सोमवार, 6 जून 2011

पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव : हमारी भविष्यवाणी अपूर्व रूप से सही साबित हुई

जय श्री राम .......... आदरणीय मित्रो, अब जो बात आपके साथ करने जा रहे हैं, वह बहुत ही ख़ास है. हाँ, यह करने में हमने कुछ दिन अवश्य ज़्यादा ले लिये हैं. पाँच राज्यों के राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आ चुके हैं और इन राज्यों में नयी सरकारें भी अपना काम शुरू कर चुकी हैं. 4 अप्रेल से शुरू हुआ प्रचार-अभियान 13 मई को परिणाम घोषित होने के साथ ही अपनी पूर्णता को प्राप्त हो गये. इन चुनावों को लेकर कई ज्योतिषियों ने अपने-अपने भविष्य-कथन प्रस्तुत किये. हमने भी ऐसा किया था. हमारी भविष्यवाणी  की विशेषता यह थी कि अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित यह एकमात्र भविष्यवाणी थी; साथ ही इतने विस्तृत कलेवर में. हालाँकि एक से अधिक राज्यों के बारे में चुनावी भविष्यवाणी हमने पहले भी की, किन्तु उनकी सफलता का स्वरुप इतना विस्तृत नहीं रहा. वर्ष 2003 में हमने राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के विधानसभा चुनावों को लेकर भविष्यवाणी की थी, किन्तु उसमे दिल्ली से सम्बन्धित भविष्यवाणी ग़लत रही; जब कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से समबन्धित भविष्यवाणी का कलेवर अति संक्षिप्त था. वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में फिर इन्हीं चार राज्यों के बारे में हमने भविष्यवाणी की और वह भी सीटवार; किन्तु दिल्ली और राजस्थान के मामले में हम सही नहीं रहे. अक्टूबर, 2009 में हरियाणा, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश; इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनावों की हमारी भविष्यवाणी अपूर्व रूप से सही साबित हुई. राजनीतिक भविष्यवाणी-क्रम के हमारे इस सफ़र में इन पाँचों राज्यों के इन विधानसभा चुनावों की भविष्यवाणी बहुत अहम थी. 'कृपात्रयी' (प.पू. गुरुदेव देवराहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हमारी यह भविष्यवाणी अपूर्व रूप से सही साबित हुई. पाँच-पाँच राज्यों को लेकर भविष्यवाणी करना और फिर उसका इस तरह अपूर्व रूप से सत्य सिद्ध होना किसी भी ज्योतिषी के लिए बहुत गर्व की बात हो सकती है, हमारे लिए भी है.
       तो आइए, एक नज़र डालते हैं हमारी इस भविष्यवाणी के सही रहने के स्वरूप पर.
तमिलनाडु : होगी जयललिता की जय
तमिलनाडु में करुणानिधि को सत्ता से विदाई लेनी होगी और जयललिता फिर से राजगद्दी पर काबिज़ होने जा रही हैं, हमने यह साफ़-साफ़ कहा था. यह देखिए- "....... यह युति ह्रदय-परिवर्तन व भावनाओं पर आघात बताता है. यह 'स्त्री पितृ सत्ता' की ओर संकेत करती है. पिछले विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु का आयु अंक 2 (38 वाँ वर्ष) था. इसके साथ चलित वर्षांक 8 ( वर्ष 2006) की युति में सरकार बदली थी. इस बार आयु अंक 7 (43 वाँ वर्ष) की युति में सरकार बदलेगी. अंक 4 की अतिशय प्रधानता के कारण विरासत की राजनीति करने वाले ज्यादा परेशानी में रहेंगे. हालाँकि जयललिता एम.जी.आर. की विरासत की राजनीति कर रही हैं, किन्तु चूँकि ये एम.जी.आर. की पारिवारिक सदस्य नहीं है; इसलिए इन पर यह बात इतनी प्रबलता से लागू नहीं होगी, यद्यपि आंशिक रूप से प्रभाव तो रहेगा. करुणानिधि की तो सारी राजनीति ही अब विरासत पर टिकी है. इसलिए करुणानिधि को ज़बरदस्त हानि उठानी पड़ेगी. इस चुनाव के बाद करुणानिधि के कुनबे में बिखराव/ अलगाव देखने को मिल सकता है. तमिलनाडु  को वर्ष 2011 से ही अंक 3 की दशा आरम्भ हुई है. यह अंक चुनाव/ निर्णय का भी है. इस के साथ अंक 4 की युति परिवर्तन के पक्ष में निर्णय बताती है. तमिलनाडु के नामांक (2) + आयु अंक (7) के साथ इस युति का समीकरण स्थायित्व-भंग करता है. यह बात वर्तमान सरकार के खिलाफ जाती है. इसलिए इस बार करुणानिधि को गद्दी छोड़नी पड़ेगी. "
अन्नाद्रमुक 
इस दल के लिए हमने स्पष्ट सत्ता-प्राप्ति के योग की बात कही थी---" इस पार्टी के मूलांक (8) तथा भाग्यांक (1) में पितृद्रोह युति है. यह अपने पितृद्रोह से ही जन्मी है. इस की चलित दशा (8) भाग्यांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति बनती है. इस चलित दशा की पहली अर्द्धली ने सत्ता छीन ली थी. अब दूसरी अर्द्धली सत्ता वापस दिलवाएगी. यह दशा वर्ष 2014 तक चलेगी. इसलिए यदि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव होते हैं तो यह पार्टी बहुत तगड़ा प्रदर्शन करेगी. .........  अंक 3 चुनाव व निर्णय का है. अंक 8 की चलित दशा की दूसरी अर्द्धली ( अंक 4) के प्रभाव में अंक 4 की बहुलतापूर्ण युतियाँ इस दल के लिए पक्षकारी सिद्ध होंगी. इसलिए इस बार यह पार्टी सत्ता-प्राप्ति करने जा रही है."     
