मंगलवार, 6 नवंबर 2012

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव : ओबामा फिर से

जय श्री राम ............| आदरणीय मित्रो, आज अन्य बातों से पहले कर लेते हैं एक बात अंतरराष्ट्रीय स्तर की| संसार भर की आँखें अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की ओर लगी हैं|
               (भागादौड़ी और अन्यान्य व्यस्तताओं का आलम तो यह है कि यह पोस्ट 02-11-2012 को शुरू की, मगर अटकते हुए अब आज 06-11-2012 को पूरी करने बैठे हैं)|    
                             संयुक्त राज्य अमरीका 
स्वतंत्रता:-04-07-1776           मूलांक:-4           भाग्यांक:-5             आयु अंक:-3 (237 वाँ वर्ष)               नामांक:-5
              सबसे पहले बात करते हैं 'संयुक्त राज्य अमरीका' की|  इसका नामांक बनता है-5| इसका वृहदंक है-77| अंक 5 ही चुनावी वर्षांक है| अंक 7 के दोहरे प्रभाव के साथ अंक 5 का त्रिकोण यथास्थिति बताता है| इसका तात्पर्य यह हुआ कि जो व्यक्ति (ओबामा) राष्ट्रपति-पद पर है, वही आगे भी रहेगा|  संयुक्त राज्य अमरीका का मूलांक 4 व भाग्यांक 5 है| यही अंक 5 इसका नामांक भी है| अभी इसे स्वतंत्रता की घोषणा का 237 वाँ वर्ष चल रहा है| इसका मूलांक 3 बन रहा है| इसकी स्वतंत्रता का चलित अंक 2-7 है| यहाँ एक ख़ास बात यह है कि स्त्री अंकों का बाहुल्य हो गया है| अमरीका की अंक कुंडली में भी अंक 7 की तिहरी उपस्थिति है| अभी इस देश को अंक 3 की दशा चल रही है, जो कि वर्ष 2013 तक चलेगी| इसके नामांकों के साथ भाग्यांक 5 की युति उसी यथास्थिति वाली बात को प्रबल कर रही है| यह बात भी ओबामा के ही पक्ष में जा रही है|
                                  बराक ओबामा : ज़्यादा दमदार नहीं
जन्म-दिनांक:-04-08-1961                मूलांक:-4               भाग्यांक:-2               आयु अंक:-7 (52 वाँ वर्ष)                नामांक:-8
               अब बात करते हैं डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा की| यहाँ इनका एक और नाम 'बराक हुसैन ओबामा' भी सामने आता है, मगर हम इन का नाम 'बराक ओबामा' ही लेंगे, क्योंकि यही नाम इस देश के राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाईट पर है| ओबामा का नामंक बनाता है-8| इसका वृहदंक है-26| यह युति अंक 6 को भ्रष्ट करती है, इस कारण ओबामा अमरीका को महंगाई और मंदी से उबारने में नाकाम रहे| साथ ही सामाजिक अवस्था के सूचक अंक 2 की इस त्रिकोण में उपस्थिति के कारण ओबामा अमरीका के समाज को भी कोई ख़ास प्रभावित नहीं कर पाए| इन सब बातों के साथ ही इनके नामांक 8 की एक ख़ास भूमिका पर ध्यान दिया जाना बहुत ज़रूरी है| अंक 8 लोकतंत्र का है| यह अंक चुनाव के दिन के मूलांक 6 का मित्र है| यह युति लोकतान्त्रिक मामलों में विजय बताती है| यह बात ओबामा के पक्ष में जाती है| अमरीका के नामांक के वृहदंक 77 में स्त्री अंक 7 की दोहरी उपस्थिति से ओबामा का भाग्यांक 2 'सहोदर युति' बनाता है| यह भी ओबामा के पक्ष में जा रही है| यहाँ 'सोने पे सुहागा' बनाता है ओबामा का आयु अंक| उम्र के 52 वें वर्ष के कारण इनका आयु अंक 2 हुआ| यह अंक इनके भाग्यांक 2 की भूमिका को प्रबल बना देता है| इनका मूलांक 4 चुनाव के दिन का भाग्यांक 4 व अमरीका के मूलांक 4 के साथ 'प्रतिरूप युति' बनाता है| यह ओबामा का पक्ष बहुत मज़बूत करती है| ओबामा का भाग्यांक 2 अमरीका के भाग्यांक 5 व नामांक 5 के साथ परस्पर विरोधी युति बनाता है| साथ ही इनका मूलांक नामांक 8 अमरीका के 4 के साथ विखंडन युति तथा अमरीका के भाग्यांक 5 व चुनावी वर्षांक 5 के साथ अस्थिरता युति बनाता है, जो कि धुंध पैदा करती है| इस कारण अंतिम समय तक ओबामा की जीत को लेकर धुंध की स्थिति बनी रहेगी| इनका जन्म पुरुष अंकों की प्रधानता में हुआ है, जबकि अमरीका का निर्माण स्त्री अंकों में हुआ है| अमरीका का आयु अंक 3 ओबामा के भाग्यांक 2 व आयु अंक  2 के साथ विरोधी युति बना रहा है, जबकि इनके मूलांक 4 व जन्म के चलित अंकों 1-4 के साथ मित्र युति बनाता है|
