गुरुवार, 13 मई 2021

असम के मुख्यमन्त्री हेमंता बिस्वासरमा अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगे

जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से असम से संबंधित भविष्यवाणियों के क्रम में आइए अब बात करते हैं इस राज्य के नव पदस्थापित मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा की| भारतीय जनता पार्टी के शासन के पहले कार्यकाल में सर्वानंद सोनोवाल ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व निभाया, किंतु पार्टी के दूसरे कार्यकाल में अर्थात वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में विजय के पश्चात पार्टी ने सोनोवाल की अपेक्षा हेमंता बिस्वासरमा को अपना नेता चुना और उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया है| हेमंता बिस्वासरमा ने जिस मुहूर्त में शपथ ग्रहण की है, वह मुहूर्त अच्छा है| हमने वर्ष 2021 के नव वर्ष के भविष्यवाणी के वीडियो के क्रम में दिनांक 08 जनवरी, 2021 को you tube पर डाले भारतीय जनता पार्टी के बारे में वीडियो में भविष्यवाणी की थी---“असम में यदि विधानसभा चुनाव में विजय के पश्चात भारतीय जनता पार्टी सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री बनाती है तो वे मुख्यमंत्री के रूप में 5 साल पूरे करेंगे, किंतु यदि ऐसा नहीं होता है तो यह विधानसभा कम से कम 2 मुख्यमंत्री देखेगी|” इसका तात्पर्य यह हुआ है कि हेमंता बिस्वासरमा मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगे| यद्यपि  बिस्वासरमा ने जिस मुहूर्त में शपथ ग्रहण की है, हमने  इस मुहूर्त को लेकर भी सुझाव दिया था| फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल को दिनांक 9 मई, 2021 को दिए गए साक्षात्कार में हमने यह कहा था कि यदि विश्वास शर्मा 11 मई, 2021 (मंगलवार) को दोपहर में 10:30 से 1:30 के बीच मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करते हैं तो उनका कार्यकाल तो हालाँकि पूरा नहीं होना है, किंतु जितना भी कार्यकाल रहेगा; वह यशदायी रहेगा| उतना कार्यकाल भी उन्हें प्रतिष्ठा अवश्य देगा|  हम आज इस पोस्ट में उस चैनल को दिये अपने साक्षात्कार की उस भविष्यवाणी में यह जोड़ रहे हैं कि शुभ मुहूर्त में ली गयी शपथ के कारण से बिस्वासरमा का यह कार्यकाल इनके लिए अवसानकारी नहीं रहेगा| जब भी इनके मुख्यमंत्री पद की बलि चढ़ेगी अर्थात इनका मुख्यमंत्री पद छिनेगा तो यह शुभ मुहूर्त में ली गई शपथ इनका राजयोग बनाए रखेगी| तात्पर्य यह है कि किसी न किसी रूप में बिस्वासरमा का राजयोग बना रहेगा|  तब यह हो सकता है कि इन्हें राज्य से हटा कर  केंद्र में मंत्री पद दे दिया जाए| इसके अलावा यह भी संभव है कि उन्हें संगठन के स्तर पर कोई महत्वपूर्ण पद मिले, किंतु इसमें भी संगठन की अपेक्षा सत्ता में भागीदारी के योग प्रबल है अर्थात मंत्री पद पर विराजमान होने के योग प्रबल हैं| 

मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम| 

असम भारतीय जनता पार्टी में उथल-पुथल : कब होगी? क्या होगा तब?

जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से आपके समक्ष असम के सन्दर्भ में भारतीय जनता पार्टी के बारे में एक ख़ास भविष्यवाणी क्र रहे हैं| भारतीय जनता पार्टी ने असम विधानसभा के हालिया चुनाव में पूर्ण बहुमत वाळी एक तगड़ी विजय प्राप्त की है और यह विजय इस राज्य में पार्टी के आत्मविश्वास को सातवें आसमान की तरफ ले गयी है| दिनांक 9 मई, 2021 रविवार को फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल को दिए गए फोनों साक्षात्कार में हमने असम में भारतीय जनता पार्टी को लेकर भविष्यवाणी पर कुछ बातें कहीं| वही बातें यहाँ इस पोस्ट में रख रहे हैं| भारतीय जनता पार्टी और असम के अंकों के साथ वर्तमान विधानसभा के अंकों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो यह बात देखने में आती है कि अप्रैल, 2023 से मई, 2024 अर्थात इस अवधि के जो 13 महीने हैं, इनमें असम भाजपा में बहुत बड़ी उठापटक देखने को मिल सकती है| यहाँ तक कि पार्टी की सरकार भी गिर सकती है या फिर पार्टी टूट भी सकती है तात्पर्य यह कि उक्त अवधि में पार्टी का कोई बड़ा नेता या कुछ उल्लेखनीय महत्वपूर्ण नेता पार्टी छोड़ सकते हैं और पार्टी तोड़ सकते हैं भारतीय जनता पार्टी के लिए उक्त समय यानी अप्रैल, 2023 से मई, 2024 का समय संकट का काल होगा और इसे लेकर प्रादेशिक नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व को संभल कर काम करना चाहिए| 

                असम से संबंधित एक और विशिष्ट भविष्यवाणी हम लेकर आ रहे हैं आपके लिए हमारी अगली पोस्ट में, प्रतीक्षा कीजिए| ......... जय श्री राम

सर्वानंद सोनोवाल का राजयोग : अब केंद्र में

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हम अपनी अगली भविष्यवाणी के साथ उपस्थित हैं|

 असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ बड़ी विचित्रता हुई| भारतीय जनता पार्टी ने हालांकि असम में विधानसभा चुनाव में फिर से विजय प्राप्त की, किंतु सर्वानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया| उनकी अपेक्षा हेमंता बिस्वासरमा को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया गया और बिस्वासरमा असम के मुख्यमंत्री बने| यहाँ सभी के मन में एक प्रश्न सामान्य रूप से उठता है कि क्या सर्वानंद सोनोवाल का राजनीतिक भविष्य समाप्त हो गया है? अब उनका क्या होगा? हमने इस मामले में गणना की, जिसे अब आपके सामने इस पोस्ट में बात रखने जा रहे हैं| यह बात हमने फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल को दिनांक 9 मई, 2021 (रविवार) को दियेये फ़ोनो-साक्षात्कार में कही है| सर्वानंद सोनोवाल के अंक इस चलित में केंद्रीकृत है| केंद्रीकृत अंको का तात्पर्य यह है कि इनकी दिशा राज्य से केंद्र की ओर| वर्ष 2016 में सर्वानंद सोनोवाल के अंक विकेंद्रीकृत थे अर्थात उनकी दिशा केंद्र से राज्य की ओर थी| उन विकेंद्रीकृत अंकों के प्रभाव के कारण सर्वानंद सोनोवाल तब केंद्र से राज्य में गये| अब वर्तमान में केंद्रीकृत अंकों के प्रभाव के कारण सर्बानंद सोनोवाल राज्य से केंद्र में आएँगे|  इसका तात्पर्य यह हुआ कि सोनोवाल केंद्र सरकार का हिस्सा बनेंगे| यदि केंद्र सरकार के गठन के अर्थात नरेंद्र मोदी की इस सरकार के शपथ लेने के अंकों और सर्बानंद सोनोवाल के अंकों को हम समीचीन रूप में तुलनाकृत स्वरूप में देखें तो यह गणना सामने आती है कि 20 अगस्त, 2021 तक सर्वानंद सोनोवाल के केंद्र सरकार में मंत्री पद प्राप्त करने के प्रबल योग हैं|  विस्तारित रूप में ये योग हालांकि 20 नवंबर तक चलेंगे, पर फिर भी 20 अगस्त 2021 तक सोनोवाल केंद्र सरकार में मंत्री पद पर विराजमान हो जाएँ तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए | मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी की चर्चा के साथ| ......... जय श्री राम| 