द्रमुक
करुणानिधि के लिए ये चुनाव बहुत बड़ी पराजय ला रहे हैं, इस बात के दर्शन हमने यूँ करवाये थे---" ......... तमिलनाडु के नामांक (2) के साथ इसकी युति इच्छा-पूर्ति में बाधा बताती है. यह पारिवारिक अंकों का विखंडित होना भी है. यह पारिवारिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर देता है. इसलिए इन चुनावों में करूणानिधि का कुनबा परास्त होकर बिखर जाएगा. ....... द्रमुक के भाग्यांक (4) की मतदान के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + मतगणना के भाग्यांक (4) + चलित वर्षांक (4) के साथ युति की इसके आयु अंक (8) के साथ युति विखंडन उत्पन्न करती है. तमिलनाडु की चलित दशा (3) के साथ इस अंक (4) की युति निर्णय व चुनावों में अवस्था-परिवर्तन भी बताता है. इसलिए इस बार के चुनावों में सत्ता द्रमुक के हाथों से निकल जाएगी. "
कलाइग्नर मुथुवेलार ( के.एम.) करुणानिधि
"......... मतदान का दिन-अंक (5) इनके भाग्यांक (7) + नामांक (2) + चलित दशा (7) के साथ विरोधी युति बनाता है. यह मानसिक विचलन/ अस्थिरता उत्पन्न करता है. ...... करुणानिधि ने पिछली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी- 13-05-2006 को. यह ग़लत समय ली गयी शपथ थी. इसका मूलांक 4 व भाग्यांक 8 है. यह प्रबल विखंडन युति है. तब करुणानिधि को 81 वाँ वर्ष चल रहा था. यह पारस्परिक पितृ-द्रोह अंकों की युति वाला वर्ष था. इस वर्ष ने पूर्ण बहुमत नहीं पाने दिया. इसी की कोप-दृष्टि रही कि अपने इस कार्यकाल में करुणानिधि बहुत परेशान रहे व बहुत बदनाम हुए. शपथ-ग्रहण के इन अंकों में ही छुपा है कि करुणानिधि का मुख्यमंत्री पद बरक़रार नहीं रहेगा. हाँ, एक बात और. यदि वर्ष 2012 से वर्ष 2014 की अवधि पार कर ली तो बहुत जिएँगे."
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
".........इसका आयु अंक (7) + चलित दशा (7) मतदान के चलित (9) + मतगणना के चलित (6) + मतगणना के दिन-अंक (6) के साथ विरोधी युति बनाता है. एक रोचक बात यह है कि कांग्रेस के आयु अंक (3) तथा तमिलनाडु के आयु अंक (3) में प्रतिरूप युति बनती है, किन्तु इन दोनों के वृहदंक परस्पर व्यतिक्रम (कांग्रेस 34 व तमिलनाडु 43) में हैं. पार्टी की चलित दशा (7) तमिलनाडु के नामांक (2) के साथ मित्र युति तथा तमिलनाडु के आयु अंक (7) के साथ प्रतिरूप युति बनती है. मतदान का दिन-अंक (5) पार्टी के मूलांक (2) + चलित दशा (7) के साथ विरोधी युति बनाता है. अतः उक्त विश्लेषण से स्पष्ट है कि इस बार तमिलनाडु में कांग्रेस को इस बार सत्ता-सुख से वंचित रहना पडेगा."