                              मिट रोमनी : कुछ भारी
जन्म-दिनांक:-12-03-1947               मूलांक:-3              भाग्यांक:-9             आयु अंक:-3 (66 वाँ वर्ष)             नामांक:-1
              अब बात करते हैं रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी की| इनका नामांक बनाता है-1| इसका वृहदंक बनाता है-37, जो कि परस्पर विरोधी अंकों की युति है| दोनों दो अलग-अलग दिशाओं में खींचते हैं| इनका जन्म का मूलांक 3 व भाग्यांक 9 है| इसका वृहदंक 27 है| यह स्त्री अंकों द्वारा अंक 9 का बनना हो गया| उम्र का 66 वाँ वर्ष चलने के कारण इनका आयु अंक 3 हुआ| इनका नामांक 1, मूलांक 3 व आयु अंक 3 अमरीका के मूलांक 4 व भाग्यांक 5 तथा स्वतंत्रता के आयु अंक 3 मतदान के दिन के मूलांक 4 के साथ मित्र युति बनाता है| इनका भाग्यांक 9 भी इन अंकों के साथ अनुकूलता रखता है| इनके ये अंक मतदान के दिन के मूलांक 6 के साथ भी मित्र युति बनाते हैं| अतः देखा जाए तो रोमनी के यहाँ अंकों की अवस्था बहुत बलिष्ठ ठहरती है| अतः इन आंकड़ों से तो रोमनी ओबामा पर भारी पड़ते हैं| इस लड़ाई में 52-48 से ही सही, मगर रोमनी बाज़ी मारते दिख रहे हैं|
                                   बिल क्लिंटन : निर्णायक भूमिका 
जन्म-दिनांक:-19-08-1946               मूलांक:-1              भाग्यांक:-2            आयु अंक:-4 (67 वाँ वर्ष)               नामांक:-1
               अब हमें यहाँ एक बहुत ही अद्भुत बात की चर्चा करनी होगी| ओबामा ने अपने चुनाव की कमान पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को सौंप राखी है| इसलिए इस लड़ाई में क्लिंटन के भी महत्त्वपूर्ण भूमिका में हैं| हम इन्हें अनदेखा नहीं कर सकते| इस मामले में क्लिंटन के बारे में हमारी भविष्यवाणी सही साबित हो चुकी है| E TV के सभी हिंदी चैनलों से प्रसारित होने वाले अपने कार्यक्रम 'अंक प्रभा' के दिनांक 19 अगस्त, 2012 के एपिसोड में 'सप्ताह के सिकंदर' के अंतर्गत, अपने ब्लॉगों पर 22 अगस्त, 2012 और हमारे मासिक अखबार 'अंक प्रभा' के अगस्त, 2012 के अंक में बिल क्लिंटन के जन्म-दिन के सन्दर्भ में बात करते हुए हमने कहा था-"पार्टी की अनदरूनी राजनीति/देश के राजनीतिक परिदृश्य में भूमिका बढ़ सकती है|" आप खुद ही देख लीजिए कि हमारी कितनी सही साबित हुई| क्लिंटन का नामांक 1 है| इसका वृहदंक 37 है| यह अंकीय समीकरण रोमनी के नामांक के अंकीय समीकरण को संतुलित कर देता है| क्लिंटन का मूलांक 1 है| इसका वृहदंक है 19| यहाँ अंक 1 के दोहरे प्रभाव में 9 का त्रिकोण चुनावी दृष्टिकोण से बहुत लाभकारी बलिष्ठ अवस्था बनाता है| यह अंक 1 अमरीका के मूलांक 4, ओबामा के मूलांक 4, अमरीका के आयु अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| इनका भाग्यांक 2 ओबामा का भाग्यांक ही है| इस अंक 2 की बात हम कर ही चुके हैं| क्लिंटन का आयु अंक है-4| यह जहाँ एक ओर मतदान के भाग्यांक 4 ओबामा के मूलांक 4 व अमरीका के मूलांक 4 के साथ 'प्रतिरूप युति' बनाता है, वहीं दूसरी ओरअमरीका के आयु अंक 3 के साथ 'मित्र युति' बनाता है| अतः ओबामा ओर रोमनी की लगभग बराबर की लड़ाई में निर्णायक भूमिका क्लिंटन के अंकों की हो गयी है| क्लिंटन के अंक ओबामा को इस दौड़ में आगे कर रहे हैं| अतः हम तो यही कहेंगे की ओबामा ने क्लिंटन के हाथों में अपनी चुनावी कमान दे करे बहुत समझदारी का निर्णय किया है| इस चुनाव में विजेता फिर से ओबामा ही रहेंगे| हाँ, इस बार इनकी जीत धाकड़ नहीं होगी| यह जीत खींचातानी या लटकती हो सकती है| ओबामा को अपनी इस जीत के लिए उन्हें शुक्रगुज़ार होना होगा बिल क्लिंटन का| क्लिंटन के भाग्य की प्रबलता के कारण ही ओबामा जीतेंगे| तो स्वागत कीजिए अमरीकी राष्ट्रपति के रूप में लगातार दूसरे कार्यकाल के साथ बराक ओबामा का|      
                            मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ........... जय श्री राम|