बुधवार, 16 दिसंबर 2009

भोपाल ज्योतिष सम्मलेन-12 एवं 13 दिसंबर,2009




जय श्री राम | ........... आप से एक हफ़्ते की दूरी आ गयी | कारण यह रहा कि एक ज्योतिष सम्मलेन के सिलसिले में भोपाल जाना पड़ा | सम्मेलन 12 एवं 13 दिसंबर को था | I.N.T.T.R.में आयोजित इस सम्मेलन में अच्छी-ख़ासी तादाद में ज्योतिषी एकत्र हुए | पहले दिन हमें अपनी बात रखने का अवसर मिला | हमारा विषय रहा-"अंकज्योतिष में नाम-परिवर्तन" | हमारा कहना था कि ज्योतिषी तीन तरह से परामर्श देता है | पहला-व्यक्तिवाचक,दूसरा-समूहवाचक और तीसरा-संस्थावाचक |  व्यक्तिवाचक परामर्श में सफलता का प्रतिशत लगभग हर एक ज्योतिषी का बहुत अच्छा रहता है | कारण सीधा-सा है कि यहाँ सामने एक व्यक्ति ही होता है,जिसे ले कर गणना करना बहुत सरल मार्ग पर चलना होता है | शेष दोनों में मामला  कठिन होता है | अगर हमारे सामने किसी प्रतिष्ठान से जुड़ी बात  आती है तो क्या करेंगे ? वहाँ किस के अंकों पर काम करेंगे-मालिक के,मैनेजर के या फिर प्रतिष्ठान के ? ऐसे मामले में प्रतिष्ठान का विश्लेषण करते हुए सब से पहले तो उस के शुभारम्भ की तिथि के साथ उस का मेल देखना चाहिए | उस के बाद इस के साथ  प्रतिष्ठान के मालिक के अंकों और उस की बाडी लैंग्वेज का मेल करना होता है | कभी-कभी यह देखा जाता है कि मालिक के अंक तो प्रतिष्ठान के साथ मेल करते हैं,किन्तु उस की बाडी लैंग्वेज मेल नहीं करती है | ऐसे में प्रतिष्ठान के नाम के साथ छेड़छाड़ की बजाय मालिक को उपचार बताये जाने चाहिए | प्रमुखता इसी बात की रहनी चाहिए | इस के बाद (अगर कोई हो तो) मैनेजर आदि की गणना भी काम में लेनी चाहिए | ...हम अपने उस व्याख्यान की यहाँ इतनी संक्षिप्त चर्चा ही करेंगे क्यों कि पूरी चर्चा यहाँ संभव नहीं होगी |       
   सम्मेलन के दोनों दिन पूरी सार्थकता लिये थे | विभिन्न चर्चाओं ने सभी को लाभान्वित किया | बड़ी संख्या में  परामर्श के इच्छुक आम और ख़ास लोग आये | वहाँ हम ने मीडिया से चर्चा (साक्षात्कार) में कई भविष्यवाणियाँ भी कीं | जैसे-अलग तेलंगाना राज्य का मामला अभी अटक सकता है और कोई बड़ी बात नहीं कि यह लम्बा लटक जाए,वर्ष 2018 में/तक पाकिस्तान का वर्तमान स्वतंत्र एवं सम्प्रभु अस्तित्व समाप्त हो जाएगा,वर्ष 2027 तक भारत की सीमाएँ अफ़गानिस्तान तक फैल जाएँगी,शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगे ( यह हम ई टीवी पर अपनी भविष्यवाणी में साल भर पहले भी कह चुके हैं ),शिवराज के बाद अगला मुख्यमंत्री कोई पुराना व्यक्ति(दुबारा) नहीं बनेगा यानि वह ऐसा व्यक्ति होगा जो कि पहली बार मुख्यमंत्री बनेगा,वर्ष 2010 तथा 2011 में चार राज्यों में मुख्यमंत्री बदल जाएँगे तथा कम से कम एक राज्य में सरकार बदल जाएगी,इन दो वर्षों में दूसरी जगहों पर युद्धरत शक्तियों को परास्त भाव से या असफल हो कर पाँव पीछे खींचने पड़ेंगे, 31 दिसंबर को होने वाले चन्द्र ग्रहण के कारण अगले दो वर्ष भारतीय राजनीति के लिए बहुत उठा-पटक भरे रहेंगे,वर्ष 2012 में कोई महाप्रलय नहीं होगा | इस के अलावा हम ने मध्यप्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव को ले कर कहा कि भाजपा के लिए लाभ की स्थिति रहेगी-उसे काँग्रेस से ज़्यादा निकायों में सफलता मिलेगी,भोपाल में बोर्ड और महापौर परस्पर विरोधी दलों से होंगे | हम ने भोपाल की भावी महापौर की बाडी लैंग्वेज भी बतायी |