सोनिया गाँधी
"......... सोनिया गाँधी की चलित दशा तमिलनाडु के नामांक (2) + आयु अंक (7) के साथ अतृप्तिकारी युति बनाता है. यह युति इच्छा-पूर्ति में बाधक है. यह विधानसभा अंक (6) के साथ मित्र युति बनती है. तमिलनाडु की चलित दशा (3) के साथ यह चलित दशा (8) निर्णय की विरुद्धता बताती है."
जे. जयललिता
जयललिता ने ग़ैर राजनीतिक पुरुष फ़िल्म अभिनेता विजयकांत का साथ लिया. हमने इसके बारे में पहले ही कह दिया था. इस अंश में देखिए--- "......... इनका भाग्यांक (3) करुणानिधि के मूलांक (3) के साथ प्रतिरूप युति बनाता है तथा इनका मूलांक (6) करुणानिधि के आयु अंक (6) के साथ प्रतिरूप युति बनाता है. इसलिए इनका भाग्य करुणानिधि पर भारी पड़ता है. चलित वर्षांक (4) तथा इनके भाग्यांक (3) की युति पक्ष में निर्णय में अपूर्णता बनती है. जयललिता को अपनी पार्टी ही की भाँति अंक 8 की दशा चल रही है. पितृद्रोह अंक (8) के वर्ष ने सत्ता छीन ली. अब पितृ अंक (4) का वर्ष सत्ता लौटा देगा. ग़ैर राजनीतिक पुरुष/  पुरुषों का साथ लेना पड़ सकता है/ मिल सकता है. भाजपा या किसी ऐसे दल का साथ फिर से ले सकती हैं, जिसके साथ पहले थीं."
प. बंगाल : आएगी ममता पर ममता
प. बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ता-प्राप्ति और वाम दलों की 33 साल बाद विदाई के बारे में हमने साफ़-साफ़ कह दिया था. देखिए---" ........ इसका नामांक (1) + मूलांक (1) मतगणना के मूलांक (4) + मतगणना के भाग्यांक (4) के साथ पितृदोषकारी मित्र युति बनाता है. यह युति पितृ-सत्ता (GODFATHER POWER) में विचलन की ओर संकेत कर रही है. मतगणना के समय प. बंगाल का आयु अंक (7) के साथ यह पितृदोषकारी मित्र युति हृदय-परिवर्तन बता रही है. किसी चुनाव के सन्दर्भ में इसका अर्थ हो जाता है- वर्तमान सता-स्वरुप के परिवर्तन के लिए यानि इसके विरुद्ध निर्णय. इस आधार पर प. बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं.यह युति स्त्री-पितृ प्रधानता बताती है. चूँकि वाम दलों के ख़िलाफ़ कड़ी दोनों पार्टियों की प्रमुख स्त्रियाँ हैं तथा ये चुनाव स्त्री (ममता बनर्जी ) को ही मुखिया बना कर लड़े जा रहे हैं, इस प्रकार प. बंगाल के अंकों का यह विश्लेषण बताता है कि इस बार यहाँ स्त्री-सत्ता आने जा रही है. इस राज्य की चलित दशा (8) इसके नामांक (1) + मूलांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति बनाता है. यह युति सत्ता से दूर ले जाती है. यह चलित दशा (8) प. बंगाल के भाग्यांक (4) + मतगण के मूलांक (4) + मतगणना के भाग्यांक (4) के साथ विखंडन युति बनाती है. यह विरासत की सत्ता/सत्ता की क्रम-बद्धता के विरुद्ध जाती है. इस का तात्पर्य यह है कि वाम दलों की सत्ता का जो क्रम चला आ रहा है, यह युति उसके विरुद्ध जाती है. एक बात और. बुद्धदेब भट्टाचार्य ने ज्योति बसु की विरासत ही की सत्ता संभाली थी. इस प्रकार यहाँ ये दोनों ही बातें लागू होती हैं. अतः इस बार वाम दलों को 33 साल बाद सत्ता से बाहर होना पड़ेगा."
भारतीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी
"प. बंगाल वाम दल माकपा की अगुआई में चुनाव लड़ रहे हैं. इस दल की स्थापना 31 अक्टूबर से 7 नवम्बर, 1964 की अवधि में हुई. अतः इसका सही-सही मूलांक-भाग्यांक नहीं बना, सिर्फ स्थापना के चलित की ही बात की जा सकती है और वह है-अंक 9 . ......... यह युति सत्ता से दूर ले जाती है| ......... इस पार्टी का नामांक (1) मतगणना के मूलांक (4) + भाग्यांक (4) + चलित वर्षांक (4) के साथ पितृदोषात्मक मित्र युति बनाता है. यह विरासत की राजनीति/ सत्ता की क्रमबद्धता के विरुद्ध जाती है. अतः इस बार यह पार्टी सत्ता-सुख नहीं ले पाएगी."
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

".........इन उपर्युक्त युतियों में विपरीत युतियों की बहुलता के कारण भाकपा को इस बार सत्ता से बाहर बैठना पड़ेगा."
बुद्धदेब भट्टाचार्य
"......... यह विश्लेषण बताता है कि इस बार बुद्धदेब भट्टाचार्य और उनकी पार्टी को चुनावों में मात खानी पड़ेगी. अब इनके सत्ता से वनवास का समय आ गया है. इनकी चलित दशा वर्ष 2016 तक है. अतः वर्ष 2016 की समाप्ति से पहले इनकी सत्ता में वापसी संभव है. यह समय 1 मार्च, 2016 तक भी संभव है."
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
"कांग्रेस का नामांक (3) मूलांक (2) + आयु अंक (7) + चलित दशा (7) के साथ विरोधी युति तथा भाग्यांक (1) के साथ मित्र युति बनाता है. इस पार्टी का अगला आयु वर्ष है-35 वाँ. यह निर्णयगत अस्थिरता के कारण बहुत बुरा वर्ष रहेगा, विशेषकर सोनिया गाँधी के प्रमुखत्व के सन्दर्भ में. ........ इस विश्लेषण से सपष्ट है कि कांग्रेस की पक्षधर युतियाँ इस बार के चुनावों में उसे सत्ता में भागीदार बना सकती हैं."
सोनिया गाँधी
"इनके भाग्यांक (5) व आयु अंक (2) में विरोधी युति बनाती है, जो कि हानिकारक है. चलित दशा (8) आयु अंक (2) के साथ इच्छा-पूर्ति में बाधा बताती है. यह भाग्यांक (5) के साथ अस्थिरता उत्पन्न करती है| ....... मतगणना के मूलांक (4) + भाग्यांक (4) + चलित वर्षांक (4) + मतदान के दूसरे चरण के भाग्यांक (4) के साथ इसका नामांक (9) + मूलांक (9) चुनाव में विजयदायिनी युति, कांग्रेस की चलित दशा (8) के साथ विखंडन युति तथा आयु अंक (2) के साथ अतृप्तिकारी विरोधी युति बनाता है, जो कि भावनात्मक झटके देती है व इच्छापूर्ति में बाधक है. पक्षकारी युतियों ( विशेषकर मतगणना के दिन वाली युतियों) के कारण सोनिया गाँधी का दल सत्ता प्राप्ति कर सकता है,"
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस
"...... अतः उक्त विश्लेषण बताता है कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता पर काबिज़ होने जा रही है. चूँकि अंक 2 व अंक 8 की युति स्त्री विरोधी व साझेदारी विरोधी युति है, इसलिए दो स्त्रियों ( ममता व सोनिया) के नेतृत्व वाले दलों की सरकार बन भी जाएगी तो इस के स्थायित्व को लेकर पूरा-पूरा ख़तरा रहेगा. वैसे भी सोनिया गाँधी के भाग्य में साझेदार स्त्री/ स्त्री अंकों वाले पुरुषों से झटकों का योग है. इसलिए इनकी साझेदारी के कारण प. बंगाल में कहीं समय से पहले विधानसभा चुनाव की नौबत नहीं आ जाए.  "
ममता बनर्जी
"........ इनका नामांक (5) + मूलांक (5) सोनिया गाँधी के भाग्यांक (5) तथा इनकी चलित दशा (2) सोनिया के आयु अंक (2) के साथ प्रतिरूप युति, इनका आयु अंक (3) सोनिया के नामांक (9) + मूलांक (9) के साथ मित्र युति बनाता है. इस समानता के कारण इन दोनों की अगुआई में इनके दल साथ मिल कर लड़ रहे हैं. ये दोनों दल इस बार प. बंगाल में सत्ता प्राप्त भी कर लेंगे. हाँ, इन्हें इस (सत्ता-प्राप्ति) के लिए कुछ और साथियों की ज़रुरत भी पड़ेगी. "
असम : रहेगा हाथ के साथ         
असम में हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि राज्य में न सिर्फ़ कांग्रेस वापसी करने जा रही है, बल्कि तरुण गोगोई भी फिर से मुख्मंत्री बनाने जा रहे हैं. अब इससे ज़्यादा कोई ज्योतिषी भला क्या कह सकता है. देखिए--- "........इन युतियों में अंक 1, 3 व 4 सम्बन्धी युतियों की प्रधानता है. अंक 1 व अंक 3 की युतियाँ सत्ता के पक्ष में जाती हैं. अंक 1 व अंक 4 की युतियाँ पितृ-सत्ता के पक्ष में जाती हैं. अंक 3 व अंक 4 की युतियाँ पिछले क्रम के पक्ष में निर्णय/ चुनाव बताती है. अतः इस बार के विधानसभा चुनावों के परिणाम से सत्ता के वर्तमान स्वरुप में परिवर्तन नहीं होगा. वर्तमान में काबिज़ दल/ गठबन्ध (कांग्रेस) ही सत्ता में लौटेगा. बहुत संभव है कि वर्तमान सत्ता का पितृ-पुरुष (मुख्यमंत्री) भी नहीं बदले यानि तरुण गोगोई फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं".
