गुरुवार, 28 मई 2020

कोरोना वायरस : भविष्यवाणीपरक विशद विश्लेषण

             जय श्री राम ............ आदरणीय मित्रो, एक लम्बे समय बाद आपसे बात हो रही है| पिछले लगभग डेढ़-दो सालों से आपसे यहाँ बातचीत का क्रम टूट-सा गया है| इस बीच आपसे बात तो होती रही है; किन्तु वह you tube और facebook पर होती रही है, यहाँ बहुत कम ही बात हुई है| चुनावी भविष्यवाणियों के क्रम में कभी-कभार आपसे यहाँ बात हो पायी है| अब सोचा तो है कि यहाँ बातचीत का यह क्रम निरन्तर बनाए रखें, शेष तो जो प्रभु को स्वीकार| 
            हमारी 'कृपात्रयी' (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से भविष्यवाणी कहने और इस में सफल रहने का क्रम निरन्तर बना हुआ है| बीच-बीच कभी अभ्यास या एकाग्रता बाधित होने से  कोई भविष्यवाणी ग़लत भी हो जाती है| प्रतिबद्ध ज्योतिषी होने के नाते समाज व राष्ट्र के हित में इनसे सम्बद्ध विषयों के बारे में भविष्यवाणी करना हमारा कर्त्तव्य है और हम इसे निरन्तर निभाते आ रहे हैं और सदा निभाते रहेंगे| कभी-कभार किसी भविष्यवाणी के ग़लत ठहरने से हम न तो कभी विचलित हुए हैं और न ही कभी होंगे| भविष्यवाणी सही ठहरने के लालच या ग़लत ठहरने के भय से हमारा भविष्यवाणी करना या न करना सम्बन्धित नहीं है|  अपने इसी संकल्प के निर्वहन में सदा आपका साथ चाहिए|
           covid19 या कोरोना वायरस ने समूचे विश्व को अपने पंजे में जकड और पकड़ रखा है| समस्त विश्व हाहाकार कर रहा है| विश्व की महाशक्तियाँ इसके सामने विवश प्रतीत हो रही हैं| चीन से फैला यह कोरोना वायरस अभी भी विदा होने का नाम नहीं ले रहा है| न तो इसका कोई टीका बनाने में अभी तक सफलता मिल पायी है और न ही इसकी रामबाण कोई दवा बन पायी है| चिकित्सा विज्ञान जगत् अपनी पूरी क्षमता से इस वायरस से मानव समुदाय को मुक्ति दिलाने में जुटा हुआ है ही, किन्तु मानव समुदाय संकट की इस घडी में ज्योतिषी समुदाय की ओर बहुत आशाभरी व अपेक्षा की दृष्टि से देख रहा है| वह चाहता है कि ज्योतिषी अपनी भविष्यकथन की क्षमता से यह बताए कि इस संहारक वायरस से कब तक मुक्ति मिलेगी? अनेक ज्योतिषी अपनी-अपनी क्षमता से इस बारे में भविष्यवाणी कर भी रहे हैं| हमने भी अपना कर्त्तव्य-निर्वहन करने के लिए अंक ज्योतिष के आधार पर ऐसा करने की सोची है|
             तो आइए, एक दृष्टिपात करते हैं इस दिशा में| वास्तव में वर्तमान कोरोना वायरस की उत्पत्ति या फैलाव वर्ष 2020 का नहीं, अपितु वर्ष 2019 का है| यह सम्भवतः चलित अंक 6 से अंक 3 अर्थात् 21 सितम्बर से 20 दिसम्बर का है| ध्यान दिये जाने वाली बात यह है कि तब वर्षांक भी 3 ही था| वायरस के मामले में अंक 3 अंक 6 के साथ शरीर की माँसपेशियों में घातक रूप से आक्रमण करता है, अंक 9 के साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम करता है और अंक 3 अपने दोहराव में प्रसरण अर्थात् फैलाव करता है| जब तक चलित वर्षांक 3 चल रहा था  अर्थात् वर्ष 2019 चल रहा था, तब तक इसका प्रसरण इतना अधिक घातक रूप नहीं ले पाया था, किन्तु वर्ष 2020 में इसने घातक रूप