शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

MY NAME IS KHAN की रिलीज़

जय श्री राम ............ | आज रिलीज़ हो रही है-MY NAME IS KHAN . रिलीज़ से पहले ही इस फ़िल्म को ले कर कई विवाद खड़े हो चुके हैं | अब इस के साथ और क्या होना है ? तो सब से पहले बात करते हैं आज के अंकीय समीकरणों की | आज का मूलांक 3 और भाग्यांक 8 है | इन की पारस्परिक युति ग़लत निर्णय,उलझना और विवादों को जन्म देती है | चलित अंक 8 (सौम्य) है | चलित मासांक 2 और वर्षांक 3 है | अब बात करते हैं फ़िल्म के अंकों की | फ़िल्म का नामांक है-1 | इस का वृहदंक  है-37 | यह बना है 5-15-4-13 से | इस का मूलांक समीकरण है 5-6-4-4 | यहाँ अंक 5 और 6 अंक 4 के प्रबल प्रभाव में हैं | अंक 4 पितृदोष का है | अतः इस समीकरण में पितृदोष की प्रधानता हो गयी है | अंक 4 की यह प्रधानता आज के मूलांक के साथ पितृदोष को बलिष्ठ बना रही है | आज के भाग्यांक 8 के साथ यह स्पार्किंग पैदा कर रही है | इन के साथ युति में यहाँ अंक 5 डावांडोल स्थिति और अंक 6 सुख-बाधाकारी (तन-मन-धन का ) बन गया है | फ़िल्म का नामंक 1 आज के मूलांक का मित्र है,किन्तु आज के भाग्यांक के साथ 'द्रोहात्मक युति' बना रहा है | चलित का अंक इस योग में वृद्धि कर रहा है | निर्देशक करण जौहर का नामांक है-9 | इस का वृहदंक है-27 | यह बना है 11-16 से | ये दोनों स्त्री अंक हैं | करण का जन्म 25-05-1972 को हुआ है | इन का मूलांक 7,मासांक 5,वर्षांक 1,भाग्यांक 4 और संयुक्तांक  भी 4 है | इन के जन्म का चलित अंक 5 (धनात्मक ) है | ये तो जन्म से ही पितृदोष के प्रभाव में हैं | चूँकि ये पैतृक कार्य ही कर रहे हैं,इस किए इस पितृदोष का प्रभाव बढ़ जाता है | इन के नाम और जन्म के अंकों में स्त्री अंकों की प्रधानता है,जिस का प्रभाव इन के व्यक्तित्व में साफ़-साफ़ दिखाई भी देता है | करण को अभी उम्र का 38 वाँ वर्ष चल रहा है,जिस का अंक बनता है-1 | इस के सारे समीकरण वे ही हैं,जो कि फ़िल्म के हैं | अब कर ली जाए फ़िल्म के केंद्र-बिंदु और नायक शाहरुख़ खान की बात | इन का नामंक है-6 | इस का वृहदंक है-4 | यह अंक 6 यानि शुक्र को विखंडित और अंक 2 ( 7 को भी ) यानि स्त्री अंक को ग्रहण-ग्रस्त कर रहा है | यह प्रभाव इन के साथ-साथ इन की पत्नी गौरी पर भी देखा जा सकता है | शाहरुख का जन्म 02-11-1965 को हुआ | इन का जन्म का मूलांक 2,मासांक भी 2,वर्षांक 3,भाग्यांक 7 और संयुक्तांक 4 है | इन के जन्म का चलित है-अंक 9 ( ऋणात्मक) | इस तरह शाहरुख भी स्त्री अंकों की प्रधानता वाले हैं और पितृदोष-ग्रस्त भी | इन के यहाँ  पुरुष पितृदोष के साथ-साथ स्त्री पितृदोष भी तगड़ी अवस्था में है |  इन के भाग्यांक की आज के मूलांक से युति विरोध -भाव तथा आज के भाग्यांक के साथ इस की युति भावनाओं पर प्रहार व इच्छाओं के साथ समझौता बताती है | चलित का अंक इस के परिमाण में वृद्धि कर रहा है | शाहरुख़  को अभी उम्र का 45 वाँ वर्ष चल रहा है,जिस का अंक बनता है-9 | यह आज के मूलांक के सर्वथा अनुकूल है तो आज के भाग्यांक के सर्वथा प्रतिकूल | यहाँ फिर वही खींचातानी वाली स्थिति आ जाती है | चूँकि यह फ़िल्म करण और शाहरुख़ ने मिल कर बनायी है,इस लिए ये अंकीय समीकरण अधिक सुदृढ़ स्थिति में हैं | अब बात करते हैं बैनर 'DHARMA PRODUCTIONS PRIVATE  LIMITED' की | इस का अंक बनता है-5 | यह अंक संगति के अनुसार परिणाम देता है | यह फ़िल्म इस बैनर का 17 वाँ निर्माण है | इस का अंक भी बनता है-8,जो कि इस फ़िल्म और इस से जुड़े प्रमुख लोगों के लिए शुभ नहीं है | करण इस फ़िल्म को अपना 'ड्रीम प्रोजेक्ट' बता रहे हैं | सुना है कि करण अपनी फ़िल्मों के मामले में अंकों का बहुत ध्यान रखते हैं तथा अंक 8 से बचते हैं | ताज्जुब की बात है कि फिर उन्होंने अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' को अंक 8 के प्रभाव में कैसे रिलीज़ कर दिया ? ये चूक कैसे कर दी ? अब एक और रोचक बात | इस फ़िल्म की रिलीज़ के विरोध में आयी है शिवसेना | शिवसेना को अभी चल रहा है स्थापना का 44 वाँ वर्ष | यानि कि यह अंक 8 के प्रभाव में चल रही है और वह भी पितृ अंकों के दोहरे स्वरूप में | यह वही अंक 8 है कि जिस के लिए हम बार-बार कह रहे हैं कि यह करण और उन की इस फ़िल्म के लिए शुभ नहीं है | यदि यह फ़िल्म 12 मार्च,2010 को रिलीज़ होती तो इस के रंग और ही कुछ होते | इस प्रकार उक्त विश्लेषण इस फ़िल्म के खाते में विवाद और तगड़ी सफलता में बाधा इंगित करता है | करण के लिए उन का यह 'ड्रीम प्रोजेक्ट' कल्पनातीत सुखद नहीं रहने वाला है | चूँकि वे व्यापारिक कलाबाज़ियाँ ख़ूब जानते हैं,इस लिए उन के दम पर यह फ़िल्म उन के लिए भले ही 'सौदे में घाटा'' न रहे,मगर 'स्वाद में घाटा' रह सकती है | तात्पर्य यह है कि यह फ़िल्म अच्छी कमाऊ तो हो सकती है,मगर 'बड़ी' या 'महान' नहीं | यहाँ एक बात ख़ास गौर करने लायक है | आज के मूलांक-भाग्यांक के साथ उक्त अंकीय युतियाँ यह भी बताती हैं कि  देश से बाहर और ऐसी जगहों पर,जहाँ कि पारंपरिक रूप से हिंदी फ़िल्में बहुत कम या नहीं ही दिखाई जाती हैं, वहाँ इस फ़िल्म को बहुत अच्छी सफलता मिल सकती है | .........आज बस इतना ही | अब आज के आनंद की जय | ........... जय श्री राम |