मंगलवार, 15 जनवरी 2013

कौन बनेगा प्रधानमन्त्री? भाग-5

जय श्री राम ............| आदरणीय मित्रो, राज्यसभा में भाजपा नेता अरुण जेटली को भी प्रधानमंत्री पद की दौड़ और होड़ में माना जा रहा है| देखते हैं कि इनके अंक कहाँ ठहराते हैं इन्हें?   
 अरुण जेतली : दूर ही रहेगा प्रधानमन्त्री-पद
जन्म-दिनांक:-28-12-1952
मूलांक:-1              भाग्यांक:-3             आयु अंक:-7 (61 वाँ वर्ष)               नामांक:-3                जन्म काचलित अंक:-8 (+)                 चलित दशा:-अंक 8 (वर्ष 2014 तक)
इनकी सूर्य राशि मकर है| इनके नामांक 3 और भाग्यांक 3 में प्रतिरूप युति बन रही है| यह अंक 3 इनके मूलांक 1 का मित्र है| अंक 3 लोकसभा के लिए संभावित चुनावी वर्ष 2013 के अंक 6 का मित्र है| यह इनके लिए अच्छी बात है,किन्तु यही अंक इनके आयु अंक 7 का प्रबल विरोधी है| अगर लोकसभा चुनाव 27-12-2013 के बाद होते हैं तो जेटली के लिए प्रतिकूलता बढ़ जाएगी क्योंकि तब इनका आयु अंक 8 (62 वर्ष) हो जाएगा, जो कि इनके मूलांक 1 के साथ पितृ द्रोह युति, भाग्यांक-नामांक 3 के साथ विपरीत निर्णय युति और जन्म के चलित अंक 8 चलित दशा के अंक 8 के साथ घर्षण युति बनाता है| ये सारी बातें जेटली के ख़िलाफ़ जाती हैं| इनके जन्म के मूलांक का वृहदंक 28 में स्त्री अंक 2 अंक 8 के साथ बैठ कर नेतृत्वकारी पुरुष अंक 1 बनाता है| यह युति नेतृत्वकर्ता बनने में परिवार/साथ के लोगों की तरफ़ से बाधा बताता है| साथ ही यह इसी सन्दर्भ में स्त्री बाधा भी बताता है| जो व्यक्ति इन अंकों का स्वामी है, वह पुरुष भी जेटली के प्रधानमंत्री पद पाने कीइच्छा-पूर्ति में तगड़ी बाधा बन सकता है| अभी के दृश्य में ऐसे दो व्यक्ति श्री मोहन भागवत और श्री लालकृष्णअडवाणी हैं| इन दोनों के मूलांक-भाग्यांक मिल कर एक श्रृंखला पूर्ण करते हैं (श्री भगवत का मूलांक 2 व भाग्यांक 8 है, जबकि श्री अडवाणी का मूलांक 8 व भाग्यांक 2 है)| इस कारण भाजपा के भाग्य के लिए आगामी कई महत्त्वपूर्ण फ़ैसलों में इन दोनों की निर्णायक भूमिका रह सकती है| कहा जाता है कि श्री अडवाणी तो जेटली के GODFATHER हैं| ऐसे में आपको हमारी यह बात अचंभित कर सकती है| हमारी यह भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होने के लिए तब कोई भी कारण बन सकता है| बहुत सम्भव है कि ये दो व्यक्तिजेटली को प्रधानमंत्री बनने दें| इनमें भी ख़ासकर श्री मोहन भागवत, क्योंकि इनका जन्म का मासांक 9 है, जो कि जेटली के जन्म के चलित अंक 8, चलित दशा के अंक 8 जन्म के मासांक 3 पर बहुत भारी पड़ता है| तब बहुत सम्भव है कि श्री मोहन भागवत के दबाव में श्री अडवाणी भी जेटली के विरुद्ध अपनीसहमति प्रदान कर दें अथवा श्री अडवाणी तब इस विरोध/सहमति की अवस्था में ही रहें| इन्हीं अंकीययुतियों के कारण ही अरुण जेटली प्रधानमंत्री नहीं बन सकेंगे| प्रधानमंत्री तो क्या, ये तो भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष भी बन जाएँ तो बहुत बड़ा चमत्कार माना जाना चाहिए| इनके तो इस उपलब्धि पाने (राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने) के भी टोटे हैं| जेटली को तो उम्र के 62 वें वर्ष में अंक 8 के प्रभाव में वर्ष 2014 में अपना वर्तमानपद (राज्यसभा में भाजपा के नेता का पद) तक गँवाना पड़ सकता है क्योंकि तब एक तो इनका आयु अंक 8 होगा; साथ ही दूसरी यह कि इनकी अंक 8 की दशा की अंतिम चौथाई का अंतिम वर्ष होगा| ये दोनों ही इनके मूलांक 1 के नेतृत्वकारी पक्ष को धूमिल कर देंगी|
                  अब एक चर्चा यह भी कर लेते हैं कि अगर अरुण जेटली से राज्यसभा में भाजपा के नेता का पद छिनता है तो फिर किसे मिल सकता है? यह चर्चा और किसी के हित में रहे रहे, मगर भाजपा के लिए तो बहुत हित की रहेगी| ऊपर की चर्चा में हमने जेटली की जिस पितृ द्रोह युति की बात की है, वही यह बताती हैकि जेटली से छिन कर यह पद उन्हें मिल सकता है, जिनके जेटली पितृ पुरुष थे यानि राज्यसभा में इनकेनायब मतलब कि भाजपा के उपनेता रहे श्री एस.एस.अहलूवालिया| एक बात और जेटली के मूलांक के वृहदंक 28 में जिन यहाँ स्त्री अंकों की ख़राब अवस्था की चर्चा की है, वे ही अंक श्री अहलूवालिया के यहाँ प्रबल हैं|
               मिलते हैं इस शृंखला के अगले भाग के साथ| ............ जय श्री राम|