लय और समस्त विश्व में त्राहि-त्राहि मचा दी| ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्ष 2020 का अंक 4 रक्त परिसंचरण का है| यह अंक 4 बना है दो अंक 2 से| इन तीनों का त्रिकोण ऐसे बनता है कि आधार में आएँगे दोनों अंक 2 और शीर्ष पर आएगा अंक 4| अंक 2 शरीर के भीतरी भाग का है| अपने दोहराव की स्थिति में यह शरीर के भीतर की गहन प्रविष्टि की अवस्था का बन गया| पूर्व में ही विद्यमान वायरस के तत्त्वों के साथ संयुग्मन की अवस्था बना कर इस अंक 2-2-4 के त्रिकोण  के साथ अंक 4 ने रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में संक्रमण की स्थिति बना दी| 20 फरवरी तक चलित में अंक 8 था| यह भी संक्रमण के प्रसरण के अनुकूल था, किन्तु संक्रमण का सर्वाधिक भयावह प्रसरण हुआ अंक 21 फरवरी से 20 अप्रेल के मध्य| इस अवधि में 21 फरवरी से 20 मार्च की अवधि का चलित अंक 3 व 21 मार्च से 20 अप्रेल तक की अवधि का चलित अंक 9 था| यह अंक 3 वही वर्ष 2019 में हानिकारक स्वरूप वाला ही था| अंक 9 के मामले में एक आकलन यह भी था कि यह अवधि कोरोना वायरस का असर कम कर सकती है (तब हमारा भी ऐसा विचार था| इसी कारण हमारा उस समय का आकलन ग़लत भी हुआ), किन्तु ऐसा नहीं हुआ| इसका एक कारण समझ आ रहा है| एक कैलेंडर वर्ष में अंक 9 दो बार आता है| धनात्मक रूप में 21 मार्च से 20 अप्रेल और ऋणात्मक रूप में 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर की अवधि में| चूँकि अंक 9 के धनात्मक रूप की अवधि (21 मार्च से 20 अप्रेल) कोरोना वायरस से मुक्ति नहीं मिली तो इसका तात्पर्य यह हुआ कि इसके ऋणात्मक रूप की अवधि (21 अक्तूबर से 20 नवम्बर) इससे मुक्ति की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है| अंक ज्योतिष ऐसी महामारियों के बारे में पूर्व में ऐसा कोई सिद्धान्त या विधि नहीं है (अंक ज्योतिष में गहन साहित्य उपलब्ध ही नहीं है)| हम अपने शोधकर्म से प्राप्त तथ्यों को प्रयोग कर परिणाम प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, इसलिए इस विषय में कुछ ऊँच-नीच की सम्भावना है| जैसे हमारा एक प्रयोग यह था कि अंक 9 की धनात्मक अवधि इस वायरस के निराकरण में प्रमुख भूमिका निभाएगी और 20 अप्रेल तक वायरस से पीड़ितों के मामलों में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी, किन्तु ऐसा नहीं हुआ| अब हम अंक 9 की दूसरी अवधि काम ले रहे हैं| निष्कर्ष यह ठहरा कि 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर की अवधि में कोरोना वायरस से बहुत कुछ मुक्ति मिल सकती है|
             यह तो यह ठहरा कि कोरोना वायरस से कब तक बहुत कुछ मुक्ति मिल सकती है, यह बात; किन्तु यह भी तो देखा जाए कि इसके पीड़ितों की संख्या में गिरावट कब और कितनी रह सकती है? अंक ज्योतिष का यह आकलन है कि ऐसे वायरस के इतना घातक और प्रसरित होने में अंक 4 के साथ अंक 7 (केतु) की प्रमुख भूमिका रहती है| अंक 4 तो वर्षांक के रूप में पूरे वर्ष रहेगा| अब इस अंक 4 के साथ अंक 7 चलित में आएगा 21 जून से और रहेगा 20 जुलाई तक| इस अवधि में इस अंक 7 