शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव : भाजपा कर सकती है फिर से कब्ज़ा

जय श्री राम .............| आदरणीय मित्रो, कुछ दिन हो गए आपसे बात किये| अक्टूबर माह का 'अंक प्रभा' तैयार करने में जो लगे हुए थे| कल वह तैयार हो गया| तो अब आप से बात कर ली जाए| तो आइए, फटाफट कर लेते हैं यह बात| यह पोस्ट दिनांक 28-29 जुलाई, 2012 को धर्मशाला (हि.प्र.) में अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच, जालंधर की ओर से आयोजित 49 वें ज्योतिष सम्मेलन के पहले दिन 28 जुलाई (शनिवार) को प्रथम सत्र में दिये गये हमारे भविष्यवाणीपरक व्याख्यान का भाव रूप है] 
               वर्षांत होते-होते जिन बहुत महत्त्वपूर्ण चुनावों का सामना इस देश का लोकतंत्र करने जा रहा है, उन में अग्रणी नाम है-गुजरात और हिमाचल प्रदेश| अभी हम हिमाचल प्रदेश के बारे में बात करेंगे|
                                 हिमाचल प्रदेश : फिर भाजपा  
निर्माण-दिनांक:-25-01-1971          मूलांक:-7         भाग्यांक:-8         आयु अंक:-6 (42 वाँ वर्ष)          नामांक:-6           स्थापना का चलित:-8(-)
          हिमाचल प्रदेश भारत गणराज्य का 18 वाँ राज्य बना| अंक 1, 8 व 9 का त्रिकोण लोकतान्त्रिक पितृद्रोह युति बनाता है| यह युति राजनीतिक विजय का समीकरण तय करती है| इसकी स्थापना का मूलांक 7 है, जिसका वृहदंक 25 है| यहाँ अंक 2, 5 व 7 का त्रिकोण बनता है| यह त्रिकोण स्त्री अंकों की अस्थिरतागत प्रधानता बताता है| इसका भाग्यांक 8 एक ओर जहाँ लोकतान्त्रिक अवस्था का अवलंबन है, तो वहीं दूसरी ओर मूलांक 7 के साथ स्त्री अंकों के प्रभाव को विखंडित भी करता है| इसका आयु अंक 6 और नामांक 6 विखंडित शुक्र की प्रबल अवस्था बताता है| इसलिए यदि दिनांक 25-01-2012 के बाद से वर्तमान धूमल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है| इस राज्य की स्थापना का चलित अंक 8 हमारे पहले बताये प्रभाव में वृद्धि करता है|
           हिमाचल प्रदेश में अंक 7-6 की युति में वर्ष 1977, अंक 1-9 की युति में वर्ष 1980, अंक 4-3 की युति में वर्ष 1983, अंक 2-1 की युति में वर्ष 1990, अंक 5-4 की युति में वर्ष 1993, अंक 1-9 की युति में 1998, अंक 6-5 की युति में वर्ष 2003 और अंक 9-9 की युति में वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री बदला| अब इस चुनावी वर्षांक में अंक 6-5 की युति बन रही है| इस युति का संवाहक ही अगला मुख्यमंत्री बन सकेगा| यह युति प्रेम कुमार धूमल के पक्ष में जा रही है| यहाँ हिमाचल प्रदेश का आयु अंक ६ इस दिशा में सहयोग कर रहा है|
                                      प्रो.प्रेम कुमार धूमल : भारी रहेंगे
जन्म-दिनांक:-10-04-1944           मूलांक:-1         भाग्यांक:-5         आयु अंक:-6 (69 वाँ वर्ष)        नामांक:-3         जन्म का चलित अंक:-9 (+)         
          अब सबसे पहले बात करते हैं वर्त्तमान सरकार के मुखिया प्रो. प्रेम कुमार धूमल की| इनके जन्मांक की विशेषता यह है कि ये हिमाचल प्रदेश कि स्थापना के वर्षांक के पूर्ण गुणांक के वर्ष में जन्मे हैं| इनका आयु अंक 6 भाग्यांक 5 के साथ वही युति बनाता है, जिसकी चर्चा हमने इस राज्य के अंकीय विश्लेषण में की है| यदि वर्षांक-मूलांक विधि काम ली जाए तो इन्हें अभी जो दशा चल रही है, वह वर्ष 2017 तक चलेगी| इसका अर्थ यह हुआ कि इनकी सत्ता वर्ष 2017 तक चल