मंगलवार, 22 दिसंबर 2009

जालंधर ज्योतिष सम्मेलन:वर्ष 2012 में महाप्रलय नहीं होगा






जय श्री राम | ............ 19 एवं 20  दिसम्बर,2009 को जालंधर में ज्योतिष सम्मेलन में शिरकत की | यह सम्मेलन भारत के सब से बड़े सम्मेलनों में से एक है | पहले दिन यानि 19 को हमारा व्याख्यान था | विषय था-क्या वर्ष 2012 में महाप्रलय होगा ? आइए,आप के साथ भी बाँटते हैं वे तमाम बातें,जो वहाँ की थीं |                                                                                     वर्ष 2012 का अंक बनता है-05 | अंक 01 सूर्य का है | यह गाडफादर,आवेश,तेज,नेतृत्व और पुरुष का है | अंक 02 चन्द्रमा का है | यह भावना,परिवार, स्त्री,धर्म,संबंधों और पानी का है | वर्ष 2012 में पहले स्थान पर अंक 02 है | उस के बाद महा शून्य है,जो कि महा ब्रह्मांड का प्रतीक है | फिर अंक 1 है और सब के अंत में अंक 2 का दोहराव है | वर्ष 2012 चन्द्र की प्रधानता का वर्ष है,जिस का स्वामी है-अंक 5 यानि बुध | इस कारण चन्द्र-
बुध की पिता-पुत्र युति के कारण शीत युद्धों की प्रधानता रहा सकती है | यहाँ भी ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है-21 -12 -2012 पर | यहाँ मूलांक है 3 ,मासांक भी है 3 और चलित भी है ३ | 21 -12 -2012 को शुक्रवार है,किन्तु गुरुवार से आच्छादित है क्यों कि 20 तारीख़ को गुरुवार है | यहाँ अंक 6 (शुक्रवार) अँधेरे में डूबे अंक 3 (गुरुवार) से ग्रसित है | इस लिए अंक 3 से सम्बंधित क्षेत्रों में कुछ दुविधा रह सकती है | किन्तु अंक 3 सृजन का अंक  है,ध्वंस का नहीं | इस लिए तब महा प्रलय तो नहीं होगा,मगर इतना हो सकता है कि नवीन सृजन का मार्ग,किसी पुराने को हटाने कि प्राथमिकता से हो |     
               अब बात आती है कि जब महा प्रलय नहीं होगा तो फिर क्या होगा ? क्या कुछ ख़ास होगा या फिर ऐसे ही चलता रहेगा ? अंक 2 तथा 5 बर्फ़ के अंक हैं | अंक 1 ओज तथा ताप का है | इस लिए तब ध्रुवों का विगलन बढ़ेगा तथा इस से सम्बंधित गतिविधियाँ बढ़ेंगी | चूँकि अंक  2 रिश्तों का भी है,इस लिए वैश्विक स्तर पर  कुछ पुराने रिश्तों पर जमी बर्फ़ भी पिघलेगी | जिन लोगों के स्त्री अंक ( 2 व 7 ) दुर्बल या निर्बल हैं, उन्हें ज़्यादा हानि की आशंका है | जिन देशों या उन के मुखिया के ये अंक दुर्बल या निर्बल हैं,या जिन देशों की मुखिया महिला है,उन में भारी उथल-पुथल युद्ध या युद्ध जैसी हालात बन सकते हैं | ग्लोब पर अंक 2 मध्य एशिया से भारत की तरफ़ का है,इस लिए इस क्षेत्र में भारी तनाव,उठा-पटक और उथल-पुथल रह सकती है | वर्ष 2012 शताब्दी का 13 वाँ वर्ष है | अंक 1 के बारे में हम पहले ही बात कर चुके हैं | अंक 3 पुत्र,मित्रता,न्याय तथा निर्णय का अंक है | इन का मूलांक  बनता है-4 ,जो कि राहू का है | यह पितृदोष पैदा करता है | अंक 4 अंक 1 के साथ ग्रहण योग बना कर पितृदोष की अवस्था को प्रबल बनाता है | अंक 4 अंक 3 के साथ ग़लत निर्णय,मित्रता-भंग,पुत्र/पुत्र समान के साथ कटुता/शत्रुता बताता है | अंक 4 की अंक 2 से युति आकांक्षापूर्ति में बाधा,मन मारना,तथा परास्त भाव सूचित करती है | इस लिए अब तक विश्व का नेतृत्व कर रहे या पञ्च बने देशों/व्यक्तियों को वे जहाँ भी युद्धरत हैं,वहाँ तगड़ी असफलता मिल सकती है | उन्हें मन मार कर अपने पाँव पीछे करने पड़ सकते हैं | ऐसे राष्ट्र,जो कि किसी से टूट कर बने हैं,उन का अपने पैतृक राष्ट्रों के साथ तनाव बढ़ेगा |  
             अंक 2 चन्द्रमा का है | इस की प्रबलता धार्मिक कट्टरता बढ़ाती है | इस के साथ अंक 4 की युति धार्मिक कट्टरता के अन्धानुकरण को बताती है |  इस लिए चन्द्र पर आधारित धर्म से सम्बंधित आतंकवाद यानि इस्लामी आतंकवाद बढ़ेगा | इस्लामी आतंकवादी अंक 1 की प्रधानता वाले देशों/व्यक्तियों पर हमले तेज़ करेंगे | अंक 1 मध्य एशिया से अमेरिका की ओर का है |  इस लिए उस क्षेत्र के देशों/लोगों पर आतंकी हमले बढ़ेंगे | अंक 2 मानव सभ्यताओं का भी है | अंक 1 -3 -4 का त्रिकोण अंक 2 के साथ युति कर पुरातन मानव सभ्यताओं के प्रतिनिधि व्यक्तियों/देशों पर हमलों या उन के विरुद्ध गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है | इस लिए हिन्दू और यहूदी सभ्यताओं को नुकसान पहुँचाने की बड़ी कोशिशें हो सकती हैं | वर्ष 2012 भारत की आज़ादी का 65 वाँ वर्ष है | इस का अंक बनता है-2 | भारत के स्त्री अंक ( 2 व 7 ) ख़राब हैं | इस लिए वर्ष 2012 तथा इस की मूलांक-वृद्धि की अवधि यानि  वर्ष 2017 तक  भारत पर कोई बहुत बड़ा आतंकी हमल या युद्ध संभव है | मध्य एशिया से भारत की ओर की नेतृत्वकारी महिलाओं पर हमले या उन की हत्या संभव है |