के साथ अंक 2 भी रहेगा| यह अवधि 'कोढ़ में खाज' का काम करेगी क्योंकि (जैसा कि हम इस आलेख में पहले भी कह चुके हैं) अंक 2 शरीर के भीतरी भाग का है| इस में 30 जून तक चलित अंक 2-7 के साथ मासांक 6 रहेगा|  अंक 6 का इन अंकों के साथ संयुग्मन कोई बहुत सुखदायी नहीं रहता है| अंक 7 और अंक 4 की यह घातक युति 01 जुलाई से तीव्र हो सकती है| 20 जुलाई तक चलित अंक 2-7 की उपस्थिति में इसकी घातक अवस्था रह सकती है| इसके तत्काल बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक अंक 1-4 की चलित अवस्था आरम्भ हो जाएगी| यह भी कोई अच्छी नहीं कही जा सकती है| इस में भी विशेषकर 21 जुलाई से 31 जुलाई तक मासांक 7 के साथ-साथ चलित अंक 4 (अंक 1 के साथ) रहेगा, जो कि बहुत हानिकारक है| अतः निष्कर्ष यह ठहरा कि 01 जुलाई से 31 जुलाई तक का समय कोरोना वायरस के मामले में बड़ी हानि या बड़े विस्फोट वाला रह सकता है| 01 जुलाई से इस मामले में राहत मिलनी आरम्भ हो सकती है, जिसकी गति 20 अगस्त के बाद अच्छी हो सकती है| इस वायरस के मामले में अंक 5 की भूमिका ठीकठाक है, इसलिए इसकी  चलित अवस्था की प्रथम अवधि अर्थात् 21 मई से 20 जून में राहत की स्थिति मिलनी आरम्भ हो सकती है| इसी अंक 5 की द्वितीय अवधि अर्थात् 21 अगस्त से 20 सितम्बर के बीच भी अच्छी राहत मिलने वाला मामला रह सकता है|
           अब यहाँ एक और तथ्य विशेष ध्यान दिए जाने योग्य है कि क्या कोरोना वायरस का प्रकोप समस्त विश्व में एकसमान ही घातक रहेगा??? तो इस का सीधा-सपाट उत्तर है कि नहीं| हमने 20 मार्च, 2020 के अपने you tube वीडियो में कहा था कि अंक 3 व अंक 9 की सकारात्मक अवस्था की प्रबलता के कारण हमारे देश भारत में इसका प्रकोप विश्व के अन्य राष्ट्रों से तुलनात्मक रूप से कम होगा| हमारे देश में कोरोना वायरस महामारी का रूप नहीं ले पाएगा| इसका सर्वाधिक विस्फोटक रूप इसके जन्मदाता चीन, यूरोपीय और अमरीकी देशों में होगा| हमने अपने उक्त video में कहा था कि चीन को चलित अंक 9 (21 मार्मेंच से 20 अप्रेल) में कोरोना वायरस से महत्त्वपूर्ण मुक्ति मिल जाएगी; और ऐसा ही हुआ| यहाँ यह भी ध्यान दिए जाने वाली बात है कि अंक 9 की उक्त अवधि निर्णायक प्रतीत भले ही होती हो, किन्तु वास्तव में ऐसा है नहीं| अतः इसी अंक 9 की दूसरी चलित अवधि (21 अक्तूबर से 20 नवम्बर) में चीन में इस कोरोना वायरस का दूसरा आक्रमण या इसके ही किसी अन्य रूप का आक्रमण हो सकता है| इसलिए न केवल चीन, अपितु पूरे विश्व को इस विषय में पूर्ण सचेतन अवस्था में रहना होगा|
             मित्रो, हमने कोरोना वायरस के बारे में यह अपना विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया है| प्रभु से प्रार्थना है कि वे अखिल विश्व का जीवन संरक्षित, सुरक्षित और संवर्धित करें| इस भविष्यवाणी के रूप में हमने तो अपने ज्योतिषीय कर्त्तव्य का निर्वहन किया है|
             आज के लिए बस इतना ही| जल्दी ही फिर भेंट होगी| ........ आज एक आनन्द की जय ........... जय श्री राम|          

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