सकती है| इनका मूलांक 1 और इसका वृहदंक 10 सौभाग्य का सूचक है| इनके यहाँ अंक 1, 3, 5, 6 और 9 का आधिपत्य देखा जा सकता है| ये ही अंक हिमाचल प्रदेश में सत्ता का रूप बनाते हैं| धूमल पहली बार 24-03-1998 को मुख्यमंत्री बने| तब मूलांक 6 व भाग्यांक 9 था| इनका आयु अंक 9 (54 वाँ वर्ष), प्रदेश का आयु अंक 1 (28 वाँ वर्ष) और चुनावी वर्षांक 9 था| धूमल दूसरी बार 30-12-2007 को मुख्यमंत्री बने| तब मूलांक 3 व भाग्यांक 6 था| इनका आयु अंक 1 (64 वाँ वर्ष), प्रदेश का आयु अंक 1 (37 वाँ वर्ष) और चुनावी वर्षांक 9 (2007) था| इस तरह इनके दोनों बार पदासीन होने में अंक 1, 3, 6 व 9 की विशेष भूमिका रही है| इनके आयु अंक की एक विशेषता इनके पक्ष में प्रबलता उतपन्न करती है| इनका आयु अंक 6 तो है, किन्तु वह भी बना है 69 से| यहाँ अंक 6 के साथ अंक 9 भी उपस्थित है, जोकि धूमल के लिए अधिक अनुकूलता बना रहा है| अभी इनका आयु अंक 6 (69 वाँ वर्ष) व प्रदेश का आयु अंक 6 (42 वाँ वर्ष) की मूलांक 1, नामांक 3 व चलित के संभावित (अभी चुनाव की तारीख़ें घोषित नहीं हुई हैं) अंक 9 (-)/3 (-) (यानि संभावित समय 21 अक्टूबर से 19 दिसंबर के मध्य) के साथ धूमल के लिए पक्षकारी युति बना रहा है| चुनावी वर्षांक 5 (2012) अंतिम समय तक धुंध की अवस्था बनाये रख सकता है, किन्तु यह अंक यथास्थिति का भी है| अतः प्रो.प्रेम कुमार धूमल की सरकार बरक़रार रह सकती है|     
                          भारतीय जनता पार्टी : दौड़ में सबसे आगे
स्थापना-दिनांक:-06-04-1980              मूलांक:-6           भाग्यांक:-1          आयु अंक:-6 (33 वाँ वर्ष)          नामांक:-2             स्थापना का चलित अंक:-9 (+)
           भाजपा के प्रमुख ठहराते हैं-1, 3, 6 व 9| ये ही अंक हिमाचल प्रदेश और धूमल के यहाँ भी प्रमुखता लिए हुए हैं| इसका मूलांक 6 व आयु अंक 6 की हिमाचल प्रदेश के आयु अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये दोनों ही अंक हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व स्थापना के चलित अंक 8 के साथ मित्र युति बनाते हैं| भाजपा का भाग्यांक 1 सत्ता और नेतृत्व का अंक है| यह अंक प्रदेश के भाग्यांक 8 और स्थापना के चलित अंक 8 के साथ पितृद्रोह युति (GODFATHER PROBLEM) बनाता है| इसका तात्पर्य यह हुआ कि सत्ता के वर्तमान स्वरूप यानि वर्तमान विधायकों में से ज़्यादातर (80 से 85 प्रतिशत) के टिकिट काटने पड़ सकते हैं| साथ ही एक बात और| यह भी संभव है कि 90% वर्तमान विधयक अगली विधानसभा में न दिखें तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए|
                            नितिन गडकरी : भाजपा के लिए सौभाग्यकारी
जन्म-दिनांक:-27-05-1957           मूलांक:-9           भाग्यांक:-9           आयु अंक:-2 (56 वाँ वर्ष)            नामांक:-2                जन्म का चलित अंक:-5 (+)
             इनका मूलांक 9 दो स्त्री अंकों (2 व 7) से बनता है| इनके भाग्यांक का वृहदंक है-36| यहाँ अंक 3, 6 व 9 की श्रेष्ठ युति है| इनका आयु अंक 2, एक स्त्री अंक अवश्य है; किन्तु यह बना है 56 से| इस में अंक 5 व अंक 6 की वही युति विद्यमान है, जो कि इस बार हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने वाली है| इसके अंक 9 का प्राधान्य स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है| यदि प्रतिद्वंद्विता के स्तर पर अंकों का विश्लेषण किया