गुरुवार, 22 जनवरी 2015

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 : इस बार बाज़ी भाजपा के हाथ



जय श्री राम ........... आदरणीय मित्रो, 'देश के दिल' यानि दिल्ली में सवा साल के भीतर ही दूसरी बार विधानसभा के चुनाव आ गये हैं| सब की आँखें इस ओर लगी हैं कि इस बार क्या रूप रहेगा दिल्ली विधानसभा का? क्या इस बार भी त्रिशंकु रहेगी या किसी एक दल को बहुमत मिलेगा? क्या दिल्ली की जनता के भाग्य में इस बार भी अस्थायी व डावांडोल सरकार लिखी है या स्थायी सरकार मिल पाएगी? तो, आइए जानें कि अंकीय समीकरण इस बारे में क्या कह रहे हैं?
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
01-02-1992
मूलांक:-1     भाग्यांक:-6      आयु-अंक:-6 (24 वाँ वर्ष)     नामांक:-1
मतदान:-07-02-2015  
मतगणना:-10-02-2015      मूलांक:-1     भाग्यांक:-2     दिन-अंक:-9 (मंगलवार)
                 इस सन्दर्भ में 'दिल्ली' का संवैधानिक नाम 'दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र' है| अतः इसके नामांक की गणना NATIONAL CAPITAL TERRITORY OF DELHI के नाम से की गयी है| इसका पूर्ण वृहदंक स्वरूप बनता है-27+21+28+15+18=109=1. दिल्ली का मूलांक 1 व भाग्यांक 6 बना| 24 वें वर्ष के कारण आयु-अंक बना-6| इसे अभी अंक 6 की दशा चल रही है, जो कि वर्ष 2019 तक चलेगी| इसका मूलांक 1+नामांक 1 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| 'सरकार' के दृष्टिकोण से यह एक शुभ युति है| इस का अर्थ यह हुआ कि इस बार 'सरकार' को लेकर दिल्ली को अनुकूलता देखने को मिल सकती है| दिल्ली का मूलांक 1+नामांक 1 चुनावी वर्षांक 8+चुनाव के चलित अंक 8 के साथ पितृद्रोह युति बनाता है| यह युति बताती है कि 'सरकार' का जो पिछला स्वरूप रहा है, वह अब नहीं रहेगा| अब वह खंडित/परिवर्तित हो जाएगा| अब अगर इसे राष्ट्रपति शासन माना जाए तो अब नहीं रहेगा; और अगर इसे केजरीवाल की सरकार का रूप मान लिया जाए तो वह भी इस बार नहीं रहेगा; यानि इस बार कोई नयी 'सरकार' बनने जा रही है| अब यह नयी सरकार 'किसकी' होगी, यह आगे का विश्लेषण बताएगा|
                 
दिल्ली का भाग्यांक 6+दिल्ली का आयु-अंक 6 इसके मूलांक 1+नामांक 1+मतगणना के मूलांक 1+मतगणना के चलित अंक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति सत्ता व उसकी शक्ति का शुक्र-भंग बताती है तथा साथ ही यह भी बताती है कि इस बार सत्ता का केंद्र/कर्ताधर्ता/कर्णधार/मुख्यमंत्री अंक 9 की प्रधानता वाला व्यक्ति होगा| भाजपा के सत्ता में आने की सूरत में तो यह सम्भव दिखता है क्योंकि उनकी तरफ़ से मुख्यमंत्री-पद की घोषित उम्मीदवार किरण बेदी अंक 9 की प्रधानता वाली हैं| इस बात को ऐसे भी कह सकते हैं कि आआपा के केजरीवाल व कांग्रेस के अजय माकन के यहाँ अंक 9 की यह प्रधानता नहीं है| इस तरह यह तो कहा जा सकता है कि भाजपा ने किरण बेदी को आगे कर मुख्यमंत्री व सरकार के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बाज़ी मार ली है| एक बात और| दिल्ली का भाग्यांक 6+आयु-अंक 6 मतगणना के भाग्यांक 2 के साथ मित्र युति बनाता है| अंक 2 स्त्री अंक है| यह अंक गठबंधन का भी है| अतः इस बार दिल्ली में गठबंधन सरकार बन सकती है| अंक 6 व अंक 2 की यह मित्र युति यह भी बताती है कि इस बार प्रथमतः स्त्री और द्वितीयतः स्त्री अंक वाले पुरुष मुख्यमंत्री बनने के मामले में अधिक लाभ की स्थिति में रह सकता है| इसके अनुसार किरण बेदी दोहरे रूप में आगे हैं; एक तो वे स्त्री हैं व दूसरे कि वे भाग्यांक 2 वाली हैं| मूलांक 7 वाले होने के कारण इनके बाद अरविन्द केजरीवाल का नंबर आता है, मगर वे किरण बेदी के मुक़ाबले आधे होने के कारण दोनों की तुलना में मुख्यमंत्री-पद अरविन्द केजरीवाल की अपेक्षा किरण बेदी की तरफ़ जाता दिखायी दे रहा है| अंक 6 की दशा के इस दूसरे वर्ष में दिल्ली में बन रही यह विधानसभा पूरी चल सकती है व भाजपा सरकार कार्यकाल पूरा कर सकती है; किन्तु 'किरण बेदी की सरकार' कार्यकाल पूरा करे, इस में संदेह है| उन पर उम्र के 68 वें, 69 वें व (विशेषकर) 70 वाँ वर्ष भारी पड़ेगा| ये वर्ष इनके मुख्यमंत्री-पद की बलि ले लेंगे तो अचम्भा नहीं होगा| इस विधानसभा के अन्तिम डेढ़-दो साल में मुख्यमंत्री बदल सकता है| किरण बेदी का शरीर भरा-पूरा न होकर सूखा है| इस कारण उनके शरीर में शुक्र विखंडित है, जबकि दिल्ली का भाग्यांक 6 है, दिल्ली का आयु-अंक 6 है तथा दिल्ली की चलित दशा का अंक भी 6 है| दूसरी तरफ़ उन किरण बेदी के 70 वें वर्ष में ही दिल्ली की अंक 6 की दशा समाप्त हो रही होगी| अतः यदि उम्र के 68 वें+69 वें+70 वें वर्ष की इस अवधि के बाद भी किरण बेदी मुख्यमंत्री-पद पर आसीन रहती हैं, तो यह अत्यधिक आश्चर्य का विषय होगा|  
इस गणना में उक्त 10 अंक काम लिये गये हैं:-दिल्ली का मूलांक 1, भाग्यांक 6, आयु-अंक 6, नामांक 1, मतगणना का मूलांक 1, भाग्यांक 2, चलित अंक 8, दिन-अंक 9, चुनावी वर्षांक 8, विधानसभा अंक 6 (छठी विधानसभा)



