चुनाव वर्षांक 7 इस पार्टी के आयु अंक 1 व भाग्यांक 1 के साथ शुभ युति में है, जबकि मूलांक 2 के साथ विरोधी युति में है| यह विरोधाभासी अवस्था बहुत रोचक खेल खेलेगी| देश का आयु अंक 4 इस पार्टी के भाग्यांक 1 व आयु अंक 1 के साथ पितृ दोष युति बना रहा है| देश का आयु अंक 4 इस पार्टी के मूलांक 2 के साथ मित्र युति बना रहा है| अंक 2 स्त्री व अंक 4 पितृ व्यक्तित्व का प्रतीक है| यह युति पार्टी की मुखिया के रूप में स्त्री (सोनिया गांधी) का होना शुभ बताती है| यह युति हमारी पूर्व कथित इस बात का समर्थन करती है कि कांग्रेस को अपना 'प्रधानमंत्री-पद का उम्मीदवार' किसी पुरुष की अपेक्षा किसी स्त्री को बनाना चाहिए| इस पार्टी की स्थापना का चलित अंक 8 इसकी पितृ द्रोह की युति को सबल बना रहा है तो वहीं देश के आयु अंक के साथ की विखंडन युति को भी बलिष्ठ कर रहा है| अतः अंक तो यह बता रहे हैं कि अब कांग्रेस को देश की सत्ता से अपना कब्ज़ा खोना होगा| इसके नेतृत्व वाला यू पी ए सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगा| चुनावों से पहले इसके इस कुनबे में और टूट-फूट हो सकती है| हाँ, इतना अवश्य है कि यदि चुनाव के बाद इसके साथ कुछ नितांत अनपेक्षित या आश्चर्यजनक सहयोगी आ जाएँ तो हमें दांतों तले अंगुली नहीं दबानी है| चुनावों के बाद कांग्रेस बिलकुल हाशिये पर आने की अपेक्षा किसी-न-किसी प्रकार साथ-सहयोग कर 'पावर गेम' में बनी रह सकती है| यह 'किंग मेकर' नहीं, तो 'गेम चेंजर' की भूमिका में भी नज़र आ सकती है| हाँ, हमारे इस सुझाव पर कांग्रेस को अवश्य ध्यान देना चाहिए कि अपना 'प्रधानमंत्री-पद का उम्मीदवार' किसी पुरुष की अपेक्षा स्त्री को बनाए| कांग्रेस इस बार बहुत बुरा प्रदर्शन कर सकती है|  
            अगली पोस्ट में बात करते हैं 'कांग्रेस' की अध्यक्ष और यू पी ए की मुखिया श्रीमती सोनिया गांधी की| ............ जय श्री राम|