सोमवार, 28 फ़रवरी 2011

वसुंधरा राजे नेता प्रतिपक्ष बनीं: हमारी भविष्यवाणी फिर सही साबित

         जय श्री राम ............| आदरणीय मित्रो, विगत शनिवार यानि 26 फरवरी, 2011 को राजस्थान में भाजपा विधायक दल की बैठक में श्रीमती वसुंधरा राजे को फिर से नेता चुन लिया गया| इस प्रकार राजे फिर से नेता प्रतिपक्ष बन गयीं|  24 फरवरी, 2010 को उन्होंने इसी इस्तीफ़ा दिया था| तब से यह पद ख़ाली ही चल रहा था| भारतीय राजनीतिक दलों के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है कि इस प्रकार किसी को फिर से उस के 'उसी छोड़े हुए' पद पर चुना गया है; तब तक उस पद के लायक़ किसी को भी नहीं समझा गया| वसुंधरा राजे के सन्दर्भ में हमारी भविष्यवाणी दूसरी बार सही साबित हुई है| पहली बार जब 16 मार्च, 2010 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपनी टीम की घोषणा की तब वसुंधरा राजे को महासचिव बनाया| दोसरी बार अब, जब वसुंधरा राजे नेता प्रतिपक्ष बनी है| हम ने 09 जनवरी, 2010 की अपनी ब्लॉग पोस्ट में लिखा था---" वसुंधरा राजे को अभी 57 वाँ वर्ष चल रहा है,जिस का अंक बनता है-3 | चलित का वर्षांक भी 3 है | ये दोनों ही इन के जन्म के चलित के साथ ‘प्रतिरूप युति’ बनाते हैं| किन्तु अभी चलित अंक 8 (ओज) है | यह चलेगा 19 जनवरी तक | इस के बाद चलित में अंक 8 (सौम्य) शुरू हो जाएगा,जो कि 19 फरवरी तक चलेगा | यह अवधि इन के लिए कुछ राहत वाली भले ही हो,मगर कोई ख़ास फ़ायदेमंद नहीं है | इस कारण इन के परिवर्तन और अनुकूलता वाला समय तो 19 फरवरी के बाद ही आ रहा है;और वह भी 8 मार्च से ज़्यादा | तब इन्हें आयु अंक 4 होगा,क्यों कि उम्र का 58 वाँ वर्ष शुरू होगा | अंक 4 पितृप्रभाव का अंक है | इस लिए तब इन्हें अपने पितृ स्वरुप की ओर लौटना होगा | तात्पर्य यह है कि तब इन्हें अपने पैतृक राजनीतिक ढाँचे यानि पार्टी में प्रमुख भूमिका निभानी पड़ सकती है | वर्ष 2011 पितृ अंक का है | इस लिए इन दोनों की युति में 07 मार्च,2011 (वैसे पूरे 2011 में ही) ये पितृ भूमिका में रह कर किसी प्रभारी की भूमिका निभाते हुए कुछ विवादों का समाधान भी कर सकती हैं | 08 मार्च,2011 से इन्हें 59 वाँ वर्ष शुरू हो जाएगा,जिस का अंक बनता है-5 | यह इनके लिए प्रतिष्ठा-वृद्धि वाला रहेगा | इस आयु अंक के साथ चलित वर्षांक के समन्वय के कारण पार्टी के वरिष्ठ/बड़े पदाधिकारी आश्चर्यजनक रूप से इन के साथ होंगे | तब इन के कई और विरोधियों का भी हिसाब-किताब निपट जाएगा |"
               मित्रो, इस प्रकार आप देख ही रहे हैं कि आयु-अंक के रूप में पितृ अंक (4-58 वाँ वर्ष)) व चलित वर्ष-अंक के रूप में भी पितृ अंक (4- कैलेण्डर वर्ष 2011) का साथ होते ही वसुंधरा राजे पर पितृ-कृपा बरसी| इस में भी जैसे ही 19 फरवरी  को चलित का शनि पूरी तरह उतरा, पार्टी के पितृ-पुरुष (GODFATHER) यानि आलाकमान ने यह पद स्वीकारने के लिए वसुंधरा राजे की मिन्नतें कीं|  इन के विरोध में कुछ लोग अभी भी बताये जाते हैं| भले ही हो| इन के विरोधियों को हिंदी की एक कहावत किसी विशेषज्ञ से समझ लेनी चाहिए--- 'रानी रूठेगी तो अपना सुहाग लेगी'| हम ने अपनी उक्त ब्लॉग पोस्ट में इन के अंकों की प्रबलता का खुल कर जिक्र किया है| आइए, आप की सेवा में एक बार फिर से उक्त पोस्ट का वह हिस्सा फिर से रख देते हैं| हम ने लिखा था--- " इन के यहाँ प्रबल ‘शत्रुहन्ता योग’ है | इस का तात्पर्य यह है कि जो कोई इन के साथ सीधे-सीधे लड़ाई मोल लेगा,उसे झुकना ही पड़ेगा,वरना वह मिट जाएगा | हाँ,अगर इन के विरोधी इन से हाथ मिला लेंगे तो उन का मान-सम्मान और अस्तित्व बच जाएगा | ज़्यादा दिन नहीं हुए हैं कि जब पार्टी में अधिकांश लोग इन के पीछे हाथ धो कर पड़ गये थे कि इन से ‘नेता प्रतिपक्ष’ के पद से इस्तीफ़ा लेना ही है | इन्हें मोटे-मोटे अल्टीमेटम दिये जा रहे थे | तब बात है शायद 13 अगस्त,2009 की | हम अपने अग्रज-तुल्य और राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजदीपक रस्तोगी के घर उन के साथ बैठे थे | तब उन के पूछने पर हम ने इसी ‘शत्रुहन्ता योग’ का हवाला देते हुए कहा था कि चाहे कुछ हो जाए,वसुंधरा राजे अपने पद से इस्तीफ़ा तो तभी देंगी,कि जब वे ख़ुद चाहेंगी | हम ने यह भी कहा था कि राजनाथ ने अपने जीवन की एक बहुत बड़ी भूल कर दी है,जो कि इन से इस तरह भिडंत ले ली | साथ ही लालकृष्ण आडवाणी ने भी इन के साथ ऐसा व्यवहार कर के बेवकूफी कर ली है | अब इन दोनों को तो अपने-अपने पद से जाना ही होगा | आप सभी के सामने आ ही चुका है कि ऐसा ही हुआ है | हम इन के साथ के ऐसे कई उदाहरण बता सकते हैं | अभी भी जो लोग इन के साथ सीधी लड़ाई ले रहे हैं,उन का भी ऐसा ही हश्र होना है | इतना ही तगड़ा यह योग गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है,जिस का जिक्र हम उन के बारे में विधानसभा चुनाव-2007 में E TV अपनी भविष्यवाणी में कर चुके हैं |"
तो मित्रो, आप देख ही चुके हैं कि वसुंधरा राजे के नेता प्रतिपक्ष बनाने से हमारी भविष्यवाणी किस प्रकार सही साबित हुई| अभी तो इंतज़ार कीजिए कि इन के बारे में उक्त हमारी भविष्यवाणी के अन्य हिस्से भी वक़्त आने पर सही साबित होंगे|
               आज बस इतना ही| कल फिर मिलेंगे 'अंक प्रभा' के फरवरी, 2011 के कुछ पृष्ठ ले कर| तब तक आज्ञा दीजिए| ......... आज के आनंद की जय| .......... जय श्री राम|