शुक्रवार, 22 जून 2012

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए और वाम मोर्चे में फूट : हमारी भविष्यवाणी सही साबित

                    जय श्री राम ............| आदरणीय मित्रो, देश के अगले राष्ट्रपति बनने की दौड़ यानि चुनाव को लेकर अपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है| कौन किसके साथ था, है या रहेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता| हालात तो यहाँ तक है विचित्रता ले चुके हैं कि बरसों से साथ रह रहे दल भी अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर आपस में विरोध में आ चुके हैं| भाजपा की पक्की साथी और एन.डी.ए. की आरंभिक दौर की पार्टी शिवसेना ने भाजपा और एन.डी.ए. के ख़िलाफ़ जा कर कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणब मुखर्जी को समर्थन देने का फैसला किया है| इसी तरह की बात भाजपा के एक और पुराने साथी जनता दल (यू) ने की है| यह अपने-आप में एक तगड़ी राजनीतिक उठापटक है| हम इस तरह के घटनाक्रम के बारे में कह चुके हैं| आगे बढ़ने से पहले यहाँ हम आपको यह याद दिलाते चलें कि पिछले राष्ट्रपति चुनाव के बारे में हम सौ फ़ीसदी सही ठहरे थे| तब न सिर्फ़ भैरोंसिंह शेखावत के हारने की हमारी बात सही ठहरी थी, बल्कि वर्ष 2010 में उनके जीवन के निर्णायक रूप ले लेने कि बात भी सही रही थी (देखिए हमारा आर्काइव्ज)| इस बार के राष्ट्रपति चुनाव के लिए हमने अब तक टुकड़ों-टुकड़ों में भविष्यवाणी की है| E TV के अपने साप्ताहिक कार्यक्रम 'अंक प्रभा' के दिनांक 10-06-2012 के एपिसोड में 'सप्ताह के अंक' के अंतर्गत हमने साफ़-साफ़ कहा था---" राष्ट्रीय राजनीति में तगड़ी उठापटक देखने को मिल सकती है| नयी राजनीतिक साझेदारियों/मित्रता के दर्शन हो सकते हैं|" इसी तरह इसी कार्यक्रम के  दिनांक 17-06-2012 के एपिसोड में 'सप्ताह के अंक' के अंतर्गत हमने साफ़-साफ़ कहा था---" राजनीतिक गठबन्धनों की खींचातानी बढ़ सकती है|" इसके साथ ही E TV के अपने इसी कार्यक्रम के इसी एपिसोड में 'सप्ताह के सिकंदर' और 20 जून, 2012 को अपने ब्लॉगों पर 'आज की हस्ती' स्तम्भ के अंतर्गत शिव सेना के स्थापना-दिवस (19 जून, 1966) के सन्दर्भ में हमने साफ़-साफ़ कहा था---" वर्ष 2012 की आयु-अवधि झटका दे सकती है|... गठबंधन के साथियों सम्बन्धी मामला ख़ास चर्चा में रह सकता है|"  ... आप देख लीजिए कि अब तक तो सब कुछ वैसा का वैसा ही हो रहा है| आगे की गतिविधियों पर बारीक़ी से नज़र रखिए| अभी तो प्रणब मुखर्जी, पी.ए.संगमा आदि के बारे में भी हमारी बातें सही साबित होने वाली हैं|   
                   अब मिलेंगे कल| आज बस इतना ही| ......... आज के आनंद की जय| ............ जय श्री राम|