बुधवार, 9 जनवरी 2013

अर्जुन मुंडा सरकार का पतन : हमारी भविष्यवाणी सही साबित


जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, अब बात करते हैं हमारी सही साबित भविष्यवाणी की| हमारी कृपात्रयी’ (.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हमारी भविष्यवाणियों के सही होने का क्रम जारी है| कल रांची में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में भारतीय जनता पार्टी की अर्जुन मुंडा सरकार के साझेदार झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने समर्थन  वापस ले लिए| परिणाम-स्वरूप अर्जुन मुंडा सरकार का पतन हो गया| अर्जुन मुंडा ने अपनी सरकार का इस्तीफ़ा राज्यपाल को सौंप कर विधानसभा भंग करने की संस्तुति की है|हमने इसकी भविष्यवाणी कर दी थी| E TV के सभी हिन्दी चैनलों से अपने साप्ताहिक कार्यक्रमअंक प्रभा के दिनांक 29-04-2012 के एपिसोड में सप्ताह के सिकंदर  और अपने ब्लॉगों पर दिनांक 06 मई, 2012 को आज की हस्ती स्तम्भ के अंतर्गत  अर्जुन मुंडा के जन्म-दिन 05-05-1968 के सन्दर्भ में कहा था-सरकार को खतरा हो सकता है| मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ सकता है|" 
               इसी सम्बन्ध में हमने एक और स्थान पर भी भविष्यवाणी की थी|E TV के सभी हिन्दी चैनलों से अपने साप्ताहिक कार्यक्रमअंक प्रभा के दिनांक 11-11-2012 के एपिसोड में सप्ताह के सिकंदर, अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित अपने मासिक अखबार अंक प्रभा के नवम्बर माह के अंक में 'माह के महावीर' स्तम्भ और अपने ब्लॉगों पर दिनांक 28 नवम्बर, 2012 को दैनिक स्तम्भ आज की हस्ती के अंतर्गत झारखण्ड के निर्माण-दिवस 15-11-2000 के सन्दर्भ में कहा था- बड़ी राजनीतिक गतिविधि/फेरबदल संभव है|मुख्यमंत्री बदल सकता है|"                    
                इन दो स्थानों पर ही नहीं, बल्कि यह भविष्यवाणी तो हमने वर्ष 2009 में झारखण्ड विधानसभा के चुनावों के समय कर दी थी| तब हमने अपनी भविष्यवाणी 11 नवम्बर, 2009 को ही तैयार कर ली थी|अपने ब्लॉगों पर 24 नवम्बर, 2009 की पोस्ट में हमने साफ़-साफ़ कहा था-"... इस दशा की तीसरी चौथाई वर्ष 2012 तक चलेगी | यहाँ फिर मुख्यमंत्री बदलने जैसे हालात बन सकते हैं,या फिर मुख्यमंत्री  बदल सकता है | ... अंक 08 की इन अंतिम दो चौथाइयों यानि वर्ष 2011 से वर्ष 2014 के बीच मुख्यमंत्री बदल सकता है तथा फिर से चुनाव की नौबत आ सकती–ख़ासकर “झारखण्ड” की स्थापना के 13 वें वर्ष में | इस वर्ष का अंक बनता है-04 | यह ‘झारखण्ड’ के नामांक 08 के साथ ‘द्रोहात्मक युति’ बनाता है तथा भाग्यांक 01 के साथ ग्रहण-अवस्था उत्पन्न करता है | यह ग्रहण-अवस्था ‘पितृदोषात्मक’ है | अतः तब सरकार के पतन का कारण वे लोग/दल हो सकते हैं कि जिन की वजह से सरकार बनी हो या जो सरकार के ‘पितृपुरुष’ हों|" आप देख लीजिए कि अर्जुन मुंडा सराकर के पतन के समय झारखण्ड की स्थापना (निर्माण) का 13 वाँ वर्ष ही चल रहा है| साथ ही यह सरकार इसके पितृ-पुरुषों (शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन) ने ही गिरायी है| झारखण्ड के निर्माण के इसी 13 वें वर्ष (2013) में ही नए चुनाव भी होंगे|