जाए तो इनका मूलांक-भाग्यांक 9 सोनिया गांधी के मूलांक 9 व हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक-स्थापना के चलित अंक 8 पर बहुत भारी पड़ता है| इनके जन्म का चलित अंक 5 (+) व जन्म का मासांक 5 सोनिया गांधी के भाग्यांक 5 को कड़ी टक्कर देता है| दोहरी अवस्था में होने के कारण गडकरी की यह अंक 5 की अवस्था सोनिया गांधी के अंक 5 को पीछे छोड़ देता है| अपने इन प्रबल अंकीय समन्वय के कारण ही गडकरी अपने नेतृत्व में अभी तो भाजपा को कई चुनावी विजय दिलवाएँगे| यहाँ तक कि अगले लोकसभा चुनाव में भी भाजपा सत्ता-सुख प्राप्त कर ले तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए|
                          शांता कुमार: शांत रहना होगा
जन्म-दिनांक:-12-09-1934             मूलांक:-3           भाग्यांक:-2           आयु अंक:-7 (79 वाँ वर्ष)             नामांक:-7            जन्म का चलित अंक:-5 (-)
               शांता कुमार का मूलांक 3 व भाग्यांक 2 परस्पर विरोधी हैं| यही अवस्था इनके नामांक 7 व आयु अंक 7 की है| अंक 2 व 7 इनके मूलांक 3 ही नहीं, बल्कि इनके जन्म के चलित अंक 5 के भी विरोधी हैं| इस पर इन्हें अंक 4 की दशा चल रही है, जो कि दुर्बल स्त्री अंक वालों के लिए इच्छापूर्ति में बाधा उत्पन्न करती है| इनके स्त्री अंक बहुत दुर्बल हैं| इसकी हानि भी इन्हें बहुत उठानी पड़ी है| ये पहली बार मुख्यमंत्री 22-06-1977 में बने| तब मूलांक 4 व भाग्यांक 7 था| तब इनका आयु अंक 7 (43 वाँ वर्ष), प्रदेश का आयु अंक 7 (7 वाँ वर्ष) और चुनावी वर्षांक 6 था| यहाँ स्त्री अंकों की प्रधानता में इनका कार्यकाल अधूरा रह गया| शांता कुमार दूसरी बार 05-03-1990 में मुख्यमंत्री बने| तब मूलांक 5 व भाग्यांक 9 था| तब इनका आयु अंक 2 (56 वाँ वर्ष), प्रदेश का आयु अंक 2 (20 वाँ वर्ष) और चुनावी वर्षांक 1 था| यहाँ फिर स्त्री अंकों की प्रधानता थी| परिणाम यह रहा कि शांता कुमार का कार्यकाल एक बार फिर अधूरा रहा गया| यही स्त्री अंक 7 अभी इनका आयु अंक है, जो कि चलित का अंक होने के कारण बहुत महत्त्वपूर्ण है| इनके अंकों की हालत बहुत कुछ वीरभद्र सिंह के अंकों जैसी ही है| ख़राब स्त्री अंकों के कारण इनका पार्टी आलाकमान के साथ टकराव बढ़ सकता है| मुख्यमंत्री प्रो.प्रेम कुमार धूमल के अंकों से इनके अंक ऋणात्मक अवस्था में हैं| इसलिए धूमल के साथ भी इनका टकराव हो सकता है , लेकिन यहाँ धूमल के अंक भारी पड़ते हैं| इस कारण इस लड़ाई में झुकना तो इन्हें ही पड़ेगा|
                             भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस : सत्ता से दूरी 
स्थापना-दिनांक:-02-01-1978           मूलांक:-2            भाग्यांक:-1            आयु अंक:-8 (35 वाँ वर्ष)            नामांक:-3           स्थापना का चलित अंक:-8 (-)
              भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जिसे बोलचाल में सिर्फ़ 'कांग्रेस' कहा जाता है; वर्तमान में इसका सबसे विपरीत अंक है इसका आयु अंक-8| यह एक ओर जहाँ इस पार्टी के मूलांक 2 के साथ इच्छापूर्ति में बाधा उत्पन्न करता है तो दूसरी ओर वहीं इसके भाग्यांक 1 के साथ नेतृत्व की विखंडनकारी युति बनाता है| यह नामांक 3 के साथ निर्णयगत विषमता बताता है| इस पार्टी की स्थापना का चलित अंक 8 उक्त फल के परिमाण में वृद्धि करता है| चूँकि अंक 8 लोकतंत्र का भी है| अतः कांग्रेस के लिए यह