असम गण परिषद्
"इसका  नामांक (5) , मूलांक (5)  व भाग्यांक (2) परस्पर विरोधी हैं. असम का भाग्यांक (8) इस पार्टी के आयु अंक (8) के साथ विस्फोटक प्रतिरूप युति तथा इसके नामांक (5) + मूलांक (5) के साथ अस्थिरता योग बना रहा है. यह स्थिति डावांडोल बनाता है. इसके भाग्यांक (2) + चलित दशा (7) के साथ असम का भाग्यांक (8) + मतदान के पहले चरण की सीट संख्या (8)  इच्छा-पूर्ति में बाधक युति बनाता है. यह युति साझेदारी की भी विरोधी है.अतः इस बार अगप को ( किसी बड़े दल के बिना ) अकेले ही चुनाव लड़ना पड़ सकता है या साझेदार के साथ तनाव/ उससे अलगाव संभव है.  इसके नामांक (5) + मूलांक (5) मतदान के पहले चरण के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + चलित वर्षांक (4) के साथ प्रबल पितृ-अस्थिरता युति बन रहा है. सत्ता के दृष्टिकोण से यह युति हानिकारक है. इसका भाग्यांक (2) + चलित दशा (7) मतदान के पहले चरण के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + चलित वर्षांक (4) के साथ 'प्रबल ग्रहण योग युति' बना रहा है. इसे 'इच्छा-पूर्ति बाधाकारी युति' भी कहते हैं. इनके साथ आयु अंक (8) की विखंडन युति बन रही है.यह अगप को सत्ता से दूर रखेगी. मतगणना का दिन-अंक (6) + मतगणना का चलित (6) इस पार्टी के आयु अंक (8) का मित्र है. इसलिए इज्ज़त बचाने लायक़ प्रदर्शन रह सकता है. इस पार्टी के अध्यक्ष चन्द्रमोहन पटवारी की जन्म-दिनांक हमें उपलब्ध नहीं है. इनका नामांक (5) असम के आयु अंक (1) के साथ प्रतिरूप युति, नामांक (3) के साथ मित्र युति तथा भाग्यांक (8) के साथ द्रोहात्मक युति बनाता है. इन कुछ लाभकारी युतियों के कारण इस पार्टी का प्रदर्शन सम्मानजनक रह सकता है. इस का प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा बरक़रार रह सकता है."
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
"........ यह कांग्रेस के पक्ष में है. मतदान के दोनों चरणों के दिन-अंक (2 व 7) इसके मूलांक (2) + मतदान के दूसरे चरण के मूलांक (2) + चलित दशा (7) के साथ प्रबल मित्र युति बना रहे हैं. ये ही अंक कांग्रेस के नामांक (3) के साथ विरोधी युति बना रहे हैं. इस प्रकार अनुकूल समीकरणों की प्रबलता के कारण कांग्रेस सत्ता में वापसी करने जा रही है, और वह भी पूर्ण बहुमत के साथ."
सोनिया गाँधी
"....... इस प्रकार अनुकूल युतियों की प्रबलता के कारण इनकी पार्टी अपनी सत्ता बनाये रख सकती है. "
भारतीय जनता पार्टी
"....... यह विश्लेषण बताता है कि भाजपा इन चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. यह अपनी पिछली जितनी सीटें फिर से पा सकती है, किन्तु सत्तासीन नहीं हो पाएगी."
