सोमवार, 12 अक्तूबर 2015

बिहार विधान सभा चुनाव-2015 : भाग-1 : किसकी सरकार?


           जय श्री राम ... आदरणीय मित्रो, बहुत समय हो गया आपसे बात किये| 'आज की हस्ती' स्तम्भ के पेटे भी सितम्बर व अक्टूबर महीने की बातें करनी बाक़ी हैं| अभी तो उनकी बात नहीं करेंगे| अभी उस ज्वलंत मुद्दे की बात करेंगे, जिस ने पूरे देश की साँसें रोके रखी हैं| हमारी 'कृपात्रयी' (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हम यह आकलन प्रस्तुत कर रहे हैं| बिहार विधान सभा के चुनाव सिर पर आ गये हैं| न सिर्फ़ देश, बल्कि विदेश में भी इन चुनावों पर बहुत उत्सुकता की दृष्टि है| ये चुनाव किसी विधान सभा के 'सामान्य चुनाव' के रूप में लिए जाने वाले नहीं हैं| सबको उत्सुकता यह जानने में है कि नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी का 'विजय रथ' क्या ठीक वैसे ही रोक पाते हैं, जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने रोका था? या फिर 'मोदी रथ' लोक सभा चुनाव की तरह एक बार फिर सबको रौंदता हुआ निकल जाएगा?     
      चुनाव-कार्यक्रम
प्रथम चरण का मतदान:-12-10-2015; सोमवार           द्वितीय चरण का मतदान:-16-10-2015;शुक्रवार
तृतीय चरण का मतदान:-28-10-2015; बुधवार            चतुर्थ चरण का मतदान:-01-11-2015; रविवार
पंचम चरण का मतदान:-05-11-2015; गुरुवार
मतगणना:-08-11-2015; रविवार
       आइए, अब सबसे पहले तो बिहार की बात करते हैं| इस राज्य के ख़ुद के अंक क्या कह रहे हैं, यह जानना बहुत ज़रूरी है|
बिहार
निर्माण:-22-03-1912: शुक्रवार
मूलांक:-4        भाग्यांक:-2       आयु-अंक:-5 (104 था वर्ष)       निर्माण का चलित अंक:-9      नामांक=11=2
        बिहार का न सिर्फ़ मूलांक 4 है, बल्कि इसके निर्माण का वर्षांक भी 4 है| यह बहुत महत्त्वपूर्ण है| यह अंक जब-जब भी प्रभाव में आया है; भले ही वह राज्य के चलित में आया हो या कैलेंडर वर्ष में, तब इस ने अपना रंग अवश्य दिखाया है| साथ ही अंक 1 व अंक 8 ने भी इस राज्य के मामले में अपना प्रभाव अवश्य दिखाया है| ये दोनों ही अंक अंक 4 के विरोधी हैं, इसलिए तब इन दोनों अंकों ने उठापटक वाले परिणाम दिये| इस राज्य को अंक 4 की दशा पिछली बार वर्ष 1994 में आयी, जो कि वर्ष 1997 तक रही| पितृ अंक की इस दशा ने इस राज्य के 'पितृ सत्तात्मक स्वरूप' यानि मुख्यमन्त्री (लालू प्रसाद यादव) के रूप को बरक़रार रखा| इसके बाद अंक 8 की दशा आरम्भ हुई| इसने अपना चमत्कार दिखाया और राज्य के 'पितृसत्तात्मक स्वरूप' में बड़ा उलटफेर किया तथा लालू प्रसाद को हटा कर दूसरा मुख्यमन्त्री (राबड़ी देवी) बना दिया| तब कैलेंडर वर्ष का अंक भी 8 (1997) था| अंक 8 ने इतनी ही उठापटक नहीं की, बल्कि समाप्त होते वर्ष 2005 में 'पितृसत्तात्मक स्वरूप' में बहुत बड़ा परिवर्तन कर दिया; राज्य की कमान नीतीश कुमार के हाथों में सौंप दी| वर्ष 2010 में अंक 7 की अनुकूल दशा में यह स्वरूप बरक़रार रहा और नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बने; मगर उनकी एक ग़लती उन पर बहुत भारी पड़ी और इस चुनाव में भी पड़ेगी| नीतीश कुमार ने मूलांक 8 (26 नवम्बर) में पद की शपथ ली| इस दिन भाग्यांक 4 था| यहाँ पितृ अंकों के भ्रष्ट होने के कारण ही नीतीश कुमार ने 'पितृ पुरुष' के रूप में भारी गलतियाँ कीं, उनके दाँव उलटे पड़े| उन्होंने स्वयं को पितृ पुरुष की भूमिका में रखते हुए जीतन राम मांझी को मुख्यमन्त्री बनाया और बाद में इस क़दम को 'जीवन की सबसे बड़ी भूल' बताया| अपने भाजपाई शुभचिंतकों के माध्यम से हमने वर्ष 2010 के चुनाव-परिणाम वाले दिन नीतीश कुमार तक यह सन्देश भिजवाया था कि वे 26 नवम्बर को शपथ न लें, किन्तु ऐसा नहीं हुआ और इसका परिणाम सामने है|