लोकतांत्रिक विषमता बन पड़ी है| यह अंक 8 हिमाचल प्रदेश के आयु अंक 6 के साथ मित्र युति बनता है| यह बात कांग्रेस के पक्ष में जाती है, किन्तु यही अंक हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व इस के निर्माण के चलित अंक 8 के साथ विखंडन युति बना रहा है| साथ ही यह अंक 8 कांग्रेस के मूलांक 7 के साथ इच्छापूर्ति में बाधा और इच्छाओं में समझौता बताता है| यह अंक चुनावी वर्षांक 5 के साथ अस्थिरता युति बना रहा है| कांग्रेस के मूलांक 2 व नामांक 3 में परस्पर विरोधी युति है| ये सभी बातें कांग्रेस के ख़िलाफ़ जाती हैं| कांग्रेस के आयु अंक 8 का वृहदंक 35 है| अंक 3, 5 व 8 का यह त्रिकोण बताता है कि कांग्रेस 3 से 5 गुटों में बँटी रहेगी| इसकी स्थापना का वृहदंक 28 है| इसका मूलांक (यानि कांग्रेस का भाग्यांक) 1 है| अंक 1 नेतृत्व, अंक 2 पार्टी और अंक 8 विखंडन का है| यहाँ अंक 1, 2 व 8 का त्रिकोण यह बताता है कि कांग्रेस के लोग नेतृत्व के रूप में विखंडित रहेंगे|
                          सोनिया गांधी : दुर्भाग्य का क्रम जारी है
जन्म-दिनांक:-09-12-1946 (इनके जन्म का एक वर्ष 1944 भी मिलता है, मगर फिलहाल यह गणना 1946 के हिसाब से ही है)          मूलांक:-9            भाग्यांक:-5          आयु अंक:-3 (66 वाँ वर्ष)             नामांक:-9              जन्म का चलित अंक:-3 (-)
               सोनिया गांधी का मूलांक 9 व नामांक 9 हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ प्रबल विरोधी युति बना रहा है| इनका भाग्यांक 5  हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ अस्थिरता युति बना रहा है| अंक 8 की दोहरी अवस्था के कारण उक्त युतियों में परिणामगत अवस्था भी दोहरी हो गयी है| इनका आयु अंक 3 व जन्म का चलित अंक 3 हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ निर्णयगत विषमता बताता है| इनके लिए कुछ राहत वाली बात यह है कि इनका मूलांक 9, नामांक 9, आयु अंक 3 व जन्म का चलित अंक 3 हिमाचल प्रदेश के नामांक 6 व आयु अंक 6 के साथ कुछ अनुकूलता लिये हुए है|
                          वीरभद्र सिंह : नैया पार नहीं लगा सकेंगे
जन्म-दिनांक:-23-06-1934            मूलांक:-5             भाग्यांक:-1              आयु अंक:-7 (79 वाँ वर्ष)              नामांक:-5              जन्म का चलित अंक:-2 व 7
              वीरभद्र सिंह के अंक पारस्परिक खींचातानी में उलझे हुए हैं| इनका मूलांक 5 व नामांक 5 इनके आयु अंक 7 व जन्म के चलित अंक 2-7 के साथ विरोधी युति बनता है| इनके आयु अंक का त्रिकोण अंक 7 की दोहरी अवस्था के कारण स्त्री अंक प्रधानता वाला बन गया है| यह बात इनके ख़िलाफ़ जाती है| इनका आयु अंक 7 व जन्म का चलित अंक 2-7 हिमाचल प्रदेश के मूलांक 7 के साथ प्रतिरूप युति बना रहा है| यह इनके लिए शुभ है, मगर यही स्त्री अंक प्रदेश के भाग्यांक 8 व इसके निर्माण के चलित अंक 8 के साथ इच्छापूर्ति में बाधा और इच्छाओं में समझौता बताता है| इनका मूलांक 5 व नामांक 5 चुनावी वर्षांक 5 के साथ प्रतिरूप युति बना रहा है, मगर हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ अस्थिरता युति बना रहा है| अभी इन्हें अंक 4 की दशा चल रही है| यह वर्ष 2015 तक चलेगी| अंक 4 इनके लिए शुभ नहीं है| इसी अंक के प्रभाव के कारण वीरभद्र सिंह अपना पहला कार्यकाल पूरा नहीं कर पाये थे| अतः इनके लिए यह समय पदासीन होने का