तरुण गोगोई
"इनका आयु अंक (4) मूलांक (1) के साथ पितृदोषात्मक मित्र युति बनाता है. चूँकि इस के साथ अन्य अंकों/ युतियों का शुभत्व है, इसलिए गोगोई के लिए यह पक्षकारी है. इस के साथ नामांक (3) की युति पक्ष में निर्णय करवाती है| ........ इस कारण कुछ झटके लग सकते हैं. इनकी पिछली शपथ-ग्रहण के मूलांक-भाग्यांक भी कुछ ऐसे ही योगों की ओर संकेत कर रहे हैं. कुल मिलकर पक्षधर युतियों की प्रबलता के कारण इनकी अगुआई का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है तथा यह पार्टी फिर से सत्ता में आ सकती है. ऐसी स्थिति में तरुण गोगोई फिर से मुख्यमंत्री बन जाएँ तो अचम्भा नहीं होना चाहिए. "
केरल : इस बार यू. डी. एफ.

इस राज्य में लड़ाई निकट कि रह सकती है, यह बात हमने सोनिया गाँधी के अंकों का इस राज्य के सन्दर्भ में विश्लेषण करते समय कह दी थी. हमने यह भी कहा था कि वी. एस. अच्युतानंदन को मुख्यमंत्री पद से विदा होना पड़ेगा. देखिए---" ........ पिछली बार केरल के आयु-अंक 5 ( 50 वाँ वर्ष) तथा चलित वर्षांक 8 ( वर्ष 2006) की युति में सरकार बदली थी. इस बार आयु-अंक (1) तथा चलित वर्षांक (4) की पितृदोषात्मक युति में सत्ता का पितृ स्वरुप यानि कब्ज़ाधारी दल/ गठबंधन बदल जाएगा.वर्तमान सरकार के गठबंधन 'वाम लोकतांत्रिक मोर्चा' का अंक (8) केरल के आयु-अंक (1) के साथ द्रोहात्मक युति बनाता है. यह युति सता से वंचित रखती है. केरल की चलित (3) के साथ इस मोर्चे के अंक (8) की युति चुनाव/ निर्णय में विपरीतता बताती है. अत: इस बार 'वाम लोकतांत्रिक मोर्चा' को सता से बाहर बैठना पडेगा. कांग्रेस की प्रधानी वाले 'संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा' का नामांक 4 है. केरल का मूलांक (1) + आयु-अंक (1) इस के साथ मित्र युति बनाता है, किन्तु यह युति पितृदोष वाली है. इसके साथ चलित दशा की युति पक्ष में निर्णय बताती है. चलित वर्षांक (4) का योग इस युति की प्रबलता बढ़ा देता है|"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
"........ यह युति सता/ आधिपत्य/ अधिकार के विरुद्ध है. इसलिए इस दल की सत्ता से विदाई तय है. इस पार्टी का भाग्यांक (3) + चलित दशा (3) के साथ मतदान का भाग्यांक (3) प्रतिरूप युति बनाता है. इस भाग्यांक-चलित दशा के साथ मतदान का चलित (9) + मतगणना का चलित (6) मित्र युति बनाता है. इसलिए कुछ राहत की बात रह सकती है. यह राहत इस रूप में मिल सकती है कि सीटों की संख्या वर्तमान संख्या (17) के आस-पास रह जाए, ज्यादा निराशाजनक न रहे. "
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
" .......  मतदान का भाग्यांक (3) पार्टी के नामांक (3) के साथ प्रतिरूप युति तथा आयु-अंक (7) + चलित दशा (7) + मूलांक (2) के साथ विरोधी युति बनाता है. इस विश्लेषण से यह पता चलता है कि इस बार कांग्रेस सत्ता में आने वाली है. "
सोनिया गाँधी
"इनका नामांक (9) + मूलांक (9) + चलित दशा (6) केरल की दशा (3) के साथ मित्र युति बनती है. इनका नामांक (9) + मूलांक (9)  मतदान के मूलांक (4) + मतगणना के मूलांक (4) + मतगणना के भाग्यांक (4) के साथ चुनावों में विजय के दृष्टिकोण से अनुकूल युति बनाता है, किन्तु यह युति अपूर्णता/ असंतोष की परिचायक है. इसलिए प्रतिद्वंद्वियों के साथ निकट की लड़ाई या बहुमत में कमी रह सकती है| ........ इस प्रकार इस बार सोनिया गाँधी के नेतृत्व का फायदा कांग्रेस को सत्तासीन होने के रूप में मिलेगा."
