शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

बरसात की स्थिति:::अर्चना तिवारी जी के प्रश्न का उत्तर

जय श्री राम ............ | आदरणीय मित्रो,जैसा कि अभी कुछ देर पहले हम ने अपनी पिछली पोस्ट में कहा था कि थोड़े अंतराल के बाद एक बहुत ही ख़ास बात करने लौटेंगे | तो लीजिए हम हाज़िर हैं | हमारी एक मित्र व शुभचिंतक अर्चना तिवारी जी ने शनिवार 26-06-2010 को प्रश्नवाचक स्वर में एक बात रखी है---"ये बताएँ कि बारिश कब होगी ? " | अर्चना जी ऐसा अच्छा प्रश्न रखने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद | लिखने और दिखने में यह महज एक छोटा-सा वाक्य है,किन्तु हमारे लिए बहुत ख़ास बात है | वैसे तो हमारे सभी पाठकों की बातें हमारे लिए सदा ही ख़ास होती हैं,किन्तु इस बात का महत्त्व इस किए भी बढ़ जाता है कि यह सम-सामयिक सन्दर्भ से सम्बन्धित है | हम तो ऐसे प्रश्नों का सदा ही स्वागत करते हैं | जिज्ञासा,शंका,समीक्षा अथवा स्वस्थ आलोचना का हम सम्मान करते हैं | आप सभी को पुनश्च आमंत्रण है कि आप अपने ऐसे प्रश्न यहाँ रख सकते हैं | हम ज्योतिष के क्षेत्र के 'तीसमार खाँ' नहीं हैं,किन्तु अपनी क्षमताओं के दायरे में आप के सवालों के जवाब देने की पूरी ईमानदार कोशिश करेंगे | हाँ,इतना ध्यान अवश्य रखिए कि प्रश्नं के पीछे आप की मंशा सृजनात्मक हो,ध्वंसात्मक नहीं | 
             तो आइए,अब शुरू करते हैं सिलसिला अर्चना जी की बात के जवाब का | मित्रो,वैसे तो हमारा भारतवर्ष भौगोलिक दृष्टि से इतना विविधतासंपन्न राष्ट्र है कि किसी एक नज़र से पूरे देश के लिए बरसात का कह पाना बहुत ही कठिन है | जिस दिन पूर्वोत्तर के किसी अंचल में बाढ़ आयी हुई हो,उसी दिन सुदूर पश्चिम में लोगों का हलक़ गर्मी के मारे सूख रहा हो,ऐसा भी हो सकता है | मगर एक समग्र ज्योतिषीय आकलन की बात करें तो देश में बरसात की स्थिति को ले कर भविष्यवाणी भी की जा सकती है | 
विश्लेषण एवं निष्कर्ष 
             मित्रो,बरसात के अंक हैं 2 व 7 | इन की जितनी समृद्ध अवस्था रहती है,बरसात उतनी ही सशक्तावास्था में होती है | चलित में ये अंक आरम्भ होते हैं 21 जून से,जो कि 20 जुलाई तक चलते हैं | 21 से 27 जून तक ये अंक संक्रमण के दौर से गुज़र रहे होते हैं | 28 जून से ये अंक अपने पूरे आवेग में आते हैं | अतः बरसात का स्वाभाविक समय 20 जून से शुरू होता है,जो कि 28 जून से परवान चढ़ता है | अब रही बात इस बार बरसात की | अभी चलित वर्षांक है-3 | यह बना है 2010 से | यह स्त्री अंक तथा पुरुष अंक की मध्यावस्था है,जो कि महाशून्य से आच्छादित है | जून मास का अंक 6 चलित वर्षांक 3 का मित्र अंक है | यह (अंक 6 ) भारत के स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस,दोनों ही में भ्रष्ट है | अतः (पूर्व में चाहे जो कुछ होता रहा हो,मगर इस बार ) जून माह में बरसात रूठी रही | अब स्त्री अंकों की प्रधानता बनती है जुलाई मास के आरम्भ होने से,क्यों कि इस मास का अंक है-7 | हम पहले ही निवेदन कर चुके हैं कि यह बरसात का अंक है | मगर अभी