नहीं जान पड़ता है| 31-12-2012 से पहले वीरभद्र सिंह को क़ानूनी अड़चनों में बढ़ोतरी और अपयश झेलना पड़ जाए तो कोई अचम्भा नहीं होना चाहिए| वैसे अन्य कांग्रेसी नेताओं की तुलना में वीरभद्र के अंक ही ठीक हैं, अतः यदि कांग्रेस इन्हें ही आगे कर चुनाव लड़े तो टक्कर दे सकती है (यह आलेख इस अख़बार और हमारे ब्लॉगों पर प्रकाशित होने तक हमारी यह भविष्यवाणी अंशतः सही हो भी चुई है| तमाम विराधाभासों और उतार-चढ़ाव के बाद अंततः कांग्रेस ने वीरभद्र सिंह को ही इस चुनावी लड़ाई में अपना मुखिया बना लिया)|
                  वैसे वीरभद्र सिंह के बारे में E TV के सभी हिन्दी चैनलों से प्रसारित होने वाले अपने साप्ताहिक कार्यक्रम 'अंक प्रभा' के 17-06-2012 के एपिसोड में सप्ताह के सिकंदर' और हमारे ब्लॉगों पर 'आज की हस्ती' के अंतर्गत 28-06-2012 को हम वीरभद्र सिंह के बारे में भविष्यवाणी कर चुके हैं कि---"हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद से वंचित रह जाएँगे| आगामी लोकसभा चुनावों में पराजित होना पड़ सकता है| पार्टी के अंदरूनी विवादों में उलझना पड़ सकता है|
                              विद्या स्टोक्स : दामन खाली ही रहना है 
  जन्म-दिनांक:-08-12-1927              मूलांक:-8               भाग्यांक:-3                आयु अंक:-4 (85 वाँ वर्ष)                नामांक:-1            जन्म का चलित अंक:-3 (-)            विद्या स्टोक्स के मूलांक 3 व भाग्यांक 8 में निर्णयगत विषमता बताता है| इनका मूलांक 8 नामांक 1 के साथ पितृद्रोह युति (GODFATHER PROBLEM) बताता है| इनका यही मूलांक 8 इनके आयु अंक 4 के साथ विखंडन युति बनता है| यह विखंडन युति बताती है कि इन्हें सत्ता यानि मुख्यमंत्री पद तो किसी भी सूरत में नहीं मिलना है| इनका मूलांक 8 हिमाचल प्रदेश के मूलांक 7 के साथ इच्छापूर्ति में बाधा बताता है| यह अंक 8 हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ अशुभ युति बना रहा है| यह अंक 8 हिमाचल प्रदेश के आयु अंक 6 व नामांक 6 के साथ मित्र युति बनता है| इनका आयु अंक 4 हिमाचल प्रदेश के मूलांक 4 के साथ अतृप्ति युति बनता है| यह अंक 4 हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ विखंडन युति बनता है| इनका भाग्यांक 3 हिमाचल प्रदेश के नामांक 6 व आयु अंक 6 के साथ मित्र युति बना रहा है| यह अंक हिमाचल प्रदेश के मूलांक 7 के साथ प्रबल विरोधी युति और हिमाचल प्रदेश के भाग्यांक 8 व निर्माण के चलित अंक 8 के साथ निर्णयगत विषमता वाली युति बनाता है|           
                               अनुराग सिंह ठाकुर : वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री
जन्म-दिनांक:-24-10-1974           मूलांक:-6               भाग्यांक:-1             आयु अंक:-3 (39 वाँ वर्ष)              नामांक:-1                जन्म का चलित अंक:-9 (-)
                अनुराग सिंह ठाकुर के मूलांक 6 का वृहदंक 24 है| अंक 2, 4 व 6 का त्रिकोण यह बताता है कि ऐसे लोगों का भाग्योदय या उत्थान पारिवारिक सहयोग से ही होता है| इनके मामले में यह बात पूरी तरह सही ठहरती है| इनका मूलांक 6 इनके आयु अंक 3 व जन्म के चलित अंक 9 के साथ परम मित्र युति बनाता है| इनका भाग्यांक 1 नामांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व का अंक है| इन्हें अभी अंक 3 की दशा चल रही है| यह दशा वर्ष 2013 तक चलेगी| यह इनके लिए