       बिहार राज्य को अभी अंक 5 की दशा चल रही है| यह क्या-क्या करेगी, इस चर्चा से पहले तनिक यह देख लेते हैं कि पिछली बार जब यह अंक 5 की दशा आयी, तब इसने क्या-क्या रंग दिखाए थे? पिछली बार यह दशा वर्ष 1986 में शुरू हुई थी, जो कि वर्ष 1990 तक चली थी| इसका 'पूर्व प्रभाव' वर्ष 1985 में शुरू हो गया था| इस दशा ने तब बिहार को पाँच मुख्यमंत्री दिये थे| पहली अर्द्धली में बिन्देश्वरी दुबे (1985 से 1988); दूसरी अर्द्धली में भागवत झा आज़ाद (1988-1989), सत्येन्द्र नारायण सिन्हा (1989-1989), जगन्नाथ मिश्र (1989-1990) और लालू प्रसाद यादव(1990 में)| अब बात करते हैं इस अंक की इस बार की दशा की| ठीक-ठीक बिन्देश्वरी दुबे वाली स्थिति की तरह नीतीश कुमार ने पहली अर्द्धली में शासन किया, फिर जीतन राम मांझी ने भगवत झा आज़ाद की तरह दो कैलेंडर वर्षों में पाँव रखा (वर्ष 2014-2015); इस के बाद नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बने, मगर सत्येन्द्र नारायण सिन्हा की तरह एक ही कैलेंडर वर्ष (2015) में पद से हट जाएँगे और बिहार को (जगन्नाथ मिश्र की तरह इस दशा का चौथा) नया मुख्यमंत्री देखने को मिलेगा और यह इस दशा का चौथा मुख्यमंत्री होगा| अब यहाँ एक बहुत ख़ास बात और| बिहार अंक 5 की यह दशा वर्ष 2017 तक चलेगी| इसके चमत्कार तो अभी शेष हैं| यह दशा उतरते-उतरते अभी वाले मुख्यमंत्री को 'जगन्नाथ मिश्र' सिद्ध करते हुए पाँचवाँ मुख्यमंत्री वर्ष 2017 तक दे सकती है या वैसी परिस्थितियाँ बना सकती है| तब जो नया मुख्यमंत्री बनेगा या पद पर बरक़रार रहेगा, वह लम्बी पारी खेल सकता है| अब देखें कि बिहार के भाग्य में क्या बदा है?
        अभी बिहार को अंक 5 की न सिर्फ़ दशा चल रही है, बल्कि इसका आयु-अंक भी 5 है| साथ ही वर्ष 1997 में जिस अंक 8 ने वर्षांक के रूप में लालू प्रसाद को पद से हटाया (और ऐसा हटाया कि अब कभी नहीं आ सकेंगे), वही वर्षांक 8 अभी चल रहा है| अंक 5 व अंक 8 की यह युति यथास्थिति के विरुद्ध है| इसलिए नीतीश कुमार का पद-त्याग तो होगा| इस में अंक 8 व अंक 5 वाले नरेन्द्र मोदी की विशिष्ट भूमिका रहेगी| हमने वर्ष 2010 के विधान सभा चुनाव के समय अपनी भविष्यवाणी में साफ़-साफ़ कहा था कि अभी जो परिवर्तन होगा, वह अगले 18 वर्षों (वर्ष 2018) तक चलेगा यानि तब तक कोई 'समूहगत' या 'विचारधारागत' बड़ा परिवर्तन नहीं होगा; वही इस बार होगा| तब चुनाव जीतने वाली भाजपा ही इस बार फिर से बिहार की सत्ता पर काबिज़ होने जा रही है| साथ ही वर्ष 2010 की अपनी उस भविष्यवाणी में हमने यह भी कहा था कि राम विलास पासवान अब फिर से तभी सत्ता-सुख प्राप्त कर सकते हैं, जबकि वे भाजपा के साथ आ जाएँ; भले ही चाहे केंद्र हो या राज्य| आप देख लीजिए कि केंद्र में तो ऐसा हो चुका है, अब यह बिहार में होने जा रहा है|          
            आइए, अब यह देखते हैं कि किस गठबंधन को कितनी सीटें मिल सकती हैं? साथ ही अन्य के खाते में कितनी सीटें जा सकती हैं?
    सीट-संख्या के लिए गणना
          चरण-प्रथम
            गणना में प्रयुक्त अंक                           मतगणना:-08-11-2015 (रविवार)
    मतगणना का मूलांक:-8                    विधान सभा अंक:-7 (16 वीं)
    मतगणना का भाग्यांक:-9                  चुनावी वर्षांक:-8 (2015)
    मतगणना का चलित अंक:-9                मतगणना का मासांक:-2 (नवम्बर)
    मतगणना का दिन-अंक:-1, 4             कुल सीटें:-243       
   
