मंगलवार, 20 जुलाई 2010

भोपाल ज्योतिष सम्मेलन---17 और 18 जुलाई,2010 (भाग-1)

जय श्री राम ............. | आदरणीय मित्रो,भोपाल ज्योतिष सम्मेलन के बाद एक बार फिर आप की सेवा में उपस्थित हैं | यह सम्मेलन अरेरा कालोनी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित हुआ | पहले दिन यानी 17 जुलाई को तो फिर भी कुछ हल्का रहा,मगर दूसरे दिन यानी 18 जुलाई को अपार भीड़ थी लोगों की | संभालना मुश्किल हो गया था | यह बात हुई लोगों की | ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी सम्मेलन ठीक ही रहा | सम्मेलन के पहले दिन तीसरे सत्र में हमारा व्याख्यान हुआ | विषय था---"अंक ज्योतिष की गहराई " | हमारा व्याख्यान कभी लिखित नहीं होता है | अतः यह भी नहीं था | अतः शब्दशः तो याद नहीं है,मगर इस व्याख्यान का सार हम आप की सेवा में यहाँ रख देते हैं | 
       अभी भी अंक ज्योतिष के बारे में अच्छी तरह आम आदमी तो क्या,बहुत से ज्योतिषी तक नहीं जानते | जहाँ कहीं भी अंक आ जाए,वहाँ अंक ज्योतिष आ जाती है,यह एक तगड़ी भ्रामक धारण है | अभी भी अंक ज्योतिष को ज्योतिष की एक छोटी-सी शाखा मात्र समझ लिया जाता है | सच्चाई यह है कि यह अपने आप में एक पूर्ण सशक्त विधा है | इस में उन सभी प्रश्नों का जवाब मिलता है कि जो ज्योतिष की अन्य विधाओं से पूछे जाते हैं | अक्सर यह सुनने को मिलता है कि वाहन के नंबर के अंत में शून्य (0 ) नहीं होना चाहिए, वाहन के नंबर घटते हुए नहीं होने चाहिए आदि | पूछें ---क्यों,तो जवाब मिलता है कि किसी ने कहा है | वास्तव में ऐसी कोई बात नहीं है | यह बात सही है कि वाहन के नंबर व्यक्ति पर लागू होते हैं | हम तो वाहन के ही नंबर से व्यक्ति  के बारे में  बता देते हैं | इसी प्रकार व्यक्ति जिस मकान में रहता है,उस के नंबर उस पर लागू होते हैं ;भले ही वह मकान अपना हो अथवा किराए का | यदि घर में सभी सदस्य अलग-अलग नंबर के हों तो व्यक्ति को चाहिए कि वह मूलांक या भाग्यांक की अपेक्षा जन्म के चलित के अनुरूप नंबर का मकान रखे | यदि व्यक्ति को अपनी जन्म-दिनांक पता नहीं हो तो अपनी बॉडी लैंग्वेज के अनुसार मकान-नंबर रखे | इसी प्रकार  मोबाइल फ़ोन का नंबर ही लीजिए | इस का आप ने शायद कभी इतना गौर नहीं किया होगा कि मोबाइल फ़ोन नंबर कितना कुछ बता देते हैं | (आज से चार साल पहले जब हम एस.एस.जैन सुबोध पी.जी.महाविद्यालय,जयपुर में व्याख्याता (हिंदी) के रूप में कार्यरत थे,तब अपने एक साथी व्याख्याता को उन के फ़ोन नंबर के आधार पर ही यह बताया था कि उन के 13 साल बाद ही क्यों हुई और वह भी बेटा ? साथ ही हम ने यह भी बता दिया कि बच्चा दिखता कैसा है व उस का भविष्य क्या है ?) मर्म की बात यह है कि फ़ोन नंबर का महायोग (grand total ) व्यक्ति के भाग्यांक अथवा मूलांक के अनुरूप होना चाहिए | यह तो हुई फ़ोन नंबर के आधार पर दुनिया-जहान से जुडी साधारण बातें | अब करते हैं बहुत बड़ी बात | फ़ोन नंबर में अंक 8 जितना ज़्यादा हो,उतना ही ज़्यादा उठापटक भरा जीवन होता है | यदि चार या चार से ज़्यादा शून्य (0 ) हो तो यह कर्म की रिक्तता बताता है | चार या चार से ज़्यादा अंक 9 हो तो यह व्यक्ति की आध्यात्मिक अवस्था की गहराई बताता है | यदि नंबर में चार या ज़्यादा शून्य (0 ) व इतने ही अंक 9 हो तो उस व्यक्ति का इसी जन्म में मोक्ष सुनिश्चित है | यहाँ अंक 4 व अंक 9 का जमावड़ा यदि चार या चार से ज़्यादा बार (प्रत्येक का ) होने पर व्यक्ति के प्रारब्ध (पूर्व जन्म ) और इस जन्म के अंतर्संबंध की गहराई पता चलती है | इस प्रकार अंक ज्योतिष रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से ले कर विशिष्ट अवस्थाओं के अध्ययन-विश्लेषण में सक्षम है |        
             मित्रो,यह तो था हमारे व्याख्यान का सार | वहाँ हम ने मीडिया को दिये साक्षात्कारों में कुछ भविष्यवाणियाँ भी कीं,उन का जिक्र अगली बार यानि भाग-2 में करेंगे | हमें आज फिर सफ़र पर निकलना है | अपने मूल घर बीकानेर जाएँगे | 24 को लौटेंगे | इस बीच यदि समय मिला और नेट की शरण में जाना हुआ तो शुक्रवार को रिलीज होने वाली फ़िल्मों की बात कर लेंगे,वरना इस बार वह बात नहीं हो पाएगी | तो आज बस इतना ही | अब आज्ञा दीजिए | ........ आज के आनंद की जय | ........... जय श्री राम |