बहुत शुभ है| इनके लिए अंक 4 भी बहुत शुभ है| इस कारण अभी निकट के दो वर्षों की ही बात कर ली जाए तो उम्र का 39 वाँ और 40 वाँ वर्ष इनके लिए बहुत शुभ रहने वाला है| 24-10-2012 से 24-10-2014 की अवधि में इनके प्रबल सत्ता योग हैं| इस अवधि में भाग्यांक 1 की प्रधानता के कारण यह सत्ता-योग केंद्र में मिल सकता है| ये पितृ प्रभाव वाले हैं| इन पर पितृ अंक 4 की कृपा है| पितृ प्रभाव वाले लोग अपने पितृ पुरुष (पिता) के जीवनकाल में/उन्हीं के कारण अपना भाग्योदय पाते हैं| अनुराग उम्र के 35 वें वर्ष में मई, 2009 में सांसद बने| इनके लिए अंक 8 अच्छा है| इन पर शनि की कृपा है| ये शनि प्रभावित हैं, पीड़ित नहीं| इस कारण उम्र के 44 वें वर्ष में दोहरे पितृ अंकों (4) के लोकतान्त्रिक अंक (8) के योग में हिमाचल प्रदेश की कमान संभाल सकते हैं| तब हिमाचल प्रदेश को 47 वाँ वर्ष चल रहा होगा| ऐसे में पितृ अंक 4 के कारण पारिवारिक अंक 2 (47 का मूलांक) के प्रभाव में बहुत संभव है कि अनुराग प्रदेश की कमान अपने पिता से ही संभालें|
                 इस प्रकार हिमचल प्रदेश के अब अटक विश्लेषित सभी नेताओं में अनुराग के अंक सबसे मज़बूत हैं| यद्यपि ये विधानसभा चुनाव इनके नेतृत्व या इनकी विशिष्ट भूमिका में नहीं लड़े जा रहे हैं, मगर परोक्ष रूप से देखा जाए तो अनुराग इन चुनावों के केंद्र में हैं| कारण यह है कि धूमल और भाजपा के सभी विरोधी इन पिता-पुत्र की जोड़ी (धूमल और अनुराग) पर ही हमला बोले हुए हैं| ऐसा कर वे लोग बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं क्योंकि अनुराग के मज़बूत अंकों के कारण विरोधियों का हमला पलट कर उन्हें ही लगेगा| इनके विरोधी इनका कुछ ख़ास नहीं बिगाड़ पाएँगे, बल्कि होगा यह कि अनुराग के अंक धूमल को भी रक्षित कर देंगे|
                         
                         हिमाचल लोकहित पार्टी और अन्य    
               हिमाचल लोकहित पार्टी का नामांक बनता है-7| इस का वृहदंक है-61| इसका मूलांक समीकरण 5-4-6 है| स्त्री अंक 7 अंक 1 व 6 के साथ पारस्परिक खींचातानी की युति बनता है| अपने मूलांक समीकरण के साथ यह हवा तो अवश्य बनता है, किन्तु उसे ठोस परिणाम के रूप में परिवर्तित नहीं होने देता हैं| अब बात कर लेता हैं इस पार्टी के मुखिया पूर्व सांसद महेश्वर सिंह की| इनका नामांक बनता है-4| इसका वृहदंक बनता है 49| यहाँ पितृ अंक 4 दोहरी अवस्था महेश्वर सिंह को मुखिया तो बनती है, किन्तु अतृप्तिकारक होने के कारण मनोवांछित परिणाम प्राप्त नहीं होने देती है| महेश्वर सिंह के नामांक का मूलांक समीकरण 5-8 है| यह एक धुंध भरी भ्रामक अवस्था निर्मित करती है, जो कि व्यक्ति को वहम बनाए रखती है| अतः हिमाचल लोकहित पार्टी इन चुनावों में कोई ख़ास सफल होती दिख नहीं रही है| इस दल से जुड़े और भाजपा के विरोध में खड़े राधा रमण शास्त्री, मोहिंदर सोफत, शायमा शर्मा और कांगड़ा से सांसद सुशांत राजन में से कोई भी भाजपा का ख़ास नुकसान नहीं कर पाएँगे|
             इन विधानसभा चुनावों के साथ ही विद्या स्टोक्स, वीरभद्र सिंह और शांता कुमार का राजनीतिक जीवन तेज़ी से अवसान की ओर अग्रसर होगा|
            अनुमानित सीटें
भाजपा:-34-39                  कांग्रेस:-26-30                 हिलोपा:-2-3                 अन्य:-2 
                मिलते हैं  अगली पोस्ट के साथ| अभी तो आपसे कई बातें करनी है| ............ जय श्री राम|