शनिवार, 28 फ़रवरी 2015

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 : हमारी भविष्यवाणी ग़लत ठहरने के कारण

जय श्री राम ............ आदरणीय मित्रो, आज हम आपसे एक बहुत महत्त्वपूर्ण बात करने आये हैं| वैसे तो यह बात भी सही है कि आपके साथ होने वाली हर बात महत्त्वपूर्ण ही होती है, किन्तु यह बात कुछ और अर्थ में बहुत महत्त्वपूर्ण है| हम हमेशा अपनी सही ठहरने वाली भविष्यवाणियों की बात तो आपसे करते ही रहते है, किन्तु 
आज आपसे अपनी एक ग़लत ठहरी भविष्यवाणी की बात करते हैं| दिल्ली विधानसभा के हालिया चुनाव के बारे में की गयी हमारी भविष्यवाणी बुरी तरह ग़लत ठहरी| वैसे तो भविष्यवाणी का सही या ग़लत होना तो चलता रहता है| और फिर हमारी भविष्यवाणियों के सही ठहरने का प्रतिशत तो 90-95% से भी अधिक रहता है| ऐसे में कोई भविष्यवाणी ग़लत हो भी जाती है तो चलता है| उसे लेकर दिल और दिमाग़ को इतना परेशान करने की आवश्यकता नहीं रहती, किन्तु हमारी सोच यह है कि इस भविष्यवाणी का विश्लेषण कर हम आपके साथ पारदर्शिता को नया व मज़बूत रूप देना चाहते हैं| आप अब तक यह तो अच्छी तरह समझ ही चुके हैं कि हमारी हर भविष्यवाणी के पीछे कितनी मेहनत रहती है| ज्योतिष के विद्यार्थी होने के नाते हम अपनी हर भविष्यवाणी के सही या ग़लत होने का विश्लेषण करते हैं| इस बार नया यह है कि हम इस विश्लेषण को आपके साथ साझा कर रहे हैं| 
           सबसे पहले तो हम अपनी इस ग़लत ठहरी भविष्यवाणी के लिए क्षमा चाहते हैं| फिर चर्चा करते हैं पहले कारण की| यह है कांग्रेस की स्थापना-दिनांक| यहाँ वर्ष 1985 वाली दिनांक काम नहीं करती है| चुनाव आयोग में यह पार्टी 22 नवम्बर, 1969 से 'इंदिरा कांग्रेस (इंका)' के नाम से पंजीकृत हुई| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' के नाम से यह 02 जनवरी, 1978 से है| दिसंबर, 2003 के राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के बाद से हम कांग्रेस की दिनांक 02-01-1978 लेते आ रहे हैं| इसी गणना से सफलता का प्रतिशत भी अच्छा रहता आया| इस बार एक प्रयोग किया| सोचा कि कांग्रेस की दिनांक 22-11-1969 लेकर देखा जाए| यहाँ भी दो रूप होते हैं| अंक 8 को अंक 8 के साथ धनात्मक (+) अवस्था और अंक 8 की अंक 8 के साथ ऋणात्मक (-) अवस्था| हमने यहाँ धनात्मक (+) अवस्था काम ली| इससे कांग्रेस का .5+, सोनिया गांधी का 2.5+ और अरविंदर सिंह लवली का 4.25+ बना| इस प्रयोग ने निराश किया|
            अब बात करते हैं एक अन्य प्रमुख कारण की| कांग्रेस के दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की दो जन्म-दिनांक उपलब्ध हैं| एक तो 11-12-1968 व दूसरी 03-01-1965| पहली जन्म-दिनांक से मूलांक 2, भाग्यांक 2 व आयु-अंक 2 (47 वाँ वर्ष) ठहरता है| दूसरी जन्म-दिनांक से मूलांक 3, भाग्यांक 7 व आयु-अंक 6 (51 वाँ वर्ष) ठहरता है| हमने दूसरी वाली जन्म-दिनांक यानि 03-01-1965 काम ली, जबकि इनकी जन्म-दिनांक के रूप में पहली वाली यानि 11-12-1968 बहुतायत से काम ली जाती है| हमारा यह प्रयोग ग़लत रहा|
             अब आते हैं सबसे बड़े कारण की ओर| हमने अपनी आरंभिक गणनाओं में भाजपा को अकेली रखा, यानि शिरोमणि अकाली दल को इसके साथ नहीं रखा; बल्कि हमने तो अकाली दल को गणना में ही सम्मिलित नहीं किया| तब भाजपा की सीटें 3 से 5 आ रही थीं| इसके बाद यह सोच कर कि क्यों न 'शिरोमणि अकाली दल' को गणना में सम्मिलित किया जाए; अकाली दल को न सिर्फ़ गणना में सम्मिलित किया, बल्कि उसे भाजपा के साथ भी जोड़ दिया| यहाँ अकाली दल का 3.75+, प्रकाश सिंह बादल का 3.5+ व इनके दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष मंजीत सिंह जी के का 5.25+ बना| भाजपा के साथ जोड़ते ही इन दोनों दलों के अंक 'प्रचण्डावस्था' में आ गए, जिसके परिणामस्वरूप हमने इन दलों को संयुक्त रूप से 37 (काम-अधिक 6) सीटें दे दीं| इस प्रयोग ने घोर निराश किया| यह एक बहुत बड़ी ग़लती थी| हमें अकाली दल को 'गौण' की श्रेणी में रखते हुए गणना से बाहर रखना चाहिए था और भाजपा को अकाली दल से अलग ही रखना था| दिसंबर, 2013 के विधानसभा चुनावों में हमने यही किया था और उसका परिणाम सुखद रहा था| तब हमने भाजपा को 34 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की थी और भाजपा को 32 सीटें मिली थीं|
              इस प्रकार आपके सम्मुख यह विश्लेषण रखते हुए हमने अपनी इस भविष्यवाणी के ग़लत ठहरने के कारण खोजते हुए सारी बात की है| भविष्यवाणी करना कोई हवा में लाठी भांजना या फ़तवा जारी करना नहीं है| हमारी हर भविष्यवाणी अपना एक ठोस आधार लिए होती है| यह विश्लेषण इस तरह आपके सम्मुख रखने के पीछे पारदर्शिता ही हमारा उद्देश्य है|              
              आपके सार्थक सुझावों का सदैव स्वागत है|
              मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ........... जय श्री राम|