मंगलवार, 22 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-18—सुषमा स्वराज : बन सकती हैं ‘प्रधानमंत्री’

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-18| इस भाग में हम बात करते हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज की| यह बात हम ‘अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच’ की ओर से जालंधर (पंजाब) में 27-28-29 दिसंबर, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 दिसंबर और धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 27-28 जुलाई, 2013 को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के दूसरे दिन 28 जुलाई तथा ‘ऑल इंडिया ऐस्ट्रॉलजर्स फेडरेशन’ की ओर से 22-23 फरवरी, 2014 को अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित ’70 वें राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ के पहले दिन 22 फरवरी को अपने व्याख्यान में प्रस्तुत कर चुके हैं| यह बात हमारे द्वारा प्रकाशित होने वाले अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित देश के एकमात्र अख़बार 'अंक प्रभा' के फरवरी, 2013 के अंक में और हमारे ब्लॉगों पर दिनांक 15 जनवरी, 2013 को कुछ इसी रूप में प्रकाशित हो चुकी है|
       
जन्म-दिनांक:-14-02-1952       मूलांक:-5       भाग्यांक:-6       आयु अंक:-9 (63 वाँ वर्ष) नामांक:-9      जन्म का चलित अंक:-8 (-)       चलित दशा:-8 (वर्ष 2014 तक)
        इनकी सूर्य राशि कुम्भ है| इनका मूलांक 5 बना है वृहदंक 14 से| यहाँ पितृ अंकों की युति बन रही है| यह युति शनि-प्रधान है क्योंकि इनका जन्म का चलित अंक 8| इसी कारण इनके पितृ पुरुष के रूप में अंक 8 की प्रधानता वाले लालकृष्ण अडवाणी हैं| चूँकि इनका जन्म शनि के सौम्य अंक में हुआ है, इस कारण इनके जीवन में जो भी परिवर्तन या फेर-बदल आते हैं, वे बड़ा भूचाल नहीं पैदा करते| यह अंक 5 इनकी बॉडी लैंग्वेज में भी प्रबल अवस्था में है| इनकी अंक 8 की दशा वर्ष 2014 तक चलेगी| यही इनकी उम्र के 62 वें और 63 वें वर्ष का विस्तार-काल है| इसी कारण सुषमा स्वराज के लिए वर्ष 2014 बहुत ख़ास रहने वाला है| अंक 5 की अंक 8 की प्रधान अवस्था के साथ युति के कारण इस बार स्वराज का स्थान बदल सकता है|
         सुषमा स्वराज
भाग्यांक 6 व देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह मुखिया /प्रमुख की भूमिका पाने में जूझने को इंगित करती है| साथ ही यह अंक 6 व चलित दशा का अंक 6 देश की स्वाधीनता के मूलांक के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह शुभ है| यह अंक 6 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ विरोधी युति व देश के नामांक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 4 व अंक 6 की युति पितृ अवस्था का सुख भंग करती है| अंक 3 व अंक 6 की युति सुखकारी निर्णय में बाधा डालती है| इन दोनों युतियों का तात्पर्य यह है कि लोकसभा चुनावों के बाद सुषमा स्वराज के पक्ष में निर्णय होने/किये/लिए जाने में इनकी पार्टी का पितृ पक्ष यानि अध्यक्ष (या अन्य प्रमुख लोग) बाधा बन सकते हैं| 

