सोमवार, 14 अप्रैल 2014

लोकसभा चुनाव 2014 : भाग-12---एम. करुणानिधि : समय झटके लगने का है

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, प्रस्तुत है इस शृंखला का भाग-12| इसमें द्रमुक के मुखिया करुणानिधि का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत है| यह विश्लेषण दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की वेबसाइट http://www.punjabkesri.in पर दिनांक 03 मार्च, 2014 को प्रकाशित हो चुका है|
न्म-दिनांक:-03-06-1924
मूलांक:-3           भाग्यांक:-7 (25)          आयु अंक:-9 (90 वाँ वर्ष)            नामांक:-1 (वृहदंक 37)          जन्म का चलित अंक:-5 (+)                 चलित दशा:-अंक 5 (वर्ष 2013 से वर्ष 2017)

                तमिलनाडू की राजनीति की बात करें और करुणानिधि की चर्चा न की जाए, वह समय अभी नहीं आया है| अपने समय के इस 'सुपर स्टार पटकथा लेखक' के राजनीतिक जीवन में क्या होने वाला है? इनके लिए भाग्य की पटकथा में क्या लिखा है? तमिल राजनीति का यह महारथी फ़िलहाल सबसे कट कर अलग-थलग पड़ा है| इनका मूलांक 3 इनके जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| इनके जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 की देश के नामांक 3 के साथ भी यही युति बनती है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता बताती है| यह अस्थिरता करुणानिधि के यहाँ साफ़ देखी जा सकती है| यह युति दोहरे रूप में होने के कारण इसका प्रभाव भी दोहरा है| इनका मूलांक 3 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ भी प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति ऐसे निर्णय करवाती है कि जिनसे सुख भंग होता है| यह मूलांक 3 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यही युति इनके भाग्यांक 7 और देश के नामांक 3 में बनती है| यह युति रक्त-संबंधों/निकटता के मामलों में अनुकूलता करती है, किन्तु यहाँ संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति विपरीत फलदायी हो गयी है| यह मूलांक 3 देश के नामांक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह करुणानिधि के लिए शुभ है| यह अंक 3 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ मित्र युति बनाता है| संगत युतियों की विपरीतता के कारण यह युति इनके विरुद्ध जाती है| यह युति इस लोकतान्त्रिक लड़ाई में विपरीत निर्णय करवाएगी|
                इनका भाग्यांक 7 चुनावी वर्षांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता यह बताती है कि इस बार इनके परिवार का बाहुल्य या हावी होना रहेगा| साथ ही यह युति यह भी बताती है स्त्री (जयललिता) के साथ चुनावी लड़ाई में इन्हें हानि होगी| इनका यह भाग्यांक 7 एक ओर जन्म के चलित अंक 5 व चलित दशा के अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है, वहीँ दूसरी ओर इनके ही आयु अंक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय का है| इसकी विपरीतता के कारण इस चुनावी लड़ाई में इनकी जीत खटाई में पड़ जाएगी| इनके भाग्यांक 7 की देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व देश की चलित दशा के अंक 6 के साथ मित्र युति इनके लिए राहत की बात है| यह अंक 7 देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ भी मित्र युति बनाता है| यह युति रक्त-सम्बन्धों में या इनके कारण उठापटक बताती है| इस कारण इन चुनावों में करुणानिधि के रक्त-सम्बन्धियों के कारण उठापटक या विवाद सम्भव है| इनका आयु अंक 9 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति चुनावी लड़ाई को सुखद नहीं रहने देती है| इस आयु अंक 9 की देश की स्वाधीनता के भाग्यांक 8 के साथ युति चुनावी लड़ाई में उठापटक बताती है| अतः इस बार चुनावी समर में करुणानिधि के लिए कठिनाइयाँ परीक्षा लेने वाले रूप में होंगी|
              करुणानिधि को अभी अंक 5 की दशा चल रही है| यह वर्ष 2013 में आरम्भ हुई है, जो कि वर्ष 2017 तक चलेगी| अंक 5 इनके मूलांक 3 का परम विरोधी है| यह दशा इन पर बहुत भारी पड़ेगी| यह इनके जीवन को पूर्ण विराम दे सकती है| चलित दशा का यह अंक 5 इनके आयु अंक 9 का भी परम विरोधी है| इस कारण झटके तो इन्हें इस आयु अंक में भी तगड़े लग रहे हैं और शेष अवधि में भी लगते रहेंगे| अब अंक 9 वाले वर्ष 2016 में जब इन्हें आयु अंक 2 वाला वर्ष 83 वाँ वर्ष चल रहा होगा तो वह समयावधि इनके जीवन के लिए निर्णायक सिध्द हो सकती है| इनका नामांक 1 देश की स्वाधीनता के मूलांक 6 व चलित दशा के अंक 6 के साथ जो युति बनाता है, वह नेता के रूप में सुख भंग करती है| अतः करुणानिधि को पार्टी के नेता के रूप में भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है| यह नामांक देश के भाग्यांक 8 के साथ पितृ द्रोह युति बनाता है| यह युति पार्टी के मुखिया के रूप में झटके देती है| इनका नामांक 1 देश की स्वाधीनता के आयु अंक 4 के साथ पितृ दोष व ग्रहण योग बनाता है| ये दोनों बातें पार्टी के मुखिया के रूप में करुणानिधि के लिए झटके देने वाली हैं| अतः करुणानिधि के विरुद्ध पार्टी में विरोध/विद्रोह हो सकता है| इस युति के प्रभाव के चलते इनकी पार्टी टूट जाए या टूट के कगार पर आ जाए तो भी अचम्भा नहीं होना चाहिए| यह कहा जा सकता है कि इन लोकसभा चुनावों में करुणानिधि को तगड़ा झटका लगने जा रहा है| जहाँ एक तरफ पार्टी प्रमुख के रूप में इनके लिए मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं, वहीँ सीटों के मामले में भी झटका लग सकता है| यदि इस बार इनकी पार्टी दो अंकों में भी नहीं पहुँच पाए तो कोई बड़ी बात नहीं है|  
             अगले भाग में बात करेंगे दस सालों से यू पी ए में कांग्रेस पार्टी की हमसफ़र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की| ............ जय श्री राम|