असम में मुख्यमन्त्री-पद को लेकर विचित्रता : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल को दिनांक 2 मई 2021 रविवार यानी कि मतगणना के परिणाम वाले दिन दिए गए साक्षात्कार में हमने असम को लेकर हमने यह भविष्यवाणी की थी---“यहाँ मुख्यमंत्री पद को लेकर विचित्र रह सकती है| यहाँ के निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का मामला खतरे में है| इसका तात्पर्य था कि वे या तो विधायक का चुनाव हार सकते हैं और या फिर मुख्यमंत्री पद की दौड़ का चुनाव हार सकते हैं, और हुआ यही कि सर्वानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री पद प्राप्त करने की दौड़ में हेमंता बिस्वासरमा से हार गये| हेमंता बिस्वासरमा भाजपा विधायक दल के नेता चुने गये यानि मुख्यमंत्री के लिए चुने गये और उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली| सर्वानंद सोनोवाल के लिए हमारी अगली महत्वपूर्ण भविष्यवाणी आपको एक अन्य पोस्ट में पढ़ने को मिलेगीमिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम| 

असम विधानसभा चुनाव-2021 : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| असम विधानसभा चुनाव को लेकर हमारी भविष्यवाणी नितांत सटीक ठहरी| हमने अपने ब्लॉगों पर 5 अप्रैल, 2021 (सोमवार) की पोस्ट की भविष्यवाणी में इस राज्य के बारे में कहा था कि यहाँ भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन अर्थात भारतीय जनता पार्टी, यूपीपीएल और असम गण परिषद, इन तीनों का गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ  पुनः सत्तासीन होने जा रहा है|  कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को विपक्ष में रहकर ही संतोष करना पड़ेगा| हुआ भी यही कि भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला और उन्होंने सरकार बनायी, जबकि कांग्रेस के गठबंधन को दूसरे स्थान पर रहकर विपक्षी गठबंधन बनने मात्र पर संतोष करना पड़ा| मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी के सटीक ठहरने की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम| 

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव-2021 : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारीकृपात्रयी’ (.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| हमने अपने ब्लॉगों पर 5 अप्रैल, 2021 (सोमवार) की पोस्ट की भविष्यवाणी यह कहा था कि हमने इस राज्य के लिए कहा था कि अन्नाद्रमुक, भारतीय जनता पार्टी उसके सहयोगी दल के गठबंधन को सत्ता  नहीं मिलेगी| अन्नाद्रमुक के हाथ से सत्ता छिन जाएगी और 10 वर्षों के लगातार वनवास के बाद द्रमुक उसके सहयोगी दलों के गठबंधन को सत्ता प्राप्ति होगी तथा एम. के. स्टालिन इस गठबंधन के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता के शीर्ष पर स्थापित होंगे| देखा जा सकता है कि तमिलनाडु में यही हुआ| इस सुदूर दक्षिण के राज्य में विधानसभा चुनाव के बारे में हमारी भविष्यवाणी शत प्रतिशत सही ठहरी| वहाँ द्रमुक गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुआ है और अन्नाद्रमुक के गठबंधन को सत्ता से बाहर होना पड़ा है| एम. के. स्टालिन ने द्रमुक गठबंधन के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है| मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी के सटीक ठहरने की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम

पुद्दुचेरी विधानसभा चुनाव-2021 : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारीकृपात्रयी’ (.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| पुद्दुचेरी के बारे में की गयी हमारी भविष्यवाणी शत प्रतिशत सही रही| हमने अपने ब्लॉगों पर 5 अप्रैल, 2021 (सोमवार) की पोस्ट में इस केंद्र शासित प्रदेश के लिए यह भविष्यवाणी की थी कि यहाँ एन. आर. कांग्रेस के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक सत्ता में आएँगे| द्रमुक, कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के मोर्चे को गठबंधन को सत्ता से वंचित रहना पड़ेगा| एन. आर. कांग्रेस भाजपा और अन्नाद्रमुक हमारे हिसाब से यहाँ 16 सीट जीत रहे थे, उन्होंने यहाँ 15 सीटें जीतीं| तीन विधायक इनके पास में मनोनीत रूप में है और इस तरह पुद्दुचेरी की सत्ता पर भाजपा समर्थक गठबंधन का कब्जा हुआ और एन. आर. कांग्रेस के मुखिया एन.ंगासामी ने एक बार फिर से पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री का ताज पहना| मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी के सटीक ठहरने की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2021: हमारी भविष्यवाणी सही साबित

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारीकृपात्रयी’ (.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| हमने वर्ष 2021 की भविष्यवाणियों के वीडियो के क्रम में 08 जनवरी, 2021 को you tube पर पोस्ट किए अपने वीडियो में और अपने ब्लॉगों पर 5 अप्रैल, 2021 (सोमवार) की पोस्ट की भविष्यवाणी यह कहा था कि  वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस फिर से सत्ता पर कब्ज़ा करने जा रही है और इसकी मुखिया सुश्री ममता बनर्जी एक बार फिर से यानी कि लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रही हैं| हमारी यह भविष्यवाणी  शत प्रतिशत सही रही| हमने यह भी कहा था कि ममता बनर्जी के अंक कुछ ख़राब हैं और इसका ख़ामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा| यह सत्य सिद्ध हुआ, ममता बनर्जी अपना चुनाव हार गयीं, किन्तु चूँकि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के अंक बहुत सशक्त और सुदृढ़ अवस्था में थे, इस कारण तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के पद पर तो ममता बनर्जी ही काबिज़ हुईं| इस प्रकार हमारी एक और भविष्यवाणी सही सिद्ध हुई|  हमने पश्चिम बंगाल को लेकर सीटों की संख्या की भविष्यवाणी भी की थी| जैसा कि आप जानते हैं कि हमारी सीटवार जो गणना होती है, वह संबंधित सभी पक्षों के जन्म के अंकों पर आधारित होती है| यदि कभी संबंधित किसी भी व्यक्ति के या तो जन्मांक उपलब्ध नहीं होते हैं या फिर अधूरे उपलब्ध होते हैं तो उस अवस्था में गणना की सटीकता में अंतर आ जाता है| यह बात पश्चिम बंगाल की सीटवार गणना की हमारी भविष्यवाणी में भी देखने को मिली| कम्युनिस्ट पार्टियों के  प्रादेशिक नेताओं और इंडियन सेक्यूलर फ्रंट के मुखिया के जन्म के अंक हमें नहीं मिले| हमने इनके मात्र नामांक के आधार पर गणना की थी| ऐसे में सीटों की संख्या में अंतर आना स्वाभाविक था और वह आया भी, किंतु पश्चिम बंगाल राज्य के भाग्य में नेतृत्व-परिवर्तन अथवा शिखर-परिवर्तन नहीं लिखा था, इस कारण तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पुनः सत्ता पर काबिज हो गयीं|

मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी के सटीक ठहरने की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम| 

उत्तराखण्ड में मुख्यमन्त्री-परिवर्तन : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