इतना-सा पढ़ कर ज़्यादा उतावले मत होइए,क्यों कि ऐसा नहीं है जुलाई शुरू होते ही ज़बरदस्त बरसात होने लगे | जुलाई से तो स्त्री अंकों की बहुलता आरम्भ होती है | इन अंकों की तीव्रता जैसे-जैसे बढ़ती जाएगी,वैसे-वैसे बरसात की अवस्था बढ़ती जाएगी | अंक 2 व 7 का प्रथम वृहदंक बनता है-11 व 16 | अब इन्हें बरसात के आरंभिक समय 21 जून में जोड़ा जाए तो यह समयावधि बनती है---1 जुलाई से 6 जुलाई | यह बरसात की बिलकुल आरंभिक समयावधि ठहरती है | यानि यह तो तय रहा कि 1 जुलाई से पहले तो बरसात आने से रही | अब संक्रमण काल के बाद के समय में अंक 2 व 7 के इन प्रथम वुहदंकों को जोड़ें तो समयावधि ठहरती है---8 जुलाई से 13 जुलाई | अभी-अभी कुछ देर पहले ही हम ने यह कहा है कि भारतवर्ष की आज़ादी और लोकतांत्रिक अवस्था में अंक 6 भ्रष्ट है | अतः यह संभव है कि बरसात 6 जुलाई तक भी रूठी रहे | हाँ,स्त्री अंक 7 की तिगुनी प्रधानता के कारण 7 जुलाई से बरसात संभव है | वह दिन बुधवार है,जिस का अंक 5 है | यह प्रसरण का अंक है,इस कारण तब देश के कई भागों में एक साथ बरसात संभव है | हम ने अभी कुछ देर पहले वर्ष 2010 के सन्दर्भ में यह कहा है कि यह स्त्री अंक तथा पुरुष अंक की मध्यावस्था है,जो कि महाशून्य से आच्छादित है | आप इस का तात्पर्य जानना नहीं चाहेंगे ? इस का तात्पर्य यह है कि इस बार देश में बरसात की अवस्था असंग्रहनीय रहेगी | यानि कुछ जगहों पर तो पानी की माया समेटे से नहीं समेटी जाएगी (बाढ़),तो कुछ जगहों पर पानी आधा प्यासा रख देगा | हमारी इस बात को आप सामान्य ज्ञान द्वारा कही गयी,तथाकथित 'कोमन सेन्स' की बात कह कर मत टालिएगा | अभी भारतवर्ष की आज़ादी का वर्ष चल रहा है-63 वाँ | इस का अंक बनता है-9 | यह देश के नाम ('भारत' व 'इंडिया') के अंकों के अनुकूल है,इस कारण 15 अगस्त तक बरसात की स्थिति ठीक रह सकती है,इस में भी विशेषकर 31 जुलाई तक,क्यों कि इस के बाद मासांक 8 शुरू हो जाएगा,जो कि चलित कि अवस्था (बरसात की निरंतरता व घनत्व ) में बाधा डाल सकता है | 15 अगस्त के बाद की अवस्था के बारे में तो 30 दिसम्बर,2009 की पोस्ट 'वर्ष 2010: कैसा रहेगा भारत का भविष्य' में हम ने स्पष्ट रूप से कहा है---" ............ चूँकि 15 अगस्त के बाद अंक 1 (स्वाधीनता का 64 वाँ वर्ष ) आरम्भ होता है,इस लिए तब शासन को वर्षा की कमी  को ले कर बहुत परेशान होना पड़ सकता है | .......... " | इसी पोस्ट में हम ने कहा है---" ........... इस वर्ष देश में मानसून की स्थिति कमज़ोर रह सकती है | ........... |
            तो मित्रो,हमें उम्मीद है कि अर्चना जी के साथ-साथ आप सभी ने भी देश में बरसात की आगामी स्थिति को ले कर हमारे इस विश्लेषण को ध्यान से पढ़ा होगा | समय के सरकने के साथ इस का मिलान करते रहिएगा |               अंकज्योतिष के विद्यार्थी होने के नाते यह हमारा एक तुच्छ-सा प्रयास है | आप की प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी | आज बस इतना ही | अब आज्ञा दीजिए | ......... आज के आनंद की जय | ........... जय श्री राम |