शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

आज की फ़िल्में

जय श्री राम ............ |  जाते-जाते वर्ष 2009 तो ने हिंदी फिल्मोद्योग की झोली में फ़्लॉप फ़िल्में ही डाली थीं | हालाँकि यह एक क्रूर सत्य है कि हर साल बनाने वाली फ़िल्मों की बमुश्किल 10 % को ही कामयाबी के दर्शन होते  हैं | अब देखें कि नव वर्ष 2010 अपनी झोली में क्या लाया है ? आज रिलीज़ हो हो रही हैं दो फ़िल्में | सब से पहले बात करते हैं आज के अंकीय समीकरणों की | आज का मूलांक 8 और भाग्यांक 3 है | अभी चलित का अंक है-8 (ओज) | चलित का वर्षांक है-3 | 
दूल्हा मिल गया 
आज  की पहली फ़िल्म है विवेक वासवानी की 'दूल्हा मिल गया' | निर्देशक मुदस्सर अज़ीज़ की लम्बे समय से अटकी इस फ़िल्म को आख़िरकार थिएटरों का मुँह तो नसीब हो ही गया | इस फ़िल्म का नामांक है-5 | इस का वृहदंक है-32 | यह बना है 19-8-5 से | इन का मूलांक समीकरण बनता है 1-8-5 | अंक 1 निर्देशक,नायक और निर्माता का है | अंक 5 संगत के अनुसार फल देता है | अंक 8 अंक 1 के साथ द्रोहात्मक युति बनता है | यह युति निर्देशक,नायक और निर्माता के लिए हानिकारक है | चूँकि चलित का अंक भी 8 है,और कोढ़ में खाज यह कि आज का मूलांक भी 8 है;इस लिए यहाँ द्रोहात्मक युति अत्यंत प्रबल हो जाती है | इस कारण फ़िल्म के निर्देशक,नायक और निर्माता बहुत बड़े नुकसान में रहेंगे | इस युति में आज के भाग्यांक 3 का समन्वय निर्णयगत त्रुटि बताता है | इस का तात्पर्य यह है कि आज फ़िल्म रिलीज़ करने का निर्णय बहुत बडी गलती साबित होगा | मुदस्सर अज़ीज़ का नामांक बनता है-4,जिस का वृहदंक है-40 | नायिका सुष्मिता सेन का नामांक भी बनता है-4 और इस का वृहदंक बनता है-40 | अंक 8 की प्रबलता वाली द्रोहात्मक युति के साथ इस का योग विखंडन पैदा करता है | कुल मिला कर कहा जा सकता है कि यह फ़िल्म बुरी तरह पिटेगी | लगे हाथों एक बात और | कुछ समय पहले मुदस्सर और सुष्मिता के बीच अफ़ेयर और शादी की ख़बरें भी हवा में रही थीं | वे इसी लिए हो गयीं क्यों कि इन दोनों के नामांक में इतनी समानता है | इस मामले में बस,इतना ही;इस से ज़्यादा और कुछ नहीं होना है | इस से ज़्यादा यहाँ और कोई योग नहीं हैं |  
प्यार इम्पॉसिबल
इस फ़िल्म के साथ नाम तो बड़े-बड़े जुड़े हैं | अब यह देखते हैं कि इस के खाते में सफलता भी क्या बड़ी लिखी है ? 'रोड साइड रोमियो' जैसी फ़्लॉप देने के बाद जुगल हंसराज क्या इस फ़िल्म से निर्देशक के रूप में सफल हो पाएँगे ? फ़िल्म का नामांक है-5 | इस का वृहदंक है-50 | यह बना है 13-37 से | इसका मूलांक समीकरण बनता है 4-1 | यह समीकरण पितृदोष बताता है | जिस का तात्पर्य यह है कि फ़िल्म के पितृपुरुषों (निर्देशक,नायक,निर्माता) को हानि उठानी पड़ सकती है-विशेषकर निर्देशक को,क्यों कि वह इन तीनों में प्रधान पितृपुरुष होता है | अंक 5 विचलन,डावांडोल और यथास्थिति बताता है | 4-1 की युति के साथ इस के तालमेल का परिणाम इस फ़िल्म के निर्देशक के लिए निराशा देने वाला ही है | फ़िल्म के नायक उदय चोपड़ा और नायिका प्रियंका चोपड़ा का नामांक बनता है-2 | फ़िल्म और आज के अंकीय समीकरणों के साथ इस अंक का समन्वय इच्छा-पूर्ति में बाधा और भावनात्मक झटका दर्शाता है | इस लिए उक्त विलेषण के आधार पर हम कह सकते हैं कि  इस फ़िल्म के खाते में भी असफलता ही आनी है | अब यह बात और है कि फ़िल्म का प्रोडक्शन हाउस चूँकि बहुत बड़ा बैनर है,इस लिए वह अपनी व्यावसायिक पैंतरेबाज़ी से इस फ़िल्म की लागत भले ही वसूल कर ले,मगर थिएटरों की कसौटी पर तो यह फ़िल्म असफल ही ठहरेगी | तो मित्रो,कुल मिला कर इस साल की शुरुआत बड़े ही निराशाजनक ढंग से होने जा रही है |