                सुषमा स्वराज का मूलांक 5 इनके जन्म के चलित अंक 8 व चलित दशा के अंक 8 का विरोधी है| देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी यही समीकरण होने के कारण इस युति का परिमाण बढ़ जाता है| इनकी युति भ्रम की अवस्था बनाए रखती है| यह आयु अंक 5 देश के नामांक 3 के साथ विरोधी युति बनता है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता उत्पन्न करती है| इसके कारण इनकी भावी स्थिति/भूमिका को लेकर बहुत भ्रम बना हुआ है| चूँकि इनके यहाँ नामांक और आयु अंक, दोनों अंक 9 होने के कारण मंगल की प्रधानता हो गयी है| उपर्युक्त युतियों में इसे संलग्न कर दिया जाए तो इसी चक्कर में इनके विरोधी इन्हें काम आँकने की ग़लती कर बैठते हैं| देश का नामांक 3 इनके जन्म के चलित अंक 8 व चलित दशा के अंक 8 का मित्र है| अंक 3 निर्णय/चयन/चुनाव और अंक 8 लोकतंत्र का है| यह युति सुषमा स्वराज के लिए लाभकारी है| देश की स्वाधीनता का आयु अंक 4 इनके आयु अंक 5 के साथ प्रबल युति बनाता है| यह युति इनके लिए अत्यंत लाभकारी है| इनके मूलांक 5 और देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 में मित्र युति है| यह चलित के कुछ और प्रतिशत इनके पक्ष में होना बताती है| इनका मूलांक 5 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| स्त्री अंक 2 व 7 की अनुकूलता मनोवांछा पूर्ति में सहायक होती है| लिंग से भी स्त्री होने के कारण यह बात इनके पक्ष में जाती है| यही बात नरेंद्र मोदी के बाधा के रूप में है|
               सुषमा स्वराज का आयु अंक 9 व नामांक 9 इनके मूलांक 5 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय और अंक 5 भ्रम का है| अतः इस चुनावी परिदृश्य में सुषमा स्वराज की भूमिका को लेकर बराबर भ्रम बना रहेगा| इनका यही आयु अंक 9 व नामांक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 6 सुख का है| अतः इस बार की चुनावी लड़ाई सुषमा स्वराज के लिए खींचातानी/उठापटक के रूप में सुख-भंगकारी सिद्ध हो सकती है| देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ इनका मूलांक 5 मित्र युति बनाता है| यह स्थिति इनके लिए अच्छी है| अंक 4 पितृ अवस्था का है| अंक 5 अपनी नपुंसकावस्था के कारण उसकी संगत में उसी के फल में वृद्धि कर रहा है| इस कारण इनकी पितृ भूमिका और बड़ी हो सकती है| देश की स्वाधीनता का भाग्यांक 8 इनकी चलित दशा के अंक 8 के साथ घर्षण उत्पन्न करता है| इन्हें अंक 8 की दशा वर्ष 2014 तक चलेगी|
                  सुषमा स्वराज का मूलांक 5 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति अस्थिरताकारी होने के साथ विचलन उत्पन्न करती है| यह युति स्वराज के लिए 'पावर' के दृष्टिकोण से विचलनकारी सिद्ध हो सकती है| साथ ही इनका यह मूलांक 5 देश के नामांक 3 के साथ भी प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 3 निर्णय/चुनाव/चयन का है| अतः जिन लोगों के यहाँ अंक 3 विचित्र अवस्था या विखंडित/भ्रष्ट है, वे लोग इनके पक्ष में महत्त्वपूर्ण निर्णय होने में बाधा पैदा कर सकते हैं| फिलहाल भाजपा के सांगठनिक ढाँचे में इस परिभाषा के दायरे में तीन नाम प्रमुखता से सामने हैं| ये हैं नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली| सुषमा स्वराज का आयु अंक 9 व नामांक 9 देश के नामांक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बना रहा है| चुनावी लड़ाई में पक्ष में निर्णय के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| साथ ही देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 इनके आयु अंक 9 व नामांक 9 के साथ मित्र युति बना रहा है| इन दोनों युतियों का मिला-जुला फल यह है कि ये लोकसभा चुनाव सुषमा स्वराज के लिए अद्भुत रहने वाले हैं| ये उन्हें अब तक का सबसे बड़ा पद दिलवा सकते हैं| यदि प्रधानमंत्री पद की बात करें तो सुषमा स्वराज के सन्दर्भ में यह बात सिर्फ़ यहीं से पूरी नहीं की जा सकती| इसके लिए हमें नरेन्द्र मोदी के अंकों को भी साथ लेना पड़ेगा| नरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री पद पाने में सबसे बड़ी बाधा के रूप में इन्हीं स्त्री अंकों की सबसे बड़ी बाधा है| इस स्त्री अंकों की बाधा का एक सशरीरी स्वरूप है सुषमा स्वराज| इसलिए यह कहा जा सकता है कि नरेन्द्र मोदी से पहले सुषमा स्वराज प्रधानमन्त्री बन सकती हैं| इनकी यह अवाधि 14-15 महीनों से लेकर 26 महीने रह सकती है| हाँ, यदि सुषमा स्वराज ख़ुद पीछे हो जाएँ या इन्हें पीछे कर दिया जाए तो नरेंद्र मोदी या राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री बन सकते हैं| अपने 'प्रधानमंत्री पद योग' को बलिष्ठ करने के लिए इन्हें माँ बगलामुखी की शरण में जाना चाहिए, उनका हवन अनुष्ठान करवाना चाहिए| 
                   इस शृंखला के अंतिम भाग में बात करेंगे नरेंद्र मोदी की| ............. जय श्री राम|