क्र. सं.
    व्यक्ति/दल
मूलांक
भाग्यांक
 आयु-अंक
नामांक
   योग
महायोग
1
भारतीय जनता पार्टी
06-04-1980
6
2-
1
3-
 9 (36)
2+
2 (47)
5+
2+/4=.5+
3.75+/3
=1.25+
2
अमित शाह
22-10-1964
4
2-
7
5+
7 (52)
5+
6 (24)
2-
6+/4=1.5+
3
मंगल पाण्डेय
31-12-1972
4
2-
8
4+
7 (43)
5+
4 (40)
2-
7+/4=1.75+
4
लोक जनशक्ति पार्टी
28-11-2000
1
3-
5
2+
6 (15)
2-
6 (51)
2-
5-/4=1.25-
6+/3
=2+
5
राम विलास पासवान
05-07-1946
5
2+
5
2+
7 (70)
5+
9 (45)
2+
11+/4=2.75+
6
पशुपति कुमार पारस



5 (68)
2+
2+
7
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (धर्मनिरपेक्ष) 08-05-2015
8
4+
3
4+
1
3-
2 (92)
5+
10+/4=2.5+
7+/3
=2.33+
8
जीतन राम मांझी
06-10-1944
6
2-
7
5+
9 (72)
2+
9 (36)
2+
7+/4=4.25+
9
शकुनी चौधरी
04-01-1941
4
2-
2
5+
3 (75)
4+
3 (57)
4+
11+/4=2.75+
10
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
03-03-2013
3
4+
3
4+
3
4+
7 (61)
5+
17+/4=4.25+
5.75+/3
=2.87+
11
उपेन्द्र कुशवाहा
02-06-1960
2
5+
6
2-
2 (56)
5+
6 (60)
2-
6+/4=1.5+
12
जनता दल (यूनाइटेड)
30-10-2003
3
4+
9
2+
4 (13)
2-
1 (46)
3-
+/4=.25+
4+/3
=1.33+
13
शरद यादव
01-07-1947
1
3-
2
5+
6 (69)
2-
2 (29)
5+
5+/4=1.25+
14
डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह
02-04-1942
2
5+
4
2-
2 (74)
5+
9 (72)
2+
10+/4=2.5+
15
राष्ट्रीय जनता दल
05-07-1997
5
2+
2
5+
1 (19)
3-
5 (41)
2+
6+/4=1.5+
10.25+/3
=3.41+
16
लालू प्रसाद यादव
11-06-1948
2
5+
3
4+
5 (68)
2+
9 (45)
2+
13+/4=3.75+
17
डॉ. रामचंद्र पूर्वे



7 (61)
5+
5+
18
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
02-01-1978
2
5+
1
3-
2 (38)
5+
3  (75)
4+
11+/4=2.75+
3.5+/3
=1.16+
19
सोनिया गांधी
09-12-1946
9
2+
5
2+
2 (65)
5+
9 (36)
2+
11+/4=2.75+
20
डॉ. अशोक चौधरी




4 (58)
2-
2-

         द्वितीय चरण
         एन डी ए=भाजपा+एल जे पी+एच ए एम+आर एस एल पी
                 =1.25+/2+/2.33+/2.87+=8.45+

         महागठबंधन=जनता दल (यूनाइटेड)+राजद+कांग्रेस
                   =1.33+/3.41+/1.16+=5.9+

         योग=8.45+/5.9+=14.35+

                  एन डी ए =8.45/14.35=58.88*243=143.09 सीटें 
                                =143 सीटें/कम-अधिक 7=136-150 सीटें
                                =143-4=139 सीटें       अन्य=04 सीटें
           
                  महागठबंधन=5.9/14.35=41.11*243=99.9 सीटें
                   =100 सीटें/कम-अधिक 5=95-105 सीटें
                                       =100-3=97 सीटें      अन्य=03 सीटें
                अन्तिम परिणाम
           एन डी ए=139    महागठबंधन=97    अन्य=07
         अतः इस आकलन से स्पष्ट है कि बिहार में इस बार भाजपा की अगुआई में एन डी ए सरकार बनाने जा रहा है| इस सम्बन्ध में अपनी बात यहाँ समाप्त नहीं हुई है| अभी तो सीटवार आकलन बाक़ी है| अगली पोस्ट में आपसे वही चर्चा करेंगे| आज के लिए बस इतना ही| ........ आज के आनन्द की जय| .......... जय श्री राम|