गुरुवार, 7 अक्तूबर 2010

बिहार विधानसभा चुनाव-2010 :::भाग-8 ---किसे कितनी सीटें + कौन बनेगा मुख्यमंत्री ?

 जय श्री राम ........... | आदरणीय मित्रो,बिहार विधानसभा चुनावों के सिलसिले में कल हम ने रामविलास पासवान के अंकों का विश्लेषण किया था | इसी क्रम में समापन के रूप में आज हम यह बात करेंगे कि प्रमुखत: किस दल को कितनी सीटें मिल सकती हैं,और किस के सिर पर मुख्यमंत्री का सेहरा सजेगा ?

                                                        किसे कितनी सीटें ?
                                        जनता दल (यूनाइटेड ):---              80-85
                                        भाजपा:---                    60-65
                                        राष्ट्रीय जनता दल:---            50-55
                                        कांग्रेस:---                     08-12
                                        लोकजनशक्ति पार्टी(पासवान):---   05-08
                                            मुख्यमंत्री कौन ?
                    अब तक का सारा विश्लेषण पढ़ने के बाद इतना संकेत तो आप भी पा गये हैं कि आगामी चुनावों के बाद किस दल/गठबंधन की सरकार बनेगी ? राजस्थानी भाषा की एक कहावत है कि ''घोड़ी चढ़े जिको ई तोरण मारे'' | इस का मतलब है कि जो अभियान का मुखिया होता है,सफलता की वरमाला पहनने का हक़दार भी वही होता है | जाहिर-सी बात है कि जब जद (यू) और भाजपा नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ कर सब से ज़्यादा सीटें (बहुमत) पा रहे हैं,तो मुख्यमंत्री का ताज भी नीतीश को ही मिलना है | इस बार के चुनाव के बाद रोचक बात यह रहेगी कि नीतीश के साथ इस होड़ में लालू,कांगेरस,राबड़ी या कोई और नहीं,बल्कि ख़ुद नीतीश ही होंगे | हाँ,यह संभव है कि उन का 'नायब' यानि उपमुख्यमंत्री बदल जाए | इस लिए यदि इस बार उपमुख्यमंत्री के रूप में सुशील कुमार मोदी की जगह कोई और दिखाई दे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए | जैसा की इस भविष्यवाणी के अत्यारंभ में हम ने लिखा है --- " 'वर्षांक-वर्षांक पद्धति' से वर्ष 2010 बिहार के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है | यहाँ से बिहार बहुत ख़ास स्वरुप ग्रहण करेगा,जो कि अगले 18 वर्षों तक कोई बहुत बड़ा 'समूह-वाचक' अथवा 'विचारधारा-वाचक' परिवर्तन नहीं करेगा | हाँ,यह परिवर्तन व्यक्तिवाचक हो सकता है | " इस बार के चुनाव बिहार की राजनीति में बहुत दूर तक का फ़ैसला इकट्ठा ही कर देंगे | अतः हमारे हिसाब से इस बार के इन चुनावों के बाद लालू प्रसाद यादव,रामविलास पासवान आदि नीतीश के सभी समकालीन हमेशा के लिए सत्ता की दौड़ से बाहर हो जाएँगे | ये अब कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएँगे | हाँ,ये सत्ता में भागीदारी पा सकते हैं,मगर तब ही कि जब भाजपा या जद (यू) के साथ आ जाएँ | तब तो ये केंद्र की आगामी सत्ता में भी भागीदारी पा सकते हैं | वर्ष 2028 तक 'समूहवाचक/विचारधारावाचक परिवर्तन' नहीं होने से तात्पर्य यह है कि जो समूह/गठबंधन/विचारधारा इस बार सत्ता में आएगी,कम-ओ-बेश वही वर्ष 2028 तक रह सकती है | हाँ,इस बीच इन का नेतृत्वकारी व्यक्ति बदल सकता है |      
                         तो मित्रो, बिहार विधानसभा के इन चुनावों के बारे में हम अपनी बात आज पूरी कर चुके हैं | हम ने अब तक के कार्यकाल में इस बार सर्वाधिक गहराई से राजनीतिक विश्लेषण किया है | अब गेंद घोटेवाले,माँ बगलामुखी और परम पूज्य गुरुदेव देवराहा बाबा के पाले में हैं | इन की कृपा रहेगी और हम सदा की भाँति इस बार भी सही ठहरेंगे | आज बस इतना ही | अब आज्ञा दीजिए | ......... आज के आनंद की जय | .......... जय श्री राम |