वी.एस. अच्युतानंदन
"....... इनका आयु-अंक (7) इनकी चलित दशा (3) + केरल की चलित दशा (3) के साथ विरोधी युति बना रहा है, यह आयु-अंक (7) चलित वर्षांक (4) के साथ हानिकारक युति बना रहा है. यह युति इच्छा-पूर्ति में बाधा बताती है. मतदान का दिन-अंक (5) इनके आयु-अंक (7) + मूलांक (2) के साथ विरोधी युति बनाता है.मतगणना का दिन-अंक (6) इनके अनुकूल है. इनकी पिछली शपथ-ग्रहण का मूलांक (9) व भाग्यांक (4) था. इनकी युति अतृप्ति की परिचायक है. हालाँकि यह युति तमाम झटकों के बाद भी दबदबा भी क़ायम रखती है. इस लिए अच्युतानंदन अपने ही लोगों के प्रबल विरोध के बाद भी पाँच साल सरकार चला गए.इस बार अंक 9 के चलित में अंक 4 के वर्ष में यह अतृप्तिकारी युति प्रबल है. इसलिए इन्हें सत्ता से जाना होगा."
 पुड्डूचेरी : त्रिशंकु विधानसभा में अन्नाद्रमुक गठबंधन भारी
 वी. वैतिलिंगम मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, इस बार के चुनावों के बाद उन्हें जाना होगा; यह हमने बता दिया था. हमारी भविष्यवाणी के अंश देखिए---"इस के मूलांक-भाग्यांक में पितृदोष युति है.  यह युति अपूर्णता की द्योतक है. चलित वर्षांक (4) के साथ इस की युति इस अपूर्णता को प्रबल बनाती है. मतदान का मूलांक, मतगणना का मूलांक + भाग्यांक तथा विधानसभा अंक भी 4 है. अतः इन सब की उपस्थिति से आकांक्षा-पूर्ति में अपूर्णता/ अतृप्ति की प्रधानता हो गयी है. चुनावों के परिप्रेक्ष्य में अपूर्णता/ अतृप्ति का अर्थ है किसी एक दल/ गठबंधन/ समूह को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत में कमी. इस प्रकार ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार विधानसभा में किसी एक दल या वर्तमान स्वरूप वाले गठबंधन को पूर्ण बहुमत शायद न मिल पाए. इसलिए इस बार की विधानसभा यदि त्रिशंकु रूप में मिले तो अचम्भा नहीं होना चाहिए. पुड्डूचेरी को वर्ष 2012 से 2015 तक अंक 4 की दशा चलेगी.इस अवधि में मुख्यमंत्री/ सरकार बदल सकती है."
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
"....... पुड्डूचेरी का आयु-अंक (3) इस के मूलांक (2) + आयु-अंक (7) + चलित दशा (7) के साथ हानिकारक युति बनाता है. पुड्डूचेरी का भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4) + चलित वर्षांक (4) इस दल के मूलांक (2 ) + आयु-अंक (7) + चलित दशा (7) के साथ आकांक्षा-पूर्ति में बाधा उत्पन्न करता है. यह युति दिल तोड़ती है. इसलिए कांग्रेस की स्थिति डावांडोल रह सकती है."
द्रमुक
"द्रमुक का नामांक (3) पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) के साथ प्रतिरूप युति तथा पुड्डूचेरी के नामांक (6) + मूलांक (1) के साथ मित्र युति बनाता है. इस का भाग्यांक (4) पुड्डूचेरी के मूलांक (1) के साथ मित्र युति व पुड्डूचेरी के भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4) के साथ प्रतिरूप युति बनाता है. द्रमुक की चलित दशा (2) पुड्डूचेरी की चलित दशा (2) के साथ प्रतिरूप युति बनाती है. इस दल का मूलांक (8) + आयु-अंक (8) पुड्डूचेरी के के मूलांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति तथा भाग्यांक (4) के साथ विखंडन-युति बनाता है. ये युतियाँ सत्ता से दूर रखती हैं. इसलिए द्रमुक को सत्ता-सुख से वंचित रहना पड़ सकता है."  
अन्नाद्रमुक
"इस दल का मूलांक (8) पुड्डूचेरी के मूलांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति तथा पुड्डूचेरी के भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4) के साथ विखंडन युति बनाता है. इस का भाग्यांक (1) पुद्दुचेरी के मूलांक (1) के साथ प्रतिरूप युति तथा पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) + भाग्यांक (4) के साथ मित्र युति बनाता है. इस का आयु-अंक (3) पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) के साथ प्रतिरूप युति तथा पुड्डूचेरी के नामांक (6) + मूलांक (1) के साथ मित्र-युति बनाता है. पुड्डूचेरी की चलित दशा (2) इस दल के नामांक (7) के साथ मित्र युति तथा आयु-अंक (3) के साथ विरोधी युति बनाती है. इसलिए अन्नाद्रमुक की स्थिति झटकेदार रह कर भी तुलनात्मक रूप से अच्छी रह सकती है.यह 8 से 10 सीटें जीत सकती है."