              इसके अलावा अर्जुन मुंडा के बारे में विस्तृत विश्लेषण करते हुआ कहा था-"इन के जन्म का चलित का अंक है-08 (ओज)| यह इस 'स्पार्किंग' को धारदार बनाता है| इसी कारण मुंडा झारखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में कभी भी अपना पाँचवर्षीय पूरा नहीं कर पाएँगे| ये जब भी मुख्यमंत्री बनेंगे, इन्हें अपना पद बीच में ही छोड़ना पड़ेगा| हर बार उठापटक इन के पद की बलि ले लेगा| ... उम्र के 44 वें वर्ष के शुरू होते ही यानि 05-05-2011 से मुंडा की मुश्किलें शुरू हो जाएँगी, जो कि वर्ष 2013 की समाप्ति तक इन के पद की बलि ले ले तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए|" (25 नवम्बर, 2009 की हमारी ब्लॉग पोस्ट) आप देखिए कि उम्र के 44 वें वर्ष में शुरू ही मुश्किलों ने जब अर्जुन मुंडा के पद की बलि ली है, तब वर्ष 2013 ही है|
                झारखण्ड के बारे में हमारी भविष्यवाणी कोई पहली बार सही साबित नहीं हुई है, बल्कि इससे पहले भी कई बार हमारी भविष्यवाणी सही ठहरी है| इससे पहले झारखण्ड की हालिया विधानसभा के चुनावों के समय हमने कहा था-"अतः इस बार की झारखण्ड विधानसभा ज़बरदस्त उठापटकभरी तथा त्रिशंकु एवं अस्थिर सरकार देने वाली रहेगी|" (25 नवम्बर, 2009 की हमारी ब्लॉग पोस्ट) आप देख लीजिए कि झारखण्ड कि यह विधानसभा अपनी स्थापना से ही त्रिशंकु ही रही|
              फिर इस राज्य को चल रही अंक 8 की दशा के बारे में चर्चा करते हुए हमने कहा था-"इस की दूसरी चौथाई चलेगी वर्ष 2010 तक | इस में मुख्यमंत्री/सरकार को ले कर फिर संकट खड़ा हो सकता है|" (25 नवम्बर, 2009 की हमारी ब्लॉग पोस्ट) याद कीजिए वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को पद-त्याग करना पड़ा था| यही नहीं, बल्कि तब भाजपा और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के अंकों का विश्लेषण करते हुए हमने तो यहाँ तक कहा था-"अंक 02 साझेदारी का भी अंक है | यह विरुद्ध होने के कारण भाजपा को साझेदारी के मोर्चे पर भी झटके झेलने पड़ेंगे | जद(यू) के साथ जैसे-तैसे कर के तालमेल भले ही हो गया है,मगर यह रास्ता इतना आसान भी नहीं है | भाजपा को सत्ता के मामले में हानि उठानी पड़ सकती है | संभवतः इसे जद(यू) के अलावा किसी और को भी सरकार बनाने के लिए साथ लेना पड़ जाए|"(25 नवम्बर, 2009 की हमारी ब्लॉग पोस्ट) हमारी यह बात बिलकुल सही ठहरी थी| भाजपा को अर्जुन मुंडा सरकार बनाने के लिए जद (यू) के अलावा आजसू और निर्दलियों का भी साथ लेना पड़ा| अंक 8 की यह 'उठापटकभरी कृपा' झारखण्ड पर जारी है| इसका नामांक 8 जहाँ स्थायी अवस्था बताता है, वहीं चलित में अंक 8 की दशा इस 'उठापटकभरी कृपा' का परिमाण बढ़ा देती है| अर्जुन मुंडा सरकार से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा द्वारा कल समर्थन-वापसी का मूलांक भी 8 ही था| अब यही अंक 8 बाबू लाल मरांडी को भाजपा के बैनर तले मुख्यमंत्री पद भी दिलवाएगा| मरांडी का भाग्यांक 8 है, जिस के मित्र अंक 6 का यह चुनावी वर्ष रहेगा| मरांडी के दल के बारे में हम कह चुके हैं-"इन की पार्टी दीर्घजीवी नहीं रहेगी तथा देर-सवेर इन्हें अपने ‘पितृदल’  भाजपा में ही आना होगा|"(25 नवम्बर, 2009 की हमारी ब्लॉग पोस्ट)
              चलते-चलते 24 नवम्बर, 2009 की ब्लॉग पोस्ट से अपनी भविष्यवाणी का एक अंश फिर दोहरा देते हैं-"झारखण्ड को स्थायी सरकार पाने के लिए अभी लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है | ऐसा शायद इस की स्थापना के  15 साल बाद संभव हो | झारखण्ड की अंग्रेज़ी वर्तनी ‘JHAARKHAND’ या 'JHARAKHAND कर दिए जाने से इस की राजनीतिक स्थिरतागत स्थिति में सुधार हो सकता है|" 
              हाँ, हमारे दोनों ब्लॉगों का पता यहाँ हैडर पर है ही, फिर भी दे देते हैं---(1)http://ankjyotish369.blogspot.com (2) http://ankjyotish.wordpress.com
           मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| …………. जय श्री राम|