शनिवार, 9 जनवरी 2010

वसुंधरा राजे:फिर बनेंगी सुपर पावर


 जय श्री राम ........... | मित्रो,आज हम जिन की बात करने जा रहे हैं;वे भाजपा ही नहीं,बल्कि भारतीय राजनीति में भी बहुत अहम् भूमिका निभाएँगी | हमारा मंतव्य राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से है | इन का नामांक बनता है-7 | इस का वृहदंक बनता है-43 | यह बना है 34-9 से | इस का मूलांक समीकरण बनता है 7-9 | अगर इन के नाम में 'SCINDIA' काम लिया जाए तो भी मूलांक 7 ही बनता है,मगर तब वृहदंक बनता है-61 | यह इन के लिए ज़्यादा अच्छा है | इस हालत में मूलांक समीकरण बनता है 7-9-9 | यह भी इन के ज़्यादा पक्ष में है | चूँकि अंक 7 इन के बहुत ज़्यादा पक्ष में नहीं है;इस लिए इस के साथ अंक 9 जितना ज़्यादा हो,उतना ही अच्छा है | ये बहुत ही विचित्र भाग्य ले कर पैदा हुई हैं | इस में जहाँ इन का पराक्रम उत्कर्ष पर है,तो वहीँ पारिवारिक,दाम्पत्य और स्त्री सुख अपकर्ष लिए हुए है | यह बात इन के जन्मांक सिद्ध कर देते हैं | इन का जन्म 08-03-1953 को 16:45 PM पर हुआ | इस नाते इन का जन्म का मूलांक 8,मासांक 3,वर्षांक 9,भाग्यांक 2  और संयुक्तांक 9 है | इनके नामांक के साथ अंक 8 का समन्वय बताता है कि ऐसे लोग तांत्रिक और मान्त्रिक क्रियाओं में अगाध विश्वास रखते हैं और उन का भरपूर इस्तेमाल भी करते हैं | इन का मूलांक-भाग्यांक समीकरण बताता है कि ऐसे लोगों का पारिवारिक सुख सदैव बिखरा-बिखरा रहता है,भले चाहे वह उस परिवार का सुख हो कि जिस में ये जन्मे हों या फिर उस परिवार का,कि जिस में इन का विवाह होता है | इन के जन्म के साथ तगड़ा 'पुरुषत्व दोष' है | ये पिछले जन्म में पुरुष थीं और वह भी ख़ासे मर्दाना तेवरों वाली | इन के उस जन्म के बारे में चर्चा हम यहाँ सार्वजनिक रूप से नहीं करेंगे | अगर कभी अवसर आया तो वह चर्चा इन्हीं से करेंगे | हमें पता है कि वह अवसर भी जल्दी ही आएगा | इसी 'पुरुषत्व दोष' के कारण इन्हें परिवार के पुरुषों का सुख कम है,भले ही वह पुरुष किसी भी रिश्ते में हो | हम इस बात के विस्तार में जाना नहीं चाहते क्यों कि आज यह तो सभी के सामने है | यहाँ एक प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि फिर इन के पुत्र दुष्यंत का सुख इन्हें कैसे है ? इस का जवाब यह है कि इन के पोता होने से वह पुरुषत्व दोष कुछ हल्का हो गया है | इन की सूर्य राशि मीन है | यह जल त्रिकोण की तृतीय राशि है | इन का जन्म का चलित है-अंक 3 (धनात्मक) | इन के जन्म-वर्ष के अनुसार मात्र अंक 9 की दशा चलित है,जो कि चार चौथाइयों में बँटी होती है | अभी ताज़ा दशा वर्ष 2007 में शुरू हुई है,जो कि वर्ष 2016 तक चलेगी | इस की पहली चौथाई मार्च,2010 तक है | यह शुभ नहीं है | इस ने इन की सरकार की बलि तो ली ही,साथ ही कुछ अनचाहे विवादों में भी उलझा दिया | अब दूसरी चौथाई जून,2012 तक चलेगी | यह इन के भाग्य को फिर से परवान चढ़ाने का काम करेगी | चौथी और अंतिम चौथाई सितम्बर,2014 से शुरू होगी | यहाँ इन का भग्य फिर से ज़ोर मारेगा तथा जवाल पर होगा | इन के लिए अंक 8 बहुत ही विचित्र भूमिका निभाता है | कीरो का यह सिद्धांत है कि अंक 8 वालों को इसी अंक से बचना चाहिए | वसुंधरा राजे के लिए अंक 8 अच्छा भी है तो बुरा भी | फिर भी समग्र विश्लेषण बताता है कि अच्छा कम और बुरा ज़्यादा है | अंक 8 में शपथ-ग्रहण करने का