  क्रमांक
पार्टी/व्यक्ति
   मूलांक
  भाग्यांक
 आयु-अंक
  नामांक
      कुल
     1.
भाजपा
06-04-1980
      6
      3+
      8
      4+
    8(35)
      0
      2
      8+
15/4=3.75+
     2.
अमित शाह
22-10-1964
     4
     4-
      7
      5+
    6 (51)
      3+
      6
      3+
7/4=1.75+
     3.
सतीश उपाध्याय
06-03-1962
     6
     3+
      9
      +
    8 (53)
       0
      8
      0
4/4=+
     4.
कांग्रेस
22-11-1969
     4
     4-
      4
      4-
    1 (46)
      4+
      3
      6+
2/5=.5+
     5.
सोनिया गांधी
09-12-1946
     9
     +
      5
      3+
    7 (70)
       5+
      9
      +
10/4=2.5+
     6.
अरविंदर सिंह लवली
03-01-1965

     3
     6+
      7
      5+
    6 (51)
       3+
      5
      3+
17/4=4.25+
     7.
आआपा
26-11-2012
     8
     0
      6
      3+
    3 (3)
      6+
      6
      3+
12/4=3+
     8.
अरविन्द केजरीवाल
16-08-1968
     7
     5+
      3
      6+
    2 (47)
      8+
      4
      4-
15/4=3.75+
     9.
अकाली दल
14-12-1920
     5
     3+
      2
      8+
    5 (95)
      3+
      9
      +
15/4=3.75+
         10.
प्रकाश सिंह बादल
08-12-1927
     8
     0
      3
      6+
    7 (88)
       5+
      5
      3+
14/4=3.5+
         11.
मंजीत सिंह जी के
18-07-1958
     9
     +
      3
      6+
    3 (57)
       6+
      2
      8+ 
21/4=5.25+


भाजपा+अमित शाह+सतीश उपाध्याय=6.5/3=2.16+
कांग्रेस+सोनिया गांधी+अरविंदर सिंह लवली=7.25/3=2.41+
आआपा+अरविन्द केजरीवाल=6.75/2=3.37+  
अकाली दल+प्रकाश सिंह बादल+मंजीत सिंह जी के=12.5/3=4.16+
कुल=2.16+2.41+3.37+4.16=12.10        कुल सीटें=70
भाजपा+अकाली दल=2.16+4.16=6.32/12.10=52.23#70=36.56=37 सीटें (कम-अधिक 6)
कांग्रेस=2.41/12.10=19.91#70=13.94=14 सीटें (कम-अधिक 3)
आआपा=3.37/12.10=27.85#70=19.5=20 सीटें (कम-अधिक 4)
                  इस तरह इस विश्लेषण से तो यह लग रहा है कि इस बार दिल्ली में भाजपा सरकार बनने जा रही है| इस बार दिल्ली को पार्टीगत रूप से स्थिर सरकार मिल सकती है| हाँ, यह सरकार मुख्यमंत्री के मामले में सम्भवतः स्थिर न हो| अन्तिम रूप तो जैसा प्रभु को स्वीकार हो| ......... आज के आनन्द की जय| ........... जय श्री राम |