 जय श्री राम ......... आदरणीय मित्रो, आपकी सेवा में एक बार पुनः उपस्थिति हैं| अभी हम चर्चा करेंगे अपनी सटीक ठहरी भविष्यवाणी की| हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) और हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज भवानी की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सटीक ठहरने का क्रम जारी है| 28 जनवरी, 2021 (गुरुवार) को रुड़की (उत्तराखण्ड) में ‘उत्तराखण्ड ज्योतिष परिषद्’ की ओर से आयोजित ‘ज्योतिष महाकुम्भ’ में हमारे व्याख्यान का विषय था-‘समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम’| हमने इस व्याख्यान में देश की राजनीति के बारे में ज्योतिषीय चर्चा की, साथ ही उत्तराखण्ड के बारे में कहा---“इसी वर्ष निकट भविष्य में यहाँ सत्ता में बहुत बड़ा उलटफेर होने वाला है; यहाँ तक कि मुख्यमन्त्री भी बदल जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए| नया मुख्यमन्त्री कोई स्त्री या स्त्री अंकों वाला पुरुष बन सकता है|” प्रभु-कृपा से हमारी यह भविष्यवाणी 10 मार्च, 2021 को सही सिद्ध होती है कि जब त्रिवेन्द्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत उत्तराखण्ड के नये मुख्यमन्त्री बन जाते हैं| मिलते हैं अगली पोस्ट में एक और भविष्यवाणी के सटीक ठहरने की चर्चा के साथ| .......... जय श्री राम| 

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2021 : ममता बनर्जी की दोनों जन्मदिनांक के अनुसार भविष्यवाणी

 

              जय श्री राम ............ आदरणीय मित्रो, हम हमारी विधि में चुनाव लड़ रही पार्टियों की स्थापना के अंक व नामांक; राष्ट्रीय पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के जन्मांक व नामांक; प्रादेशिक पार्टियों के अध्यक्ष के जन्मांक व नामांक लेते हैं| इन अंकों की गणना सन्दर्भित राज्य के निर्माण के अंक व नामांक और मतगणना के अंकों के साथ करते हैं| जिन व्यक्तियों के जन्मांक उपलब्ध नहीं होते हैं, उनका नामांक काम लेते हैं| इन उपलब्ध अंकों के आधार पर ही सीटों की संख्या का आकलन किया जाता है| इस में फ़तवेबाज़ी नहीं चलती है कि कुछ भी बोल दो कि उसे उतनी सीटें मिलेंगी| यदि इनमें से किसी के भी अंक परिवर्तित होते हैं तो समस्त गणना नये सिरे से की जाती है, क्योंकि उस स्थिति में गणना का आधार बदल जाता है|

            पश्चिम बंगाल की सीटों की संख्या की गणना के मामले में एक नवीन तथ्य चार दिन पहले सामने आया है कि ममता बनर्जी की वास्तविक जन्मदिनांक बहुप्रचलित 05-01-1955 न हो कर कुछ और है| अब यह कुछ और क्या है, इस बारे में ममता बनर्जी का स्वयं का एक साक्षात्कार पढ़ने में आया| उन्होंने उक्त साक्षात्कार में कहा है कि उनकी माताजी के अनुसार उनका (ममता बनर्जी का) जन्मदिन दुर्गा अष्टमी को है और उक्त दुर्गा अष्टमी को 05 अक्टूबर था| पञ्चांग के अनुसार यह दिन शारदीय नवरात्र में आता है| इसी साक्षात्कार में ममता जी कहती हैं कि परीक्षा देने के चक्कर में योग्य न हों, इस फेर में उनके पिताजी ने उनकी आयु पाँच वर्ष अधिक लिखवायी| इस अनुसार ममता जी की जन्मदिनांक 05-10-1960 ठहरती हैं, किन्तु अब यहाँ एक बहुत बड़ा पेंच फँस रहा है| वह यह कि 05 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी मात्र 1954 में पड़ती है, ममता जी के बहुप्रचलित जन्म-वर्ष 1955 के आस-पास कई वर्षों तक 05 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी नहीं पड़ती है| इसलिए हमने ममता बनर्जी की माताजी के कथन (दुर्गा अष्टमी को जन्म) को आधार मानकर इनकी जन्मदिनांक 05-10-1954 मानकर सीटों की संख्या वाली समस्त भविष्यवाणी को फिर से बनाया|

         ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-01-1955 (बुधवार) के अनुसार इनके अंक इस प्रकार ठहरते हैं:-

मूलांक:-5       भाग्यांक:-8       आयु-अंक:-4 (67 वाँ वर्ष)       नामांक:-5      दिन-अंक:-5

         ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-10-1954 (मंगलवार) के अनुसार इनके अंक इस प्रकार ठहरते हैं:-

मूलांक:-5       भाग्यांक:-7       आयु-अंक:-4 (67 वाँ वर्ष)       नामांक:-5      दिन-अंक:-9

         यहाँ ममता बनर्जी की नवीन प्राप्त जन्मदिनांक के मूलांक-भाग्यांक 5 व 7 का विरोधी अंक 9 है| यह अंक इनका दिन-अंक भी है क्योंकि इनका जन्म मंगलवार को हुआ| चूँकि यह अंक 9 दो अंकों (5 व 7) का विरोधी है, इसलिए अंक 9 के युग्म-अंकों के पहले दो अंकों का मध्यमान लेंगे| ये अंक हैं-18 व 27|

         इनका मध्यमान बनता है=18+27=45/2=22.5  

अतः 05-01-1955 वाली जन्मदिनांक के अनुसार गणना में प्राप्त सीटों की संख्या में 22.5 अर्थात् 22 सीटों का बदलाव होगा| अब यह बदलाव सीटें बढ़ाने वाला होगा या कम करने वाला, इसके लिए शेष गणनाओं की भूमिका पर ध्यान देना होगा|

         चूँकि ममता जी की दोनों जन्मदिनांक का मूलांक तो समान है, किन्तु मूलांक-भाग्यांक युतियों में भिन्नता ही नहीं, बल्कि विपरीतता भी है| इनकी 05-01-1955 वाली जन्मदिनांक में भाग्यांक 8 मूलांक 05 का विरोधी है; जबकि 05-10-1954 वाली जन्मदिनांक में मूलांक 5 की भाग्यांक 7 के साथ प्रबल मित्र युति है| अतः 05-10-1954 वाली जन्मदिनांक की युतियाँ ममता जी के लिए अनुकूल है| इसलिए अंक 18 व 27 के मध्यमान से प्राप्त पूर्णांक 22 यानी 22 सीटें ममता जी की जन्मदिनांक 05-01-1955 से प्राप्त सीटों की संख्या में जुड़ेंगी|

        ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-01-1955 होने पर तृणमूल(+) को प्राप्त सीटें=121  

ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-10-1954 होने पर इनकी सीटों की संख्या में 22 सीटों की वृद्धि होगी|

अतः अब प्राप्त सीटों की संख्या=121+22=143

इनमें तृणमूल कांग्रेस के सहयोगी दल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा को मिलेंगी=1.43=01 सीटें

और तृणमूल कांग्रेस को मिलेंगी=142 सीटें

         अब प्रश्न यह उठता है कि तृणमूल(+) को मिलने वाली ये 22 सीटें भाजपा(+) और संयुक्त मोर्चा में से किसकी कम होंगी? तो इसका सटीक जवाब यह है कि ये 22 सीटें भाजपा(+) की कम नहीं होंगी क्योंकि उसके प्रमुख व गणनीय घटक भाजपा के स्थापना के अंक, राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के अंक सटीक रूप में प्राप्त हैं|

         अतः भाजपा(+) को मिलने वाली सीटों की संख्या=91

इनमें आजसू को मिलेगी=01 सीट

और भाजपा को मिलेंगी=90 सीटें

         संयुक्त मोर्चा के घटकों में सीपीआई के प्रदेश सचिव स्वप्न बनर्जी, ऑल इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक के सचिव एन. वेलप्पन नायर, आरएसपी के सचिव मनोज भट्टाचार्य व आईएसएफ के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीक़ी की जन्मदिनांक उपलब्ध नहीं है, मात्र नामांक ही उपलब्ध हैं| अतः तृणमूल(+) को मिलने वाली 22 सीटें संयुक्त मोर्चा की कम होंगी|      

         ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-01-1955 होने पर संयुक्त मोर्चा को मिलने वाली सीटें=75

ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-10-1954 होने पर संयुक्त मोर्चा की सीटों में 22 सीटों की कमी होगी|

अतः अब संयुक्त मोर्चा को प्राप्त होने वाली सीटों की संख्या=75-22=53 सीटें

         संयुक्त मोर्चा की सीटों का विभाजन इस प्रकार होगा:-

सीपीएम को पहले मिल रही थीं=33 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=33/75=.44%

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से सीपीएम की सीटें कम होंगी=22x.44=9.68=10          

    अतः अब सीपीएम को मिलेंगी=33-10=23 सीटें

कांग्रेस को पहले मिल रही थीं=23 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=23/75=.31%         

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से कांग्रेस की सीटें कम होंगी=22x.31=6.82=07

    अतः अब कांग्रेस को मिलेंगी=23-07=16 सीटें 

आईएसएफ को पहले मिल रही थीं=10 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=10/75=.13%       

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से आईएसएफ की सीटें कम होंगी=22x.13=2.86=03

    अतः अब आईएसएफ को मिलेंगी=10-03=07 सीटें

फारवर्ड ब्लॉक को पहले मिल रही थीं=04 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=04/75=.05%        

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से फारवर्ड ब्लॉक की सीटें कम होंगी=22x.05=1.1=01

    अतः अब फारवर्ड ब्लॉक मिलेंगी=04-01=03 सीटें

आरएसपी को पहले मिल रही थीं=03 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=03/75=.04%       

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से आरएसपी की सीटें कम होंगी=22x.04=.88=01 

    अतः अब आरएसपी को मिलेंगी=03-01=02 सीटें

सीपीआई को पहले मिल रही थीं=02 सीटें; संयुक्त मोर्चा को प्राप्त सीटों में इसका प्रतिशत=02/75=.02%               

संयुक्त मोर्चा की कम हो रही 22 सीटों में से सीपीआई की सीटें कम होंगी=22x.02=.44=00 

    अतः अब सीपीआई को मिलेंगी=02-00=02 सीट  

 इसलिए ममता बनर्जी की दोनों जन्मदिनांक के अनुसार किये गये सीटों की संख्या के आकलन का अन्तिम परिणाम इस प्रकार है-

            (अ)जब ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-01-1955 है

 भाजपा(+)-91 सीटें

भाजपा-90 सीटें         आजसू-01 सीट

तृणमूल कांग्रेस(+)-121 सीटें

तृणमूल कांग्रेस-120 सीटें         गोरखा जनमुक्ति मोर्चा-01 सीट  

संयुक्त मोर्चा-75 सीटें

सीपीएम-33 सीटें         कांग्रेस-23 सीटें          आईएसएफ-10 सीटें       

फारवर्ड ब्लॉक-04         आरएसपी-03 सीटें        सीपीआई-02 सीटें              

अन्य-07 सीटें

           (आ)जब ममता बनर्जी की जन्मदिनांक 05-10-1954 है

भाजपा(+)-91 सीटें

भाजपा-90 सीटें         आजसू-01 सीट

तृणमूल कांग्रेस(+)-143 सीटें

तृणमूल कांग्रेस-142 सीटें         गोरखा जनमुक्ति मोर्चा-01 सीट  

 संयुक्त मोर्चा-53 सीटें

सीपीएम-23 सीटें         कांग्रेस-16 सीटें          आईएसएफ-07 सीटें       

फारवर्ड ब्लॉक-03         आरएसपी-02 सीटें        सीपीआई-02 सीटें               

अन्य-07 सीटें

 मित्रो, हमने हमारी 'कृपात्रयी' (प. पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) व कुलदेवी माता हिंगलाज भवानी की कृपा से यह आकलन कर आपकी सेवा में प्रस्तुत किया है| अब वे ही इस आकलन रूपी भविष्यवाणी की लाज रखेंगे| ...... आज के आनन्द की जय ......... जय श्री राम|