नतीजा यह रहा कि सरकार दोहराई नहीं जा सकी | इसी अंक ने इन के दाम्पत्य की बलि ले ली | इन का विवाह 17-11-1977 को हुआ | यहाँ मूलांक 8 और भाग्यांक 7 है | मासांक 2 और वर्षांक 6 है | अंक 8 की प्रधानता के कारण पारिवारिक/दाम्पत्य/जीवनसाथी के सुख का कारक अंक 2 और शादी के सुख का कारक अंक 6, ये दोनों ही भ्रष्ट हो गये | चूँकि इन के विवाह का चलित अंक 9 (ऋणात्मक) ठहरा,इस लिए अंक 9 की नकारात्मक ऊर्जा ने दाम्पत्य के मामले को कोर्ट/कचहरी का मामला बना दिया | यह विवाह इन के लिए बिलकुल भी सुखद नहीं रहा | भाग्य का विचित्र खेल देखिए कि विवाह वाले ही मूलांक-भाग्यांक मुख्यमंत्री के रूप में इन के शपथ-ग्रहण के हैं | इन्होंने शपथ ली 08-12-2003 को | अब ऐसे में भला इन की सरकार दुबारा कैसे बनती ? इन अंकों के कारण ये अपने पूरे कार्यकाल में पंगेबाज़ी से परेशान रहीं | चूँकि पारिवारिक अंक 2 ख़राब था,इस लिए परिवार यानि पार्टी व मंत्रिमंडल के ही साथियों ने इन के लिए मुश्किलें पैदा कीं | ऐसा सुनने में आया था कि इन्होंने बड़े-बड़े पंडितों से सलाह कर के ही शपथ-ग्रहण का मुहूर्त्त निकलवाया,मगर हमारे हिसाब से वह मुहूर्त्त एक बहुत बड़ा बेवकूफ़ी भरा क़दम था | वह ही इन के लिए संकटों और आगामी सरकार न आने का कारण बना | इनके शपथ-ग्रहण का चलित अंक 3 (ऋणात्मक) था | उस दिन के मूलांक-भाग्यांक के साथ इस के तालमेल ने ही इन के कई फ़ैसलों को विवादास्पद बना दिया था तथा क़ानून और व्यवस्था सम्बन्धी कई परेशानियाँ खड़ी कीं | हम ने अभी ऊपर की कुछ पंक्तियों में यह कहा है कि ये बहुत ही विचित्र भाग्य ले कर पैदा हुई हैं | उस का एक तगड़ा पहलू देखिए | इन के यहाँ प्रबल 'शत्रुहन्ता योग' है | इस का तात्पर्य यह है कि जो कोई इन के साथ सीधे-सीधे लड़ाई मोल लेगा,उसे झुकना ही पड़ेगा,वरना वह मिट जाएगा | हाँ,अगर इन के विरोधी इन से हाथ मिला लेंगे तो उन का मान-सम्मान और अस्तित्व बच जाएगा | ज़्यादा दिन नहीं हुए हैं कि जब पार्टी में अधिकांश लोग इन के पीछे हाथ धो कर पड़ गये थे कि इन से 'नेता प्रतिपक्ष' के पद से इस्तीफ़ा लेना ही है | इन्हें मोटे-मोटे अल्टीमेटम दिये  जा रहे थे | तब बात है शायद 13  अगस्त,2009 की | हम अपने अग्रज-तुल्य और राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजदीपक रस्तोगी के घर उन के साथ बैठे थे | तब उन के पूछने पर हम ने इसी 'शत्रुहन्ता योग' का हवाला देते हुए कहा था कि चाहे कुछ हो जाए,वसुंधरा राजे अपने पद से इस्तीफ़ा तो तभी देंगी,कि जब वे ख़ुद चाहेंगी | हम ने यह भी कहा था कि राजनाथ ने अपने जीवन की एक बहुत बड़ी भूल कर दी है,जो कि इन से इस तरह भिडंत ले ली | साथ ही लालकृष्ण आडवाणी ने भी इन के साथ ऐसा व्यवहार कर के बेवकूफी कर ली है | अब इन दोनों को तो अपने-अपने पद से जाना ही होगा | आप सभी के सामने आ ही चुका है कि ऐसा ही हुआ है | हम इन के साथ के ऐसे कई उदाहरण बता सकते हैं | अभी भी जो लोग इन के साथ सीधी लड़ाई ले रहे हैं,उन का भी ऐसा ही हश्र होना है | इतना ही तगड़ा यह योग गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है,जिस का जिक्र हम उन के बारे में विधानसभा चुनाव-2007 में E TV अपनी भविष्यवाणी में कर चुके हैं | 
    वसुंधरा राजे को अभी 57 वाँ वर्ष चल रहा है,जिस का अंक बनता है-3 | चलित का वर्षांक भी 3 है | ये दोनों ही इन के जन्म के चलित के साथ 'प्रतिरूप युति' बनाते हैं| किन्तु अभी चलित अंक 8 (ओज) है | यह चलेगा 19 जनवरी तक | इस के बाद चलित में अंक 8 (सौम्य) शुरू हो जाएगा,जो कि 19 फरवरी तक चलेगा | यह अवधि इन के लिए कुछ राहत वाली भले ही हो,मगर कोई ख़ास फ़ायदेमंद नहीं है | इस कारण इन के परिवर्तन और अनुकूलता वाला समय तो 19 फरवरी के बाद ही आ रहा है;और वह भी 8 मार्च से ज़्यादा | तब इन्हें आयु अंक 4 होगा,क्यों कि उम्र का 58 वाँ वर्ष शुरू होगा | अंक 4 पितृप्रभाव का अंक है | इस लिए तब इन्हें अपने पितृ स्वरुप की ओर लौटना होगा | तात्पर्य यह है कि तब इन्हें अपने पैतृक राजनीतिक ढाँचे यानि पार्टी में प्रमुख भूमिका निभानी पड़ सकती है | वर्ष 2011 पितृ अंक का है | इस लिए इन दोनों की युति में 07 मार्च,2011  (वैसे पूरे 2011 में ही) ये पितृ भूमिका में रह कर किसी प्रभारी की भूमिका निभाते हुए कुछ विवादों का समाधान भी कर सकती हैं | 08 मार्च,2011 से इन्हें 59 वाँ वर्ष शुरू हो जाएगा,जिस का अंक बनता है-5 | यह इनके लिए प्रतिष्ठा-वृद्धि वाला रहेगा | इस आयु अंक के साथ चलित वर्षांक के समन्वय के कारण पार्टी के वरिष्ठ/बड़े पदाधिकारी आश्चर्यजनक रूप से इन के साथ होंगे | तब इन के कई और विरोधियों का भी हिसाब-किताब निपट जाएगा | वर्ष 2012 में भी इन का प्रभुत्व ख़ूब बढ़ेगा | जैसा कि हम ने इसी आलेख में पूर्व में कहा है कि इन्हें चलित दशा की तीसरी चौथाई जून,2012 से सितम्बर,2014 तक चलेगी | यह इन के लिए बहुत ही शुभ रहेगी | इसी अवधि में उम्र के 61 वें वर्ष में ये पुनः राजस्थान की मुख्यमंत्री बनेंगी | चूँकि वह इन का अंक 7 का वर्ष (61 वाँ वर्ष) होगा,इस लिए इन्हें संभवतः पूर्ण बहुमत न मिलेगा या लगभग पूरा-पूरा बहुमत ही मिलेगा | साथ ही ये अपना  वह कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगी | ये प्रमोशन के रूप में भाजपा की केन्द्रीय राजनीति में जाएँगी | वह समय अक्टूबर,2014 से दिसंबर,2016 के बीच का हो सकता है | तब ये भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकती हैं | इन का मूलांक-भाग्यांक समीकरण वही है,जो कि लालकृष्ण आडवाणी का है | इस कारण ही ये सदैव आडवाणी की लाड़ली रही हैं | इन्हीं अंकीय समीकरणों के कारण ये एक दिन भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष निश्चित रूप से बनेंगी | भाजपा के लिए इन का कार्यकाल उतना ही उत्कर्ष का होगा,जितना कि लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी को 2 सीटों से 184 सीटों पर ले जा कर किया | अभी केंद्र में जाने के 5 से 6 वर्ष की अवधि में इन का भाजपा की केन्द्रीय कमान संभालना लिखा है | ये प्रधानमंत्री कभी नहीं बन पाएँगी,हालाँकि इस पद की तगड़ी उम्मीदवार बन सकती हैं,मगर तब ये ऐसे व्यक्ति से दौड़ में पिछड़ जाएँगी या उस के लिए रास्ता छोड़ देंगी,जो कि अंक 8 व अंक 5 के प्रभाव वाला होगा | इस व्यक्ति का नाम हम आप के सामने आगामी लेखों में खोलेंगे | वर्ष 2016 के बाद इन का भाग्य अद्भुत मोड़ लेगा | यदि इन्होंने 82 वें वर्ष तक अपना स्वास्थ्य भली-भाँति संभाले रखा तो बहुत जिएँगी | इन्हें हम सब से बड़ी सलाह यह देना चाहेंगे कि इन्हें अपना वर्तमान बंगला बदल लेना चाहिए,क्यों कि इस का अंक 4 (बंगला नंबर 13 ) GOD FATHER NUMBER ख़राब करता है | इस के कारण बार-बार नेतृत्व सम्बन्धी/के साथ परेशानी रहती है |