के.एम. करुणानिधि
"इन का मूलांक (3) पुड्डूचेरी के नामांक (6) + मूलांक (1) के साथ मित्र युति तथा आयु-अंक (3) के साथ प्रतिरूप युति बनाता है. इन का आयु-अंक (6) पुड्डूचेरी के नामांक (6) के साथ प्रतिरूप युति तथा आयु-अंक (3) के साथ मित्र युति बनाता है. इन का नामांक (9) पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) + नामांक (6) के साथ मित्र युति बनाता है. इन का भाग्यांक (7) पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) के साथ विरोधी युति तथा चलित दशा (2) के साथ मित्र युति बनाता है.इनके भाग्यांक (7) + चलित दशा (7) की पुड्डूचेरी के भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4) के साथ इच्छा-पूर्ति में बाधा उत्पन्न करती है व दिल तोडती है.इसलिए इस बार करुणानिधि एण्ड कम्पनी को सत्ता से दूर रहना पड़ सकता है."
जे. जयललिता
"इन का मूलांक (6) पुड्डूचेरी के नामांक (6) से प्रतिरूप युति तथा आयु-अंक (3) के साथ मित्र युति बनाता है. इन का भाग्यांकं (3) पुड्डूचेरी के आयु-अंक (3) के साथ प्रतिरूप युति तथा पुड्डूचेरी के नामांक (6) + मूलांक (1) के साथ मित्र युति बनाता है. इन का आयु-अंक (1) पुड्डूचेरी के मूलांक (1) से प्रतिरूप युति तथा विधानसभा अंक (4) + भाग्यांक (4) + आयु-अंक (3) के साथ मित्र युति बनाता है. इन की चलित दशा (8) पुड्डूचेरी के नामांक (6) के साथ मित्र युति , मूलांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति और भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4 ) के साथ विखंडन युति बनाती है. इस प्रकार जयललिता सत्ता को लेकर तुलनात्मक रूप से अच्छी स्थिति में हैं."
सोनिया गाँधी
"इन का मूलांक (9) + नामांक (9) पुड्डूचेरी के नामांक (6) + आयु-अंक (3) के साथ मित्र युति बनाता है. इन की चलित दशा (8) पुड्डूचेरी के नामांक (6) के साथ मित्र युति, मूलांक (1) के साथ द्रोहात्मक युति तथा भाग्यांक (4) + विधानसभा अंक (4) के साथ विखंडन युति बनाती है. इन का आयु-अंक (2) पुड्डूचेरी की चलित दशा (2) के साथ प्रतिरूप युति तथा आयु-अंक (3) के साथ विरोधी युति बनाता है. इन के आयु-अंक (2) से विधानसभा अंक (4) की युति इच्छा-पूर्ति में बाधा बताती है. इन का भाग्यांक (5) पुड्डूचेरी की चलित दशा (2) के साथ विरोधी युति बनाता है. इस प्रकार सत्ता को लेकर स्थिति डावांडोल रहेगी. सरकार बनाने के लिए तगड़ा जोड़-तोड़ करना पड़ सकता है."
वी. वैतिलिंगम
"इन के भाग्यांक (3) + चलित दशा (3) तथा आयु-अंक (7) में परस्पर विरोधी युति है. यह बहुत हानिकारक है| ....... अतृप्तिकारक युति बनाता है. यह युति इच्छा-पूर्ति में बाधा उत्पन्न करती है| ...... इन्होने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी- मूलांक (4) व भाग्यांक (5) की युति में. तब आयु-अंक 4 (58 वाँ वर्ष) था. यह युति अतृप्तिपूर्ण डावांडोल स्थिति बताती है.इस बार आयु-अंक (7) के साथ चलित वर्षांक (4) है. यह युति इच्छा-पूर्ति में प्रबल बाधक है. इसलिए वैतिलिंगम इस बार मुख्यमंत्री के रूप में न दिखें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए."
तो मित्रो,आपने देख ही लिया है कि हमारी भविष्यवाणी किस प्रकार सही ठहरी है. हम तो बस यही चाहते हैं कि 'कृपत्रयी' की कृपा और आपका स्नेह सदा मिलता रहे. आज बस इतना है. अगली बार के लिए आज्ञा दीजिए. ......आज के आनंद की जय. ........ जय श्री राम.