मंगलवार, 24 नवंबर 2009

झारखण्ड विधानसभा चुनाव-2009

जय श्री राम ............ | झारखण्ड विधानसभा चुनावों को सीटों की संख्या के हिसाब से भले ही छोटे या गौण  कह दिया जाए,मगर ये इतने उपेक्षनीय भी नहीं हैं,क्योंकि ये चुनाव अगले वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के बारे में  भी बहु्त कुछ बता देंगे | ये चुनाव मतदान को 5 चरणों में समेटे हुए है | पहले चरण का मतदान होगा 25-11-2009 को | इस का मूलांक 07 और भाग्यांक 02 है | इस का वार बुधवार है,जिस का अंक है-05 | दूसरे चरण का मतदान  होगा 02-12-2009 को | इस का मूलांक 02 और भाग्यांक 07 है | इस का दिन भी बुधवार है | तीसरे चरण का मतदान 08-12-2009 को होगा | इस का मूलांक 08 और भाग्यांक 04 है | इस का दिन है-मंगलवार,जिस का अंक है-09 | चौथे चरण का मतदान होना है 12-12-2009 को | इस का मूलांक 03 और भाग्यांक 08 है | इस का दिन है-शनिवार,जिस का अंक है-08 | पाँचवें और अंतिम चरण का मतदान 18-12-2009 को होना है | इस का मूलांक 09 और भाग्यांक 05 है | इस का दिन है-शुक्रवार,जिस का अंक है-06 | इन पाँचों चरणों के चलित का अंक है-03(ऋणात्मक) | यह अंक चुनाव,चयन और न्याय का है | मतगणना होनी है 23-12-2009 को | इस का मूलांक 05 और भाग्यांक 01 है | इस का दिन बुधवार है,जिस का अंक है-05 | इस का चलित का अंक है-08(ओज) | यह समय अंक 03 और अंक 08 के संक्रमण का है.अतः एक बात ख़ास गौर करने लायक़ है कि मतदान और मतगणना की समूची प्रक्रिया अंक 05 और अंक 08 की प्रबलता से प्रभावित रहेगी | अंक 05 अस्थिरता और यथास्थिति को दर्शाता है | अंक 08 उठापटक बताता है | अतः इस बार की झारखण्ड विधानसभा ज़बरदस्त उठापटकभरी तथा त्रिशंकु एवं अस्थिर सरकार देने वाली रहेगी | अंक 04 तथा अंक 05 वाले वर्ष यानि वर्ष 2011 तथा 2012 झारखंड विधानसभा पर बहुत भारी पड़ेंगे |                                                                      अब बात करते हैं स्वयं "झारखंड" की | 15-11-2000 को बने "झारखंड"  का मूलांक 06 तथा भाग्यांक 01 है | इस के निर्माण के चलित का समय अंक 09(ऋणात्मक)है | मतदान और मतगणना के समय इसे 10 वाँ वर्ष चल रहा होगा | इस का अंक बनता है-01 | इस राज्य को अभी अंक 08 की दशा चल रही है | इस अंक 08 के प्रभावी वर्ष 2006 में ही मुख्यमंत्री बदला- मधु कोड़ा मुख्यमंत्री बने थे | अंक 08 की दशा की पहली चौथाई में वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री बदला | इस की दूसरी चौथाई चलेगी वर्ष 2010 तक | इस में मुख्यमंत्री/सरकार को ले कर फिर संकट खड़ा हो सकता है |  इस दशा की तीसरी चौथाई वर्ष 2012 तक चलेगी | यहाँ फिर मुख्यमंत्री बदलने जैसे हालात बन सकते हैं,या फिर मुख्यमंत्री  बदल सकता है | इस दशा की चौथी और अंतिम चौथाई चलेगी वर्ष 2014 तक | अंक 08 की इन अंतिम दो चौथाइयों यानि वर्ष 2011 से वर्ष 2014 के बीच मुख्यमंत्री बदल सकता है तथा फिर से चुनाव की नौबत आ सकती--ख़ासकर "झारखण्ड" की स्थापना के 13 वें वर्ष में | इस वर्ष का अंक बनता है-04 | यह 'झारखण्ड' के नामांक 08 के साथ 'द्रोहात्मक युति' बनाता है तथा भाग्यांक 01 के साथ ग्रहण-अवस्था उत्पन्न करता है | यह ग्रहण-अवस्था 'पितृदोषात्मक' है | अतः तब सरकार के पतन का कारण वे लोग/दल हो सकते हैं कि जिन की वजह से सरकार बनी हो या जो सरकार के 'पितृपुरुष' हों | झारखण्ड को स्थायी सरकार पाने के लिए अभी लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है | ऐसा शायद इस की स्थापना के  15 साल बाद संभव हो | झारखण्ड की अंग्रेज़ी वर्तनी 'JHAARKHAND' कर दिए जाने से इस की राजनीतिक स्थिरतागत